US-Iran Tension: अमेरिका ने दोस्तों के साथ मिलकर ईरान को चारों ओर से घेरा, द्वितीय विश्व युद्ध के बाद सबसे बड़ी तैनाती
US-Iran Tension: मिडिल ईस्ट में इस वक्त तनाव चरम पर पहुंच गया है. अमेरिका की अब तक की सबसे बड़ी सैन्य तैनाती से जंग का सायरन बचने लगा है. अमेरिका ने अपने मित्र देशों के साथ ईरान की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी है. अमेरिका ने इजराइल और ब्रिटेन के साथ मिलकर 57 रिफ्यूलिंग विमान मिडिल ईस्ट के मोर्चे पर उतार दिए हैं. 418 अटैक फाइटर जेट्स भी किसी भी वक्त ईरान को दहलाने के लिए तैयार हैं.
इसके अलावा तीन से ज्यादा टोही विमान पूरे इलाके की निगरानी कर रहे हैं. चार चेतावनी विमान भी किसी भी हरकत की जानकारी देने के लिए तैनात है. कुल मिलाकर अमेरिका की तरफ से ईरान के चारों ओर 482 से ज्यादा सैन्य विमानों को तैनात किया गया है.
अमेरिका ने तैनात किया अपना बेड़ा
अमेरिका ने समंदर से भी ईरान को घेरने का प्लान बनाया है, जिसके तहत एक एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन मिडिल ईस्ट में पहुंच रहा है. इसके अलावा नौ डेस्ट्रॉयर्स, दो सबमरींस के साथ 13 जहाज भी ईरान के आसपास के जल क्षेत्र में जंगी सायरन बजा रहे हैं. तैयारी बता रही है कि किसी भी वक्त ईरान के खिलाफ जंग को हरी झंडी दी जा सकती है. किसी भी वक्त ईरान को दहलाने का प्लान धरातल पर उतारा जा सकता है. तैयारी बता रही है कि ईरान पर हमले की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है.
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से अब तक की सबसे बड़ी तैनाती
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, किसी देश को घेरने के लिए यह द्वितीय विश्व युद्ध के बाद से सबसे बड़ी सैन्य तैनाती मानी जा रही है. ईरान का मोर्चा कितना मुश्किल है, उसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने पहले खाड़ी युद्ध, दूसरे खाड़ी युद्ध और ईराक युद्ध में कुल मिलाकर जितने सैनिक तैनात किए थे, उससे ज्यादा सैनिक इस बार मिडिल ईस्ट के मोर्चे पर तैनात कर दिए हैं. मिडिल ईस्ट में अमेरिकी एयरफोर्स के 100 से ज्यादा विमान फर्राटा भर रहे हैं, जिसमें 37 F15 ई फाइटर जेट, 12 F16, 24 A10 और तीन अनमैंड एरियर व्हीकल एमक्यू4 तैनात हैं.
ब्रिटिश रॉयल आर्मी भी अमेरिका के साथ
अमेरिकी सेना की ताकत बढ़ाने के लिए ब्रिटिश रॉयल एयरफोर्स के जंगी विमान भी मोर्चे पर उतर चुके हैं. रॉयल एयरफोर्स के 11 टाइफन लड़ाकू विमान और एक वोजर टैंकर इस बेड़े में शामिल हैं.
इस्राइल भी कंधे से मिला रहे है कंधे
ईरान के खिलाफ पिछले साल अमेरिका के साथ मिलकर 12 दिनों की जंग लड़ चुका इजराइल इस बार भी साथ खड़ा दिख रहा है. इजरायली एयरफोर्स ने ईरान के खिलाफ जंग में बड़ी संख्या में अपने विमान मोर्चे पर उतार दिए हैं. जानकारी के अनुसार, इजरायली एयरफोर्स के 173 F16 फाइटर जेट, 66 F1-15 फाइटर जेट, 45 F35 फाइटर जेट के अलावा छह बोइंग 707 और सात KC130H विमान भी मिडिल ईस्ट में अमेरिकी सेना के साथ फर्राटा भर रहे हैं.
उद्धव ठाकरे को उनकी पार्टी के नेताओं ने फिर दिया धोखा? KDMC के चार पार्षद लापता
बीएमसी में करीब 30 साल का किला ढहने के बाद एक बार फिर उद्धव ठाकरे को बड़ा झटका लगा है. अब कल्याण डोंडबली महानगर पालिका यानी केडीएमसी में राजनीतिक भूचाल मच गया है. शिवसेना यूटीबी ने अपने चार पार्षदों के लापता होने की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई है. आरोप है कि यह पार्षद एकनाथ शिंद गुट की शिवसेना में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं.
जानें क्या है सीटों का गणित
विपक्ष से लेकर सत्ता पक्ष तक हलचल तेज हो गई है. केडीएमसी में कुल 122 सदस्य हैं और बहुमत का आंकड़ा 62 का है. मौजूदा स्थिति में शिंद गुट की शिवसेना के पास 53 नगर सेवक हो चुके हैं. राज ठाकरे की एमएनएस के सभी पांच पार्षद खुलकर समर्थन दे रहे हैं. वहीं शिंदे गुट की सहयोगी बीजेपी के पास 50 पार्षद हैं. अगर एमएनएस के पांच और शिवसेना यूटीबी के चार लापता पार्षद भी शिंदे खेमे में शामिल हो जाते हैं तो बहुमत का आंकड़ा आसानी से पार हो जाएगा यही वजह है कि केडीएमसी इस वक्त महाराष्ट्र की सबसे हॉट सियासी जमीन बन चुकी है.
शिवसेना यूबीटी के पास केडीएमसी में कुल 11 पार्षद हैं. लेकिन इनमें से सिर्फ सात ने ही कोकण प्रादेशिक आयुक्त के पास रजिस्ट्रेशन कराया है. सूत्रों का कहना है कि दो पार्षद पहले से ही शिंदे गुट के संपर्क में हैं. जबकि जिन दो पार्षदों का लापता होना बताया जा रहा है, वह पहले स्थानीय समीकरणों के चलते एमएनएस से आ गए थे और अब वापस उसी खेमे में लौटने की तैयारी में यही अंदर खाने खेल काफी पहले से चल रहा था. अब सिर्फ उसका खुलासा हुआ है.
संजय राउत ने साधा निशाना
शिवसेना यूबीटी सांसद संजय राउत ने इस पूरे मामले पर तीखा हमला बोला है. राउत ने कहा कि हमारे पार्षद गायब हैं. इसलिए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई है. उन्होंने कहा कि यह पार्षद हमारे चुनाव चिन्ह पर जीत कर आए थे. लेकिन जीत के 24 घंटे के भीतर ही उन्होंने अलग रास्ता चुन लिया. राउत ने इन्हें गद्दार तक कह डाला.
पुलिस ने कहा- केस दर्ज नहीं किया
वहीं मामले में कोलसेबाड़ी पुलिस का कहना है कि गुमशुदगी का मामला दर्ज नहीं किया गया है क्योंकि सभी नगर सेवक अपनी मर्जी से कहीं गए हुए माने जा रहे हैं.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
















