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हैरी पॉटर फैंस के लिए खुशखबरी! असली हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस जैसी ट्रेन में करें यादगार सफर

हैरी पॉटर की फिल्में देखने वाले लगभग हर फैन ने कभी न कभी खुद को प्लेटफॉर्म 9¾ से हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस में बैठकर जादुई स्कूल जाते हुए जरूर सोचा होगा। भले ही असल जिंदगी में हॉगवर्ट्स या प्लेटफॉर्म 9¾ मौजूद नहीं है, लेकिन एक ऐसी ट्रेन जरूर है जो आपको वही एहसास दिला सकती है। यही वजह है कि यह ट्रेन दुनियाभर के पर्यटकों और हैरी पॉटर फैंस की पसंदीदा बन चुकी है।

स्कॉटलैंड में चलने वाली जैकोबाइट स्टीम ट्रेन को दुनिया की सबसे खूबसूरत ट्रेन यात्राओं में गिना जाता है। यही ट्रेन है जिसे हैरी पॉटर फिल्मों में हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस के रूप में दिखाया गया था। इसकी पुरानी स्टीम इंजन वाली डिजाइन, पहाड़ों के बीच गुजरता रास्ता और मशहूर ग्लेनफिनन वायाडक्ट इसे खास बनाते हैं। यही पुल फिल्मों में भी कई बार दिखाई दिया था।

स्कॉटलैंड की जैकोबाइट स्टीम ट्रेन क्यों है इतनी खास?

हर साल अप्रैल से अक्टूबर के बीच चलने वाली यह ट्रेन स्कॉटलैंड के फोर्ट विलियम से मेलैग तक करीब 84 मील (लगभग 135 किलोमीटर) का सफर तय करती है। रास्ते में बर्फ से ढके पहाड़, झीलें, जंगल और समुद्र का शानदार नजारा देखने को मिलता है। यही वजह है कि इसे सिर्फ हैरी पॉटर फैंस ही नहीं, बल्कि ट्रैवल लवर्स भी अपनी बकेट लिस्ट में रखते हैं।

इस सफर का सबसे यादगार हिस्सा ग्लेनफिनन वायाडक्ट है। जैसे ही ट्रेन इस ऐतिहासिक पुल से गुजरती है, यात्रियों को बिल्कुल वही नजारा दिखाई देता है जो फिल्मों में हैरी, रॉन और हर्माइनी के सफर के दौरान नजर आया था। ट्रेन के पुराने लकड़ी वाले डिब्बे और स्टीम इंजन पूरे सफर को और भी खास बना देते हैं।

अगर आप यहां जाने की योजना बना रहे हैं, तो टिकट पहले से बुक करना बेहतर रहेगा। गर्मियों और छुट्टियों के मौसम में इस ट्रेन की सीटें काफी पहले ही भर जाती हैं। ग्लासगो और एडिनबर्ग से फोर्ट विलियम तक सड़क और रेल दोनों रास्तों से आसानी से पहुंचा जा सकता है।

हैरी पॉटर जैसी फील देने वाली दूसरी ट्रेनें भी हैं मौजूद

सिर्फ जैकोबाइट स्टीम ट्रेन ही नहीं, बल्कि दुनिया में कुछ और जगहों पर भी हैरी पॉटर थीम से जुड़े खास अनुभव मिलते हैं। इंग्लैंड का नॉर्थ यॉर्कशायर मूर रेलवे भी काफी मशहूर है। इस रूट का गोथलैंड स्टेशन वही जगह है जिसे फिल्मों में हॉग्समीड स्टेशन के रूप में दिखाया गया था। यहां पहुंचते ही ऐसा लगता है जैसे आप सीधे हैरी पॉटर की दुनिया में आ गए हों।

इसके अलावा अमेरिका के फिलाडेल्फिया में समय-समय पर हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस थीम ट्रेन भी चलाई जाती है। इस ट्रेन में हैरी पॉटर थीम पर खास सजावट, कॉस्ट्यूम और कई मजेदार एक्टिविटी कराई जाती हैं। हालांकि यह नियमित ट्रेन नहीं है और खास आयोजनों के दौरान ही चलती है।

अगर आप हैरी पॉटर के बड़े फैन हैं, तो ये ट्रेन यात्राएं सिर्फ एक ट्रिप नहीं बल्कि यादगार अनुभव साबित हो सकती हैं। फिल्मों में दिखने वाली जादुई दुनिया को करीब से महसूस करने का मौका हर किसी को नहीं मिलता। यही वजह है कि हर साल हजारों लोग सिर्फ इस अनुभव के लिए स्कॉटलैंड और दूसरी जगहों का रुख करते हैं। जादू भले ही असली न हो, लेकिन इन ट्रेनों का सफर आपको कुछ घंटों के लिए जरूर ऐसा महसूस कराता है जैसे आप सचमुच हॉगवर्ट्स एक्सप्रेस में बैठे हों।

 

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डॉ. अभय बेडेकर की कृति ‘कोरोना योद्धा की संघर्ष कथा’ को MP साहित्य अकादमी का प्रादेशिक राजेन्द्र अनुरागी पुरस्कार

साहित्य अकादमी, मध्य प्रदेश संस्कृति परिषद् (संस्कृति विभाग) द्वारा कैलेण्डर वर्ष 2024 के अखिल भारतीय एवं प्रादेशिक कृति पुरस्कारों की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष अपर प्रबंध संचालक और प्रतिष्ठित लेखक डाॅ. अभय अरविन्द बेडेकर की चर्चित कृति ‘कोरोना योद्धा की संघर्ष कथा’ को डायरी विधा के अंतर्गत राज्य स्तरीय प्रादेशिक ‘राजेन्द्र अनुरागी पुरस्कार’ के लिए चयनित किया गया है।

साहित्य अकादमी के निदेशक डाॅ. विकास दवे ने बताया कि अकादमी द्वारा घोषित इन पुरस्कारों में प्रादेशिक कृति पुरस्कार के विजेता रचनाकारों को रुपये 51,000/- (इक्यावन हजार) की सम्मान राशि के साथ शाॅल, श्रीफल, स्मृति चिह्न और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर अलंकृत किया जाएगा। अधिकांश श्रेणियों में जूरी द्वारा दो श्रेष्ठ कृतियों का संयुक्त रूप से चयन किया गया है, जिसमें डायरी विधा के लिए डॉ. बेडेकर की कृति ने यह गौरव हासिल किया है।

उल्लेखनीय है कि प्रादेशिक पुरस्कार की डायरी विधा में सिर्फ डॉ. बेडेकर की कृति का चयन किया गया है। बाकी सामान्यतः सभी विधाओं में दो लेखकों की कृतियों का चयन किया गया है।

डॉ. बेडेकर की यह कृति कोरोना महामारी के कठिन दौर में अग्रिम पंक्ति के योद्धाओं द्वारा किए गए अभूतपूर्व संघर्षों, चुनौतियों और जीवंत अनुभवों को समेटे हुए है। डॉ. बेडेकर को राज्य स्तर पर मिले इस प्रतिष्ठित सम्मान से अंचल के साहित्यिक जगत और प्रबुद्धजनों में हर्ष व्याप्त है। संस्कृति विभाग द्वारा शीघ्र ही आयोजित होने वाले एक गरिमामय समारोह में चयनित रचनाकारों को सम्मानित किया जाएगा।

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  Sports

क्या खत्म हो गया रविंद्र जडेजा का वनडे करियर? स्पिन कोच के बयान ने बदल दिया पूरा समीकरण

Ravindra Jadeja IN Axar Patel OUT? 2027 वनडे विश्व कप की तैयारियों के बीच स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतुले ने स्पष्ट किया है कि रविंद्र जडेजा की उम्मीदें खत्म नहीं हुई हैं. 37 वर्षीय ऑलराउंडर की बल्लेबाजी क्षमता, अनुभव और हालिया सुधार को देखते हुए टीम प्रबंधन भविष्य के लिए उनके नाम पर विचार कर रहा है. फिलहाल वेस्टइंडीज सीरीज में जडेजा को मौका मिला है, जबकि एशियाई खेलों के बाद अक्षर पटेल के साथ उनका प्रदर्शन जांचा जाएगा. दूसरी ओर, कुलदीप यादव मुख्य मैच-विनर के रूप में अपनी स्थिति मजबूत बनाए हुए हैं. Tue, 29 Sep 2026 22:27:30 +0530

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