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SIR विवाद पर CWC में कांग्रेस का मंथन, खरगे ने उठाए चुनाव आयोग पर सवाल; जानें क्या हैं 5 मांगें

CWC Meeting Explainer: कांग्रेस की सबसे बड़ी नीति निर्धारक इकाई कांग्रेस वर्किंग कमेटी यानी CWC की बैठक में इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में चल रेह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), मतदाता सूचियों और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली का मुद्दा छाया रहा. बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, राहुल गांधी, सोनिया गांधी, प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए. कांग्रेस शासित राज्यों के सीएम को भी बैठक में बुलाया गया. 

दरअसल यह बैठक ऐसे समय हुई जब SIR की प्रक्रिया और मतदाता सूची में बदलाव को लेकर कांग्रेस और चुनाव आयोग के बीच विवाद बढ़ा हुआ है. कांग्रेस ने जहां प्रक्रिया में पारदर्शिता और मदताताओं के अधिकारों को लेकर सवाल उठाएं हैं, वहीं चुनाव आयोग का कहना है कि SIR से जुड़े आदेश संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया के तहत जारी किए गए हैं. 

SIR क्या है और विवाद किस बात पर है?

सबसे पहले तो यह जान लेते हैं कि आखिर SIR है क्या और विवाद किस बात पर हो रहा है.  Special Intensive Revision मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण की प्रक्रिया है.  इसका मकसद मतदाता सूची को अपडेट करना और पात्र मतदाताओं के नाम सुनिश्चित करना है. इस प्रक्रिया में नाम जोड़ने, हटाने और विवरण में बदलाव जैसे काम शामिल होते हैं. 

मौजूदा विवाद खास तौर पर इस बात को लेकर है कि SIR के दौरान मतदाताओं से किस तरह के दस्तावेज और घोषणाएं मांगी जा रही हैं. इसके अलावा मदताता सूची में बदलाव की प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है. 

चुनाव आयोग के आधिकारिक मदताता पोर्टल पर SIR-2026 के तहत मदताता अपना नाम खोजने, नोटिस के जवाब में दस्तावेज जमा करने और नए मतदाताओं के लिए Form-6 भरने की सुविधा उपलब्ध है. 

CWC में खरगे ने चुनाव आयोग पर क्या आरोप लगाए?

CWC बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने SIR और मतदाता सूचियों को लेकर चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने दावा किया कि मतदाता सूचियों से नाम हटाने की प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है और इससे नागरिकों के मदतान के अधिकार पर असर पड़ सकता है. 

यही नहीं खरगे ने सीईसी ज्ञानेश कुमार पर भी तीखा हमला बोला और उन्हें पद से हटाने की मांग भी की.  यह कांग्रेस का राजनीतिक आरोप है; इसे स्वतंत्र रूप से स्थापित तथ्य के रूप में नहीं देखा जा सकता.

चुनाव आयोग का क्या पक्ष है?

चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए कहा है कि संबंधित आदेश तीनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी से जारी किए गए थे. आयोग ने Form-6 को लेकर भी स्पष्ट किया है कि मूल फॉर्म को बलदा नहीं गया, बल्कि SIR के तहत अतिरिक्त घोषणा से जुड़ा प्रावधान जोड़ा गया है. 

आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर Form-6 अभी भी नए मतदाताओं के पंजीकरण के लिए उपलब्ध है. यानी विवाद Form-6 के इस्तेमाल को खत्म करने का नहीं, बल्कि SIR के दौरान उससे जुड़े अतिरिक्त प्रावधानों और प्रक्रिया को लेकर है. 

दो चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों का मुद्दा क्यों अहम?

विवाद का एक महत्वपूर्ण पहलू चुनाव आयोग के भीतर कथित मतभेदों से जुड़ा है. रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR तथा मतदाता सूची से जुड़े कुछ फैसलों पर कई बार आपत्तियां दर्ज कराईं.

इसी मुद्दे को कांग्रेस ने अपने आरोपों के समर्थन में प्रमुखता से उठाया है. हालांकि, किसी आंतरिक असहमति को अपने आप में चुनाव प्रक्रिया की वैधता पर अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता. यह भी चुनाव आयोग के फैसलों और आगे उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही स्पष्ट होगा कि इन आपत्तियों का वास्तविक प्रशासनिक और कानूनी प्रभाव क्या है.

राहुल गांधी के पुराने आरोपों का भी जिक्र

CWC में खरगे ने राहुल गांधी द्वारा पहले उठाए गए मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया. उन्होंने महादेवपुरा, अलंद, हरियाणा और महाराष्ट्र से जुड़े मामलों में डुप्लीकेट मतदाताओं, संदिग्ध पतों और अन्य विसंगतियों के आरोपों का हवाला दिया.

कांग्रेस इन उदाहरणों को मतदाता सूची की जांच और पारदर्शिता की जरूरत से जोड़ रही है. दूसरी ओर, ऐसे मामलों में किसी अनियमितता की पुष्टि संबंधित निर्वाचन रिकॉर्ड और आधिकारिक जांच से ही मानी जा सकती है.

कांग्रेस की पांच प्रमुख मांगें क्या हैं?

CWC बैठक में कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए पांच प्रमुख मांगें सामने रखीं.

पहली मांग- पूरा डेटा सार्वजनिक किया जाए. कांग्रेस चाहती है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर हुए बदलावों की जानकारी सार्वजनिक हो.

दूसरी मांग- नाम हटाने से पहले सूचना और अपील का अधिकार मिले. पार्टी का कहना है कि जिन मतदाताओं के नाम हटाए जाते हैं, उन्हें इसकी जानकारी देकर अपनी आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाना चाहिए.

तीसरी मांग- राजनीतिक दलों को डेटा सरल प्रारूप में मिले. कांग्रेस चाहती है कि मतदाता सूची से जुड़ा आवश्यक डेटा समय पर उपलब्ध कराया जाए.

चौथी मांग - गंभीर विसंगतियों की स्वतंत्र जांच हो. जहां मतदाता सूची में बड़ी अनियमितता के प्रमाण मिलें, वहां समयबद्ध जांच की मांग की गई है.

पांचवीं मांग - पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता हो. कांग्रेस का कहना है कि चुनाव से जुड़े महत्वपूर्ण फैसलों और डेटा तक पर्याप्त सार्वजनिक पहुंच होनी चाहिए.


SIR विवाद अब केवल मतदाता सूची के तकनीकी पुनरीक्षण तक सीमित नहीं रह गया है. यह चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता अधिकार, डेटा पारदर्शिता और राजनीतिक दलों के बीच भरोसे से जुड़ा व्यापक मुद्दा बन चुका है.

कांग्रेस की CWC बैठक के बाद पार्टी इस मुद्दे को आगे किस स्तर तक ले जाती है, यह देखने वाली बात होगी. विपक्षी दलों की भी 30 सितंबर को इस विषय पर बैठक होने की संभावना जताई गई है.

फिलहाल दो बातें अलग-अलग समझना जरूरी है. कांग्रेस ने SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि चुनाव आयोग ने अपनी प्रक्रिया को कानूनी और संस्थागत मंजूरी के तहत बताया है. अंतिम तस्वीर इस विवाद से जुड़े दस्तावेजों, आधिकारिक जवाबों और जरूरत पड़ने पर न्यायिक समीक्षा के बाद अधिक स्पष्ट होगी.

यह भी पढ़ें - Explainer: क्या चुनाव आयोग ने बोला 'आधा सच'? फॉर्म-6 पर सुप्रीम कोर्ट की मुहर का दावा सवालों में, सिर्फ बिहार को मिली थी मंजूरी या पूरे देश को?

 

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यूपी में पाइपलाइन से खराब हुई सड़कों की होगी मरम्मत, 1 अक्टूबर से विशेष अभियान

उत्तर प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में पेयजल योजनाओं के लिए पाइपलाइन बिछाने के दौरान क्षतिग्रस्त हुई सड़कों की अब मरम्मत कराई जाएगी. योगी सरकार ने इसके लिए विशेष अभियान चलाने का फैसला किया है. यह अभियान 1 अक्टूबर से 10 नवंबर 2026 तक चलेगा. सरकार ने अधिकारियों को सड़कों की मरम्मत समय पर और तय मानकों के अनुसार पूरा कराने के निर्देश दिए हैं.

जल सारथी ऐप से दर्ज होगी सड़क की शिकायत

सड़क की खराब स्थिति को लेकर ग्रामीणों को शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी गई है. इसके लिए जल सारथी ऐप पर विशेष व्यवस्था की गई है. ग्रामीण मौके से सड़क की फोटो और वीडियो अपलोड कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकेंगे. शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारी मामले की जांच कर जरूरी कार्रवाई करेंगे. इससे सड़क मरम्मत के काम की निगरानी में डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जा सकेगा.

ये भी पढे़ं: Breaking News Today Live Updates: यूपी में शुरू हुई MLC चुनाव के नामांकन की प्रक्रिया, लखनऊ में अधिकारियों ने लिया जायजा

पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़क बहाली पर जोर

जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने सोमवार को राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन कार्यालय में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए विभिन्न पेयजल योजनाओं की समीक्षा की. इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि पाइपलाइन डालने के लिए जिन सड़कों को खोदा गया है, उन्हें अभियान के दौरान प्राथमिकता के आधार पर ठीक कराया जाए. उन्होंने सड़क मरम्मत के काम की नियमित निगरानी करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने को भी कहा.

10 नवंबर के बाद तय होगी जिम्मेदारी

सरकार ने सड़क मरम्मत को लेकर जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही भी तय करने के संकेत दिए हैं. अधिकारियों के मुताबिक, 10 नवंबर के बाद भी सड़क मरम्मत से जुड़ी शिकायत सामने आती है तो संबंधित एजेंसी के साथ जिम्मेदार अभियंता की जवाबदेही तय की जाएगी. जलशक्ति मंत्री ने अधिकारियों को साफ निर्देश दिया कि पेयजल परियोजनाओं के काम में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

जिन गांवों में पानी नहीं पहुंचा, वहां काम तेज करने के निर्देश

बैठक में उन गांवों पर भी विशेष ध्यान दिया गया, जहां अभी तक पेयजल सुविधा नहीं पहुंच सकी है. अधिकारियों को ऐसे गांवों में लंबित कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए गए. इसके अलावा पेयजल योजनाओं की गुणवत्ता और काम को तय समय में पूरा करने पर भी जोर दिया गया. लापरवाही करने वाली एजेंसियों को सख्त चेतावनी दी गई।समीक्षा बैठक में अपर मुख्य सचिव अनुराग श्रीवास्तव, राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन के अधिशासी निदेशक जोगिंदर सिंह समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे.

 

 

 

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  Sports

श्री चरणी ने T20I Bowling Rankings में रचा इतिहास, 817 पॉइंट्स के साथ बनाया नया रिकॉर्ड

भारत की श्री चरणी ने महिला T20I बॉलिंग रैंकिंग में सबसे ज़्यादा रेटिंग पॉइंट्स का रिकॉर्ड तोड़ दिया है। 22 साल की इस खिलाड़ी ने एशिया कप और एशियन गेम्स जैसे दो बड़े टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन करते हुए 817 पॉइंट्स हासिल किए। इसके साथ ही, उन्होंने मेगन शट का सबसे ज़्यादा पॉइंट्स का रिकॉर्ड भी तोड़ दिया, जो नवंबर 2018 में बना था। ऑस्ट्रेलिया की इस खिलाड़ी के नाम 806 पॉइंट्स का रिकॉर्ड था और चरणी के इसे तोड़ने से पहले यह रिकॉर्ड लगभग आठ साल तक कायम रहा।

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खास बात यह है कि भारत के आठवें एशिया कप खिताब जीतने के सफर में चरणी ने 12 विकेट लिए। श्रीलंका के खिलाफ़ फ़ाइनल मैच में उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया; उन्होंने 20 रन देकर चार विकेट लिए और भारत ने 72 रनों से मैच जीतकर खिताब अपने नाम किया। चरणी ने जापान में हुए एशियाई खेलों में भी अपना शानदार फ़ॉर्म जारी रखा। मेज़बान टीम के ख़िलाफ़ चरणी ने 4/10 के अपने करियर के सबसे अच्छे आंकड़े दर्ज किए, जिससे भारत को सेमीफ़ाइनल में पहुँचने में मदद मिली। इसके बाद, 22 सितंबर को श्रीलंका के ख़िलाफ़ गोल्ड-मेडल मैच में उन्होंने दो विकेट लिए, जिसमें भारत ने 147 रनों से जीत हासिल की। ​​इस प्रदर्शन से उनकी रेटिंग रिकॉर्ड 817 तक पहुँच गई।

वहीं, एशियाई खेलों के फ़ाइनल में तीन विकेट लेने के बाद दीप्ति शर्मा भी T20I बॉलिंग रैंकिंग में ऊपर पहुँचीं। अब उनके 754 पॉइंट्स हैं, जबकि इंग्लैंड की सोफ़ी एक्लेस्टोन 723 पॉइंट्स के साथ तीसरे स्थान पर हैं। एशियाई खेलों के फ़ाइनल में श्रीलंका के ख़िलाफ़ 79 रन बनाने के बाद स्मृति मंधाना T20I बैटिंग रैंकिंग में टॉप पांच में वापस आ गई हैं।

हरारे में ज़िम्बाब्वे और वेस्टइंडीज़ के बीच चल रही सीरीज़ (जो अभी 1-1 से बराबरी पर है) के बाद ODI रैंकिंग में कुछ अहम बदलाव हुए हैं। वेस्टइंडीज़ की कप्तान हेले मैथ्यूज पहले मैच में रिकॉर्ड 182 रन बनाने के बाद 711 पॉइंट्स के साथ ODI बल्लेबाज़ों की रैंकिंग में तीन पायदान ऊपर चढ़कर चौथे स्थान पर आ गई हैं। रियालिना ग्रिमंड 270 पॉइंट्स के साथ 34 पायदान ऊपर चढ़कर संयुक्त रूप से 102वें स्थान पर पहुंच गई हैं।

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वेस्टइंडीज़ की गेंदबाज़ अश्विनी मुनिसार और आलिया एलीन भी आगे बढ़ी हैं और क्रमशः संयुक्त रूप से 84वें और 58वें स्थान पर पहुंच गई हैं। वहीं, एशले गार्डनर ODI ऑल-राउंडर्स में टॉप पर बनी हुई हैं, जबकि मैथ्यूज T20I ऑल-राउंडर्स में सबसे आगे हैं। अलाना किंग ODI बॉलिंग में टॉप पर हैं, बेथ मूनी T20I बैटिंग में सबसे आगे हैं और मंधाना ODI बैटिंग में नंबर 1 पर बनी हुई हैं।

Tue, 29 Sep 2026 15:48:00 +0530

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