नर्मदापुरम में मध्यान्ह भोजन बनाने वाली महिलाओं की भूख हड़ताल, मानदेय से लेकर कुकिंग कॉस्ट तक ये हैं प्रमुख मांगें
नर्मदापुरम के शासकीय प्राथमिक और माध्यमिक स्कूलों तथा आंगनवाड़ी में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। दरअसल भोजन बनाने वाली स्वयं सहायता समूह की महिलाएं भूख हड़ताल पर बैठ गई हैं।
अपने कुछ मांगों को लेकर इन महिलाओं ने सोमवार की सुबह से भूख हड़ताल शुरू की जो अभी भी जारी है। पीपल चौक पर हड़ताल पर बैठी हुई महिलाएं रात भर खुले आसमान के नीचे मौजूद रहीं। उन्होंने भजन गाकर अपनी रात निकाली। इस दौरान दो पुलिसकर्मियों को इन महिलाओं की सुरक्षा के लिए ड्यूटी पर लगाया गया।
हड़ताल पर बैठी महिलाएं
प्रांतीय महिला एवं स्वयं सहायता समूह महासंघ नर्मदापुरम इकाई की जिला अध्यक्ष गौरी इरकर और कविता राजपूत भूख हड़ताल कर रही हैं। यहां उनका समर्थन 50 महिलाएं कर रही हैं। जिला अध्यक्ष का कहना है कि पहले के मुकाबले अब महंगाई काफी ज्यादा बढ़ चुकी है। इसके बाद भी शासन की नजर में एमडीएम में वितरित होने वाले नाश्ते और खाने की दर अभी भी वही है। ऐसे में समूह की महिलाओं को काफी परेशानी करना पड़ रहा है।
शासन से कितनी मिलती है राशि
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के मुताबिक शासन द्वारा 3 रुपए में नाश्ता और 5 रुपए में खाना दिया जाता है। ऐसे में लागत ही नहीं निकलती मुनाफा तो दूर की बात है। महिलाओं का कहना है कि वह पहले भी हड़ताल कर चुकी हैं। लेकिन उनकी मांगों को नहीं माना गया इसलिए मजबूरी में उन्होंने ये कदम उठाया है।
क्या है मांग
महासंघ की मांग है की रसोइयों का मानदेय 4000 से बढ़ाकर 8000 किया जाए। खाद्यान्न बच्चों की संख्या के आधार पर उपलब्ध करवाया जाए। कुकिंग कॉस्ट और रसोइयों का पैसा हर महीने नहीं मिल रहा है। एक निर्धारित तारीख तय की जाए जिस पर भुगतान हो। प्राथमिक शाला के बच्चे के भोजन के लिए कुकिंग कास्ट 15 रुपए और माध्यमिक शाला के बच्चों के लिए 20 रुपए दिया जाए। कम पैसों में बच्चों को पेट भर पौष्टिक भोजन देना संभव नहीं है। खाद्यान्न 20 प्रतिशत बढ़ाकर मिले। THR और राशि 20 प्रतिशत बढ़ाई जाए और भुगतान समय पर हो। लंबित राशि और खाद्यान्न जल्द जारी किया जाए। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी पूरक पोषण शक्ति निर्माण करने वाली बहनों का बीमा किया जाए।
MDM व्यवस्था गड़बड़ाई
स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के हड़ताल पर चले जाने की वजह से शासकीय स्कूलों और आंगनवाड़ी में मध्यान्ह भोजन की व्यवस्था गड़बड़ा गई है। शासन के निर्देशों के मुताबिक ये व्यवस्था बंद नहीं होनी चाहिए। ऐसे में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी को निर्देश दिए गए हैं कि बच्चों के खाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।
विधायक ने भी सुनी थी समस्या
यह पहली बार नहीं है जब स्वयं सहायता समूह की महिलाएं हड़ताल कर रही हैं। 21 सितंबर को भी ये हड़ताल पर बैठी थी। इस पर विधानसभा पूर्व अध्यक्ष और विधायक डॉ सीताशरण शर्मा मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने समूह की महिलाओं की परेशानी को सुनने के बाद उनका समाधान कराने की बात कही थी।
Stock Market Today: शेयर बाजार में आज भी भारी गिरावट, सेंसेक्स 620 अंक टूटा, निफ्टी 22,600 से नीचे फिसला
Stock Market Today: घरेलू शेयर बाजार मंगलवार को सुस्त शुरुआत के साथ खुले. कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी और कमजोर वैश्विक संकेतों के बीच बेंचमार्क इंडेक्स में लगभग 0.2 प्रतिशत की गिरावट देखी गई.
सेंसेक्स 138.04 अंक या 0.19 प्रतिशत गिरकर 72,633.68 पर खुला. इसी तरह, निफ्टी 47.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 22,732.45 पर खुला.
सेक्टर के हिसाब से देखें तो मंगलवार सुबह के कारोबार में निफ्टी ऑटो, निफ्टी मीडिया, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी सीमेंट में 0.64 प्रतिशत तक की गिरावट आई. कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, मेटल और केमिकल इंडेक्स भी नीचे कारोबार कर रहे थे. दूसरी ओर, फार्मास्यूटिकल्स और हेल्थकेयर शेयरों में बढ़त देखी गई, जिसमें निफ्टी फार्मा और निफ्टी 500 हेल्थकेयर में लगभग 1 प्रतिशत तक की तेजी आई.
जानकारों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी के कारण ग्लोबल मैक्रो माहौल इक्विटी के लिए प्रतिकूल बना हुआ है, जिससे चिंताएं बढ़ रही हैं.
उन्होंने कहा, "ब्रेंट क्रूड के 106 डॉलर से ऊपर रहने और अमेरिकी 10-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के 5.23 प्रतिशत पर होने के कारण ग्लोबल मैक्रो स्थिति इक्विटी बाजारों के लिए प्रतिकूल बनी हुई है."
हालांकि, विशेषज्ञों ने कहा कि लार्ज-कैप ग्रोथ शेयरों के आकर्षक वैल्यूएशन से लॉन्ग-टर्म निवेशकों को खरीदारी के मौके मिल सकते हैं.
उनके अनुसार, 23,000 के स्तर से नीचे आने के बाद शॉर्ट-टर्म स्थिति मंदी वाली (बेयरिश) बनी हुई है और डेरिवेटिव्स की स्थिति भी अधिक सावधानी का संकेत दे रही है.
निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 22,650-22,700 के स्तर पर देखा गया, जबकि रेजिस्टेंस 22,950-23,000 के स्तर पर था.
इसके अलावा, एक्सचेंज के शुरुआती आंकड़ों से पता चला है कि विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) लगातार तीसरे सत्र में नेट सेलर बने रहे और सोमवार को 5,353 करोड़ रुपए से अधिक के शेयर बेचे.
हालांकि, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने समर्थन जारी रखा और नेट बायर बने रहे, साथ ही 5,189 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे. इसके अलावा, इंटरनेशनल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 1 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ 106.87 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड कर रहा था जबकि यूएस वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) क्रूड भी 1 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 93.99 डॉलर पर था.
एशियाई शेयर बाजार भी दबाव में थे; शुरुआती कारोबार में जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंग सेंग और दक्षिण कोरिया का केओएसपीआई 1 प्रतिशत तक गिरे.
सोमवार रात यूएस शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए, जिसमें एसएंडपी 500 में 0.77 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.92 प्रतिशत की गिरावट आई.
स्रोत- आईएएनएस
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