Ujjain में Shahi Masjid का हिस्सा हटाने पर बनी सहमति, हाईकोर्ट ने याचिकाओं का किया निपटारा
उज्जैन में मस्जिद समिति के एक सदस्य ने कहा कि मुस्लिम समुदाय 2028 के सिंहस्थ कुंभ मेले के मद्देनजर किए जा रहे सड़क चौड़ीकरण कार्य का सम्मान करता है और ऐतिहासिक शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को स्वेच्छा से हटाने का काम मंगलवार को भी जारी रहेगा। नुमाइंदा समिति के सदस्य फहीम सिकंदर ने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि स्थानीय प्रशासन, शहर काजी और समिति के पदाधिकारियों के बीच चर्चा के बाद शांतिपूर्ण तरीके से काम करने पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि मस्जिद के एक हिस्से को हटाने के फैसले की जानकारी रविवार रात सभी संबंधित लोगों तक नहीं पहुंच पाने के कारण कुछ समय के लिए स्थिति तनावपूर्ण हो गई जिससे सोमवार को पथराव की घटना भी हुई।
सिकंदर ने कहा कि मुस्लिम समुदाय सड़क चौड़ीकरण परियोजना का सम्मान करता है और शाही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाने में सहयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि मस्जिद समिति का प्रयास धार्मिक स्थल को यथासंभव सुरक्षित रखने का था, लेकिन सहमति नहीं बन पाने के बाद सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे हिस्से को हटाने का फैसला किया गया। सिकंदर ने कहा कि प्रशासन ने शुरुआत में तोड़फोड़ के लिए मशीन और अन्य उपकरण उपलब्ध नहीं कराए थे, इसलिए समुदाय के सदस्यों ने खुद ही मस्जिद के प्रभावित हिस्से को हटाना शुरू कर दिया।
उन्होंने कहा कि परियोजना के लिए मस्जिद का कितना हिस्सा हटाया जाएगा, इस पर अभी अंतिम निर्णय नहीं हुआ है। दीवार के तीन से आठ फुट तक हिस्से को हटाने को लेकर चर्चा जारी है। सिकंदर ने कहा कि वरिष्ठ सदस्यों के साथ चर्चा के बाद यह स्पष्ट किया गया कि काम स्वेच्छा से किया जा रहा है, जिसके बाद स्थिति शांत हो गई।
उन्होंने कहा कि सड़क परियोजना के लिए मस्जिद का प्रभावित हिस्सा हटाने में सात से आठ दिन लग सकते हैं और जरूरत पड़ने पर मशीनों का इस्तेमाल किया जाएगा। उन्होंने कहा कि काम मंगलवार सुबह शुरू होगा और पूरी प्रक्रिया के दौरान सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाएगा। इस बीच, सोमवार को मध्यप्रदेश के इस शहर में उस समय तनाव फैल गया, जब सड़क चौड़ीकरण परियोजना के लिए मस्जिद का एक हिस्सा हटाने के प्रस्ताव के विरोध में भीड़ एकत्र हो गई और उसने पथराव किया।
पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। बाद में सोमवार को मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय ने सिंहस्थ कुंभ मेले के लिए सड़क चौड़ीकरण के वास्ते ऐतिहासिक शाही मस्जिद का एक हिस्सा हटाने के मामले में दायर दो रिट अपील का निपटारा कर दिया। मुस्लिम पक्ष और नगर निगम के बीच सहमति बनने के बाद अदालत ने दोनों अपील निस्तारित कर दीं।
न्यायमूर्ति सुबोध अभ्यंकर और न्यायमूर्ति जय कुमार पिल्लई की इंदौर पीठ ने याचिकाकर्ताओं द्वारा उज्जैन नगर निगम के साथ समझौता होने की जानकारी दिए जाने के बाद उनकी अलग-अलग अपीलों का निपटारा किया। अदालत ने कहा कि शाही मस्जिद मामले में उज्जैन नगर निगम की ओर से दिए गए आश्वासन और अंतरिम नोटिस नगर निकाय पर बाध्यकारी होंगे। मुस्लिम पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता कुलदीप पाठक ने सुनवाई के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि उच्च न्यायालय ने उज्जैन नगर निगम और शाही मस्जिद के प्रबंधन से जुड़ी एक समिति के बीच समझौते के आधार पर मुस्लिम पक्ष की रिट अपील का निपटारा किया है और दोनों पक्षों को समझौते का पालन करने को कहा है।
उन्होंने दावा किया कि उज्जैन के प्रशासन ने सड़क चौड़ीकरण के लिए शाही मस्जिद के करीब 9.5 फुट हिस्से को हटाने के लिए कहा था, लेकिन समझौते के तहत करीब तीन फुट हिस्सा हटाने पर सहमति बनी है।
एस्सार ग्रुप अमेरिका में ₹1.5 लाख करोड़ का निवेश करेगा:आयोवा में सबसे बड़ा स्टील प्लांट लगेगा, 2030 से शुरू होगा प्रोडक्शन
भारतीय एस्सार ग्रुप अमेरिका में 18 बिलियन डॉलर यानी लगभग 1.5 लाख करोड़ रुपए का निवेश करेगा। निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा अमेरिका के आयोवा राज्य में 15 बिलियन डॉलर की लागत से बनने वाले एक स्टील प्लांट पर खर्च होगा। ये अमेरिका का सबसे बड़ा स्टील प्लांट होगा। यह प्लांट अमेरिका के आयोवा राज्य में लगाया जाएगा, जिसमें 15 बिलियन डॉलर यानी करीब 1.25 लाख करोड़ रुपए का निवेश होगा। वाइट हाउस के ओवल ऑफिस में हुए एक कार्यक्रम के दौरान ट्रम्प ने एस्सार ग्रुप के को-फाउंडर रवि रुइया और उनके बेटे रेवंत रुइया की मौजूदगी में इस बड़े प्रोजेक्ट का ऐलान किया। 2030 से शुरू होगा उत्पादन, आयोवा में मिलेंगी 1,750 नौकरियां इस स्टील प्लांट का निर्माण एस्सार ग्रुप की अमेरिकी कंपनी मेसाबी मेटालिक्स करेगी। वाइट हाउस के एक अधिकारी के अनुसार, प्लांट में साल 2030 तक स्टील का उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। तैयार होने के बाद यह प्लांट हर साल 1 करोड़ टन स्टील बनाएगा। इस प्रोजेक्ट के जरिए आयोवा राज्य में करीब 1,750 परमानेंट नौकरियां मिलेंगी। 50 साल में अमेरिका की पहली नई आयरन माइन वाइट हाउस के अधिकारी ने बताया कि अमेरिका में पिछले 50 सालों में शुरू होने वाली यह पहली नई आयरन ओर खदान है। स्टील प्लांट के संचालन के लिए कच्चा माल यानी आयरन ओर (कच्चा लोहा) सप्लाई करने के लिए एस्सार ग्रुप ने मिनेसोटा में एक नई खदान बनाई है। इस खदान के निर्माण पर कंपनी ने 2.5 बिलियन डॉलर (करीब 21 हजार करोड़ रुपए) का निवेश किया है। 'टैरिफ के डर से कंपनियां अमेरिका आ रही हैं': ट्रम्प ने स्टील इंडस्ट्री की वापसी का दावा किया डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि अमेरिका की स्टील इंडस्ट्री फिर से मजबूत हो रही है और इसका श्रेय पिछले साल स्टील इम्पोर्ट पर लगाए गए 50% टैरिफ को जाता है। ट्रम्प ने कहा कि हर कोई अब अमेरिका में ही अपने प्लांट लगा रहा है क्योंकि कोई भी 50% टैरिफ नहीं देना चाहता। यह बात बहुत सीधी और सरल है। 1969 में शुरू हुआ था एस्सार ग्रुप: गुजरात से लेकर यूके और सऊदी तक फैला है कारोबार एस्सार ग्रुप की शुरुआत 1969 में शशि रुइया और रवि रुइया भाइयों ने भारत में की थी। आज यह ग्रुप एनर्जी, माइनिंग, टेक्नोलॉजी और रिटेल जैसे कई सेक्टर में काम करता है।
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