क्या सच में सर्दियों में गर्म पानी से नहाने पर हड्डियां कमजोर हो जाती है? डॉक्टर से जानें सच्चाई
Health Tips: ठंड का मौसम आते ही नहाने से बचने के बहाने ढूंढना आम बात है. जो लोग रोज नहाते भी हैं, वे अक्सर गर्म पानी का इस्तेमाल करते हैं. इसी से जुड़ा एक बड़ा भ्रम यह है कि गर्म पानी से नहाने पर हड्डियां कमजोर हो जाती हैं. कहा जाता है कि इससे कैल्शियम “पिघल” जाता है. लेकिन इसमें कितनी सच्चाई है? आइए डॉक्टर से जानते हैं इसके पीछे की सच्चाई.
डॉक्टर ने क्या बताया?
डॉक्टर के अनुसार, यह दावा पूरी तरह गलत है. गर्म पानी से नहाने से हड्डियों का कैल्शियम नहीं घटता. हड्डियों की मजबूती आपके खान-पान और लाइफस्टाइल पर निर्भर करती है. इसमें मुख्य भूमिका निभाते हैं विटामिन डी का स्तर, कैल्शियम और प्रोटीन का सेवन, रोजाना की शारीरिक गतिविधि, पानी का तापमान इससे जुड़ा नहीं होता.
रोज नहाना क्यों है जरूरी?
डॉक्टर बताते हैं कि सर्दियों में भी रोज नहाना स्वच्छता के लिए अच्छा है. इससे शरीर साफ रहता है और संक्रमण का खतरा कम होता है. हालांकि जिन लोगों को चक्कर या गिरने का जोखिम रहता है, वे डॉक्टर की सलाह से 2-3 दिन में एक बार नहा सकते हैं.
बहुत गर्म पानी से क्या नुकसान हो सकता है?
गर्म पानी से हड्डियां कमजोर नहीं होतीं, लेकिन ज्यादा गर्म पानी से कुछ समस्याएं हो सकती हैं. जैसे त्वचा का प्राकृतिक तेल खत्म हो सकता है, स्किन ड्राई और खुजलीदार हो सकती है, लंबे समय तक नहाने से ब्लड प्रेशर गिर सकता है.
सर्दियों में नहाने का सही तरीका
- बहुत तेज गर्म पानी से बचें.
- हल्का गुनगुना पानी बेहतर होता है.
- नहाने के बाद शरीर को अच्छे से सुखाएं.
- मॉइश्चराइजर या तेल लगाएं ताकि त्वचा ड्राई न हो.
यह भी पढ़ें: आपके भी सफेद कपड़ों पर लग जाते हैं चाय-कॉफी के दाग? ये आसान ट्रिक्स देंगी नई जैसी चमक
मुंबई की 'लाइफलाइन' में मौत का तांडव, धक्का लगने पर भड़के युवक ने प्रोफेसर को उतारा मौत के घा
मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली लोकल ट्रेन से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है. मालाड रेलवे स्टेशन पर प्लेटफॉर्म के बीचों-बीच एक कॉलेज प्रोफेसर की चाकू मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस ने इस मामले में 27 साल के एक युवक को गिरफ्तार किया है.
क्या है पूरा मामला?
मृतक की पहचान आलोक सिंह के रूप में हुई है, जो विले पार्ले के एक नामी कॉलेज में प्रोफेसर थे. शनिवार को जब वो सफर कर रहे थे, तभी ट्रेन से उतरने-चढ़ने को लेकर उनकी बहस एक दूसरे यात्री से हो गई. मुंबई की भीड़भाड़ वाली ट्रेनों में अक्सर ऐसे झगड़े देखने को मिलते हैं, लेकिन किसी को अंदाजा नहीं था कि यह बहस जानलेवा साबित होगी.
प्लेटफॉर्म पर खूनी खेल
जैसे ही लोकल ट्रेन मालाड स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1-2 पर रुकी, झगड़ा और बढ़ गया. चश्मदीदों के मुताबिक, आरोपी ओंकार शिंदे ने आपा खो दिया और अचानक चाकू निकालकर प्रोफेसर आलोक सिंह के पेट पर ताबड़तोड़ कई वार कर दिए. हमला इतना भीषण था कि प्रोफेसर वहीं खून से लथपथ होकर गिर पड़े और आरोपी भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया.
CCTV की मदद से पकड़ा गया कातिल
वारदात के बाद बोरीवली GRP (रेलवे पुलिस) तुरंत एक्शन में आई. स्टेशन पर लगे CCTV फुटेज खंगाले गए, जिसमें एक संदिग्ध शख्स सफेद शर्ट और नीली जींस में फुट ओवर ब्रिज की तरफ भागता हुआ नजर आया. पुलिस ने अपनी तकनीकी टीम की मदद से हुलिए को ट्रैक किया और आरोपी ओंकार शिंदे को वसई से धर दबोचा.
सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या यह सिर्फ मामूली बहस का नतीजा था या इसके पीछे कोई पुरानी दुश्मनी थी. जिस तरह से सरेआम इस वारदात को अंजाम दिया गया, उसने लोकल ट्रेन में सफर करने वाले लाखों यात्रियों के मन में डर पैदा कर दिया है. यह घटना रेलवे स्टेशनों पर सुरक्षा के दावों की पोल खोलती नजर आ रही है.
ये भी पढ़ें- अमेरिका में आईसीई अधिकारियों के हाथों एक और नागरिक की मौत, भड़के लोगों ने ट्रंप से कर दी ये मांग
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation
















