Aaj Ka Panchang 29 September 2026: आज पितृपक्ष का तृतीया श्राद्ध होगा, पढ़ें आज का पंचांग व तिथि और शुभ मुहूर्त
Aaj Ka Panchang 29 September 2026: आज यानी 29 सितंबर 2026 को मंगलवार के दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि रहेगी. आज पितृ पक्ष की तृतीया श्राद्ध तिथि भी है. ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिपाठी के अनुसार, आज के दिन उन सभी दिवंगतों का श्राद्ध और तर्पण किया जाएगा, जिनकी मृत्यु किसी भी मास के कृष्ण और शुक्ल पक्ष की तृतीया पर हुआ था. पंचांग के अनुसार, आज तृतीया तिथि का समापन शाम 5 बजकर 11 मिनट पर होगा. इसके बाद चतुर्थी तिथि शुरू हो जाएगी. चलिए पढ़ते हैं आज का पंचांग.
पढ़ें आज का पंचांग 29 सितंबर 2026 (Today's Panchang 29 September 2026)
आज की तिथि, वार, नक्षत्र, करण और योग
तारीख- 29 सितंबर 2026
वार- मंगलवार
तिथि- आश्विनी कृष्ण तृतीया तिथि शाम 05 बजकर 10 मिनट तक उसके बाद चतुर्थी तिथि होगी.
नक्षत्र- अश्विनी नक्षत्र सुबह 09 बजकर 03 मिनट तक उसके बाद भरणी होगा.
योग- हर्षण योग और वज्र योग
करण- विष्टि, बव और बालव करण
दिशा शूल- उत्तर दिशा
दिशा शूल उपाय- गुड़ खाकर घर से निकलें
ये भी पढ़ें- Matri Navami 2026: कब है पितृ पक्ष में मातृ नवमी? जानें तर्पण का महत्व और इस दिन किसका श्राद्ध होगा
आज का महामंत्र
ऊं हं हनुमते नम:
चंद्र गोचर
चंद्रमा का गोचर मेष राशि में होगा.
संवत
- विक्रम संवत- 2083, रौद्र
- शक संवत- 1948, पराभव
चंद्रमास
सूर्योदय- आज सुबह 06:04 पर हुआ है
सूर्यास्त- आज शाम 06 बजकर 04 मिनट पर होगा
चंद्रोदय- 29 सितंबर शाम 07:51 बजे पर होगा
चंद्र अस्त- 30 सितंबर को सुबह 08:20 मिनट पर होगा
आज का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:28 मिनट से सुबह 05:16 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:40 मिनट से दोपहर 12:28 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 03:06 बजे से सुबह 04:36 मिनट तक
आज का अशुभ समय
राहुकाल- दोपहर 03 बजकर 4 मिनट से शाम 04:34 मिनट तक
यम गण्डक- सुबह 09:19 मिनट से सुबह 10:48 मिनट तक
गुलिक काल- दोपहर 12:17 मिनट से दोपहर 01:46 बजे तक
आज का दुर्मुहूर्त- सुबह 08:43 बजे से सुबह 09:31 मिनट तक और रात 11:04 मिनट से रात 11:53 बजे तक
व्रत
अंगारकी चतुर्थी, भरणी श्राद्ध, संकष्टी गणेश चतुर्थी व्रत
मंगलवार के नुस्खे
मंगलवार हनुमान जी का दिन होता है. इस दिन विधिवत उनकी पूजा पाठ करने से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है. मंगलवार को कुछ खास उपाय करने से भी हनुमान जी की कृपा प्राप्त होती है.
मंगलवार को किसी ऐसे मंदिर में जाएं जहां भगवान श्रीराम और हनुमान जी दोनों की ही प्रतिमा हो. वहीं, जाने के बाद श्रीराम और हनुमान जी की प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं. इसके बाद भगवान श्रीराम की मूर्ति के सामने बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करें. इस उपाय को करने से श्रीराम और हनुमान जी दोनों की ही कृपा प्राप्त होती है.
मंगलवार के दिन सुबह स्नान के बाद बड़ के पेड़ से 11 से 21 पत्ते को तोड़ लें. आपको इस बात का ध्यान रखना है कि ये पत्ते साफ और साबूत हो. अब इन्हें साफ पानी से धोने के बाद इसके ऊपर केसर या चंदन से श्रीराम का नाम लिख लें. अब इन पत्तों की माला बनाकर पास के ही किसी हनुमान मंदिर में हनुमान जी को पहना दें. माला बनाते समय रंग बिरंगे धागे का इस्तेमाल करें.
मंगलवार के दिन हनुमान जी को समर्पित होता है. इस दिन हनुमान जी को चोला अर्पित करने से पहले उनका स्नान करें. इस दिन लाल रंग के वस्त्र धारण करना बेहद शुभ माना जाता है. हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय चमेली के तेल का दीपक इस्तेमाल करें. इसके साथ ही हनुमान जी को गुलाब के फूल की माला पहनाएं और केवड़े का इत्र अर्पित करें. इसके साथ ही राम नाम का 108 बार जाप करें.
जो भी लोग शनि दोष से पीड़ित हैं उन्हें मंगलवार के दिन काली उड़द व कोयले की एक पोटली बना लें. इसमें एक रुपए का सिक्का रखें. इसके बाद उस पोटली को अपने ऊपर से घूमाकर किसी नदी में प्रवाहित कर दें. इसके साथ ही किसी भी हनुमान मंदिर में श्रीराम नाम का जाप करें. ऐसा करने से शनि दोष का प्रभाव कम होता है.
आपका दिन मंगलमय हो.
(Disclaimer: यहां दी गई जानकारी ज्योतिष शास्त्र पर आधारित है और केवल सूचना के लिए प्रदान की गई है. News Nation इसकी पुष्टि नहीं करता है.)
Gardening Tips: किचन गार्डन छोड़कर जा रहे हैं बाहर? पौधों को सूखने से बचा सकती है पुरानी बोतल, जानें तरीका
Plastic Bottle Gardening Hack: अगर आप 10 से 15 दिन के लिए घर से बाहर जा रहे हैं और किचन गार्डन के पौधों की चिंता सता रही है, तो पुरानी प्लास्टिक बोतल आपके काम आ सकती है. बोतल की मदद से घर पर ही आसान स्लो वाटर सप्लाई सिस्टम तैयार किया जा सकता है. इसके लिए बोतल के ढक्कन में एक या दो छोटे छेद करके उसमें पानी भरें और उसे उल्टा करके गमले की मिट्टी में गाड़ दें. ढक्कन वाला हिस्सा मिट्टी के अंदर रहने से पानी धीरे-धीरे रिसता रहेगा और पौधे की जड़ों के आसपास नमी बनी रह सकती है. हालांकि पानी के रिसाव की गति छेद के आकार, मिट्टी और मौसम पर निर्भर करेगी. इसलिए घर से निकलने से पहले इस व्यवस्था को एक-दो दिन टेस्ट करना जरूरी है. इस घरेलू जुगाड़ से पुरानी बोतल का दोबारा इस्तेमाल भी होगा और पौधों की सिंचाई की व्यवस्था भी बनी रहेगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
News18








