CWG 2026 : कॉमनवेल्थ गेम्स में GOLD जीतने के बाद अब क्या करेंगी Mirabai Chanu? Hindi News | Delhi
Mirabai Chanu | भारतीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के 48 किलोग्राम(महिला) वेटलिफ्टिंग इवेंट में गोल्ड मेडल जीतने पर कहा, "...मैं उनका(प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) बहुत धन्यवाद देना चाहूंगी। हर प्रतियोगिता में भाग लेने से पहले और वहां से आने के बाद वे हमारा हौसला बढ़ाते हैं। हमें ये महसूस होता है कि हां, हमें भारत के लिए कुछ करना है... हम बहुत सौभाग्यशाली हैं कि हमारे साथ ऐसे प्रधानमंत्री खड़े हैं। उन्होंने खिलाड़ियों को बहुत समर्थन दिया है..." #mirabaichanu #cwg2026 #commonwealthgames #asiangames #Weightlifting #teamindia #goldmedal #sportsnews #breakingnews #hindinews You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
भारत में डेटा सेंटर परियोजना से 2030 तक 4.33 लाख नौकरियों के सृजन होने की संभावना: रिपोर्ट
नई दिल्ली, 3 अगस्त (आईएएनएस)। सोमवार को जारी एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में तेजी से विस्तार कर रही डेटा सेंटर परियोजनाएं आने वाले वर्षों में रोजगार, बुनियादी ढांचे और रियल एस्टेट क्षेत्र में बड़े बदलाव की आधारशिला बन सकती हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, देश में प्रस्तावित लगभग 9,030 मेगावाट क्षमता की डेटा सेंटर परियोजनाएं वर्ष 2030 तक करीब 4.33 लाख प्रत्यक्ष और परोक्ष रोजगार अवसर पैदा कर सकती हैं। इसके साथ ही आवासीय क्षेत्र में लगभग 19.5 करोड़ वर्गफुट अतिरिक्त मांग उत्पन्न होने का अनुमान है।
रियल एस्टेट परामर्श कंपनी स्क्वायर यार्ड्स की रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत वर्तमान में दुनिया के कुल डिजिटल डेटा का लगभग 20 प्रतिशत उत्पादन करता है, लेकिन वैश्विक डेटा सेंटर क्षमता में उसकी हिस्सेदारी केवल 4 प्रतिशत है। यह स्थिति देश में डेटा सेंटर अवसंरचना के विस्तार की अपार संभावनाओं की ओर संकेत करती है।
रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), क्लाउड कंप्यूटिंग और एंटरप्राइज डिजिटाइजेशन में तेजी आने से डेटा सेंटर क्षेत्र में निवेश लगातार बढ़ रहा है, जिसके परिणामस्वरूप देश की स्थापित डेटा सेंटर क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की संभावना है, जो अवसंरचना-आधारित रियल एस्टेट विकास की नई लहर को जन्म देगी।
विशेषज्ञों का मानना है कि डेटा सेंटर केवल डिजिटल सेवाओं तक सीमित नहीं रहते, बल्कि वे अपने आसपास बिजली आपूर्ति नेटवर्क, फाइबर संपर्क व्यवस्था, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और व्यावसायिक सेवाओं का विकास भी आकर्षित करते हैं। समय के साथ ये क्षेत्र विकसित होकर नए शहरी आर्थिक केंद्रों का रूप ले लेते हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि डेटा सेंटरों का दीर्घकालिक प्रभाव तकनीकी क्षेत्र से कहीं आगे तक जाता है। वे आवासीय मांग, बुनियादी ढांचा निवेश और नए शहरी विस्तार के लिए उत्प्रेरक की भूमिका निभाते हैं। इससे उभरते विकास गलियारों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ती हैं और नए रोजगार अवसर पैदा होते हैं।
रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि बड़े डेटा सेंटर परिसरों के आसपास 5 से 15 किलोमीटर का क्षेत्र सबसे अधिक लाभान्वित होगा। इस क्षेत्र को रिपोर्ट में गोल्डन रिंग बताया गया है, जहां सड़क, बिजली और संचार सुविधाओं में सुधार के साथ-साथ मिश्रित उपयोग वाली परियोजनाएं, आवासीय टाउनशिप, खुदरा बाजार, सामाजिक सुविधाएं और नागरिक सेवाएं तेजी से विकसित होने की संभावना है।
रिपोर्ट के मुताबिक, जैसे-जैसे ये सहायक आर्थिक तंत्र परिपक्व होंगे, वैसे-वैसे प्रत्यक्ष कर्मचारियों के अलावा उनसे जुड़े अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार बढ़ेगा। यही कारण है कि आवासीय संपत्तियों की मांग लंबे समय तक बनी रहने की उम्मीद है।
स्क्वायर यार्ड्स के सह-संस्थापक एवं मुख्य प्रौद्योगिकी अधिकारी विवेक अग्रवाल ने कहा कि पिछले कई दशकों में भारत के रियल एस्टेट विकास को राजमार्गों, औद्योगिक गलियारों, हवाई अड्डों और सूचना प्रौद्योगिकी पार्कों ने गति दी है। अब डेटा सेंटर इस विकास यात्रा का अगला महत्वपूर्ण चरण बनने जा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि बिजली, फाइबर संपर्क और लॉजिस्टिक्स अवसंरचना में होने वाला निवेश उद्योगों, डेवलपर्स और संस्थागत निवेशकों का विश्वास बढ़ाता है, जिसका सीधा असर इन उभरते डिजिटल गलियारों के आसपास आवासीय और वाणिज्यिक विकास के रूप में दिखाई देता है। आने वाले वर्षों में डेटा सेंटर शहरों के विस्तार और विकास की दिशा तय करने वाले महत्वपूर्ण अवसंरचनात्मक केंद्र बन सकते हैं।
राज्यों के स्तर पर देखें तो महाराष्ट्र को सबसे बड़ा लाभ मिलने का अनुमान है, जहां डेटा सेंटर निवेश के चलते 5.4 करोड़ वर्गफुट से अधिक आवासीय मांग पैदा हो सकती है। इसके बाद कर्नाटक में लगभग 2.8 करोड़ वर्गफुट, आंध्र प्रदेश में 2.3 करोड़ वर्गफुट से अधिक, उत्तर प्रदेश में करीब 2.27 करोड़ वर्गफुट, तेलंगाना में 2.16 करोड़ वर्गफुट और तमिलनाडु में लगभग 1.94 करोड़ वर्गफुट आवासीय मांग उत्पन्न होने का अनुमान व्यक्त किया गया है।
--आईएएनएस
डीबीपी
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