आज का पंचांग 29 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है, जो शाम 5 बजकर 11 मिनट तक रहेगी। इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: मंगलवार
- नक्षत्र: अश्विनी- सुबह 9:04 बजे तक, इसके बाद भरणी
- योग: हर्षण- देर रात 3:20 बजे, 30 सितंबर तक
- करण: वणिज- सुबह 6:14 बजे तक, इसके बाद विष्टि (भद्रा) शाम 5:11 बजे तक, फिर बव करण शुरू होगा।
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:37 बजे से 5:25 बजे तक
- अमृत काल: रात 3:06 बजे से 4:37 बजे, 30 सितंबर
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:11 बजे से 2:59 बजे तक
राहुकाल
- राहुकाल: दोपहर 3:10/3:11 बजे से 4:40/4:41 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:12 बजे से 10:42 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:12 बजे से 1:41 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:36 बजे से 9:24 बजे तक और रात 11:00 बजे से 11:48 बजे तक।
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:13 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:10 बजे
- चंद्रोदय: शाम 7:44 बजे
- चंद्रास्त: 30 सितंबर की सुबह 9:48 बजे
आज के व्रत
- संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी व्रत
- तृतीया श्राद्ध
आज का पर्व
संकष्टी श्री गणेश चतुर्थी।
आज का धार्मिक महत्व
29 सितंबर को आश्विन कृष्ण तृतीया है और दोपहर के समय तृतीया तिथि विद्यमान रहेगी, इसलिए तृतीया तिथि में दिवंगत हुए पितरों का श्राद्ध किया जाएगा। परंपरागत रूप से श्राद्ध कर्म दोपहर के अपराह्न काल में किया जाता है।
आज राहुकाल कब है?: नई दिल्ली में मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को राहुकाल लगभग दोपहर 3:10/3:11 बजे से शाम 4:40/4:41 बजे तक रहेगा।
Weather Update: देश के कई राज्यों में आंधी-बारिश का अलर्ट, पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में गिरा तापमान
उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से देश के कई राज्यों में मौसम ने अचानक करवट ली है। पहाड़ों पर कहीं राहत तो कहीं आफत की बारिश और बर्फबारी देखने को मिल रही है, वहीं मैदानी इलाकों में तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर-पश्चिम और पूर्वी भारत के कई राज्यों में आंधी-तूफान के साथ बारिश का दौर जारी है।
उत्तराखंड: बर्फबारी और भूस्खलन से केदारनाथ यात्रा रुकी
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार बर्फबारी और बारिश का दौर जारी है। व्यास घाटी के आदि कैलाश, नाभीढांग और कुटी में 2 से 5 फीट तक बर्फ की सफेद चादर बिछ गई है, जिससे कुटी से आदि कैलाश को जोड़ने वाला यात्रा मार्ग बंद हो गया है। इसके अलावा केदारनाथ मार्ग पर लगातार दूसरे दिन भूस्खलन होने के कारण सुरक्षा की दृष्टि से यात्रा को रोकना पड़ा है। हालांकि बर्फबारी से पर्यटकों में उत्साह है, लेकिन किसानों की फसलों को संभावित नुकसान की चिंता बढ़ गई है।
हिमाचल प्रदेश: ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी, सड़कें और ट्रांसफार्मर बंद
हिमाचल प्रदेश के किन्नौर, लाहौल स्पीति और चंबा जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि शिमला और धर्मशाला जैसे इलाकों में बादल बरसे हैं। बर्फबारी और ठंड बढ़ने के कारण प्रदेश के अधिकतम तापमान में 8 से 10 डिग्री सेल्सियस तक की भारी गिरावट आई है। खराब मौसम और बर्फ के कारण कई सड़कें और वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई है, साथ ही कई बिजली ट्रांसफार्मर भी बंद पड़े हैं जिससे स्थानीय जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
बिहार: नदियां उफान पर, निचले इलाकों में बढ़ा जलस्तर
नेपाल और राज्य के सीमावर्ती क्षेत्रों में हो रही भारी बारिश के चलते बिहार में जनजीवन प्रभावित हुआ है। गंडक, कोसी और बागमती जैसी प्रमुख नदियां खतरे के निशान के करीब या ऊपर बह रही हैं। नदियों के जलस्तर बढ़ने से सुपौल और पश्चिम चंपारण जिलों के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जिससे प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हो गया है और प्रभावित क्षेत्रों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
जम्मू-कश्मीर और लद्दाख: गरज के साथ बौछारों का दौर
पहाड़ी राज्य जम्मू-कश्मीर और लद्दाख में भी पश्चिमी विक्षोभ का असर साफ नजर आ रहा है। यहाँ गांदलबल, जम्मू, कठुआ, डोडा, किश्तवाड़, पुंछ और उधमपुर जैसे जिलों में तेज बारिश और आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हुआ है और तापमान में भी खासी गिरावट दर्ज की गई है।
उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के तापमान में गिरावट और तेज हवाएं
मैदानी इलाकों में उत्तर-पश्चिमी हवाओं और बारिश के असर से तापमान में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है। उत्तर प्रदेश और पंजाब के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ी हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, आने वाले घंटों में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है।
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