Bihar Board Toppers 2026: बिहार बोर्ड के टॉपर्स पर बरसे इनाम, नकद राशि के साथ लैपटॉप के लिए मिले पैसे
पटना। बिहार बोर्ड की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाले 168 मेधावी छात्रों को बुधवार को सम्मानित किया गया। पटना के नेक संवाद में आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने टॉपर्स को मेडल, प्रमाणपत्र और पुरस्कार राशि प्रदान की। प्रथम स्थान हासिल करने वाले छात्रों को ₹2 लाख, दूसरे स्थान वालों को ₹1.5 लाख और तीसरे स्थान पर रहे छात्रों को ₹1 लाख दिए गए। इसके अलावा सभी 168 छात्रों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹51 हजार की अतिरिक्त सहायता राशि दी गई। **
Bihar Board Toppers 2026: 168 मेधावी छात्रों का सम्मान
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (BSEB) की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा 2026 में टॉप करने वाले विद्यार्थियों के लिए बुधवार को पटना में सम्मान समारोह आयोजित किया गया। नेक संवाद सभागार, लोक सेवक आवास में हुए कार्यक्रम में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मेधावी छात्रों को सम्मानित किया।
इस दौरान छात्रों के साथ उनके माता-पिता और परिवार के सदस्य भी कार्यक्रम में शामिल हुए। टॉपर्स को उनकी रैंक के आधार पर नकद पुरस्कार, मेडल और प्रमाणपत्र दिए गए।
पहली रैंक वाले को ₹2 लाख, दूसरे को ₹1.5 लाख
बिहार बोर्ड की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में पहली रैंक हासिल करने वाले छात्रों को ₹2 लाख का नकद पुरस्कार दिया गया। वहीं दूसरी रैंक पर रहने वाले विद्यार्थियों को ₹1.5 लाख और तीसरी रैंक हासिल करने वाले छात्रों को ₹1 लाख की पुरस्कार राशि मिली। इसके अलावा रैंक के अनुसार अन्य मेधावी छात्रों के लिए भी नकद पुरस्कार का प्रावधान किया गया है।
मैट्रिक के चौथी से 10वीं रैंक वालों को ₹20 हजार
मैट्रिक परीक्षा में चौथी से 10वीं रैंक तक जगह बनाने वाले छात्रों को ₹20 हजार की नकद पुरस्कार राशि दी गई। इंटरमीडिएट में चौथे और पांचवें स्थान पर रहने वाले छात्रों को ₹30-30 हजार का पुरस्कार दिया गया। यह पुरस्कार विभिन्न स्ट्रीम की मेरिट सूची के अनुसार दिया गया है।
सभी 168 टॉपर्स को लैपटॉप के लिए ₹51 हजार
रैंक के हिसाब से मिलने वाली पुरस्कार राशि के अलावा सम्मानित किए गए सभी 168 छात्रों को ₹51 हजार अतिरिक्त दिए गए हैं। यह राशि लैपटॉप खरीदने के लिए है, ताकि आगे की पढ़ाई में छात्रों को डिजिटल संसाधन उपलब्ध हो सकें।
मेडल और प्रमाणपत्र भी दिए गए
सम्मान समारोह में छात्रों को केवल नकद पुरस्कार ही नहीं दिया गया, बल्कि उन्हें मेडल और प्रमाणपत्र देकर भी सम्मानित किया गया। सरकार की ओर से इस पहल का उद्देश्य बोर्ड परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है।
CM सम्राट चौधरी ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने सम्मान समारोह में मेधावी छात्रों को बिहार के उज्ज्वल भविष्य का प्रतीक बताया। उन्होंने छात्रों को आगे भी बेहतर प्रदर्शन करने और अपने ज्ञान का इस्तेमाल प्रदेश के विकास में करने के लिए प्रेरित किया।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि अगले वर्ष से टॉपर्स का सम्मान परीक्षा परिणाम घोषित होने के एक महीने के भीतर करने का प्रयास किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को उनकी उपलब्धि का सम्मान जल्द मिल सके।
कार्यक्रम में कौन-कौन रहा मौजूद?
सम्मान समारोह की अध्यक्षता बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने की। कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री विजय कुमार चौधरी और बिजेंद्र प्रसाद यादव भी शामिल हुए। समारोह में बिहार बोर्ड की ओर से 2026 की मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा के मेधावी विद्यार्थियों और उनके परिवारों को सम्मानित किया गया।
Credit card tips: 1 लाख का क्रेडिट कार्ड बिल, सिर्फ मिनिमम ड्यू चुकाया तो क्या होगा? समझें पूरा गणित
क्रेडिट कार्ड से खरीदारी आसान है, लेकिन असली परेशानी तब शुरू होती, जब महीने के आखिर में बड़ा बिल आ जाए और उसे पूरा चुकाने के पैसे न हों। ऐसे में क्रेडिट कार्ड स्टेटमेंट में दिखने वाला मिनिमम ड्यू राहत जैसा लग सकता, लेकिन सिर्फ मिनिमम रकम चुकाते रहने से कर्ज तेजी से महंगा हो सकता।
मान लीजिए आपके क्रेडिट कार्ड का बिल 1 लाख है। अगर मिनिमम ड्यू कुल बकाया का करीब 5% है तो आपको फिलहाल सिर्फ 5000 चुकाने होंगे। समय पर यह रकम जमा करने से लेट पेमेंट चार्ज से बचने और अकाउंट को ओवरड्यू होने से रोकने में मदद मिल सकती। मगर इसका मतलब यह नहीं कि बाकी रकम पर ब्याज नहीं लगेगा।
मिनिमम ड्यू चुकाने से भी क्यों होगा नुकसान?
1 लाख के क्रेडिट कार्ड बिल में 5000 चुकाने के बाद बाकी 95000 अगले बिल में चला जाएगा। इस बकाया रकम पर कार्ड जारी करने वाली कंपनी की शर्तों के मुताबिक फाइनेंस चार्ज लग सकता।
सबसे बड़ा नुकसान इंटरेस्ट-फ्री पीरियड का है। पूरा बिल तय तारीख तक नहीं चुकाने पर आपको ब्याज-मुक्त अवधि का फायदा नहीं मिल सकता। भुगतान, रिफंड और रिवर्स ट्रांजैक्शन को एडजस्ट करने के बाद बकाया रकम पर ब्याज लगाया जा सकता है।
5000 चुकाकर भी कर्ज सिर्फ 575 घटने का गणित
क्रेडिट कार्ड पर ब्याज काफी ज्यादा हो सकता। उदाहरण के लिए, अगर 3.75% प्रति महीने यानी 45% सालाना की दर मानें तो 1 लाख पर एक महीने का फाइनेंस चार्ज करीब ₹3,750 बनेगा।
इस फाइनेंस चार्ज पर 18% GST करीब 675 होगा। यानी ब्याज और जीएसटी मिलाकर लगभग 4425 का खर्च। आसान उदाहरण में देखें तो 5000 का भुगतान करने के बावजूद करीब 575 ही ऐसा बचेगा, जो प्रभावी रूप से बकाया घटाने में मदद करेगा। हालांकि वास्तविक बिल में ब्याज की गणना कार्ड जारी करने वाली कंपनी की शर्तों, भुगतान की तारीख और दूसरे ट्रांजैक्शन के हिसाब से अलग हो सकती है।
पुराना बिल बाकी है तो नई खरीदारी से बचें
अगर पुराने ₹95,000 बाकी रहने के बाद आपने कार्ड से 20,000 और खर्च कर दिए तो कर्ज घटने के बजाय फिर बढ़ सकता है। नई खरीदारी पर इंटरेस्ट-फ्री पीरियड भी प्रभावित हो सकता है और अतिरिक्त फाइनेंस चार्ज लग सकते हैं।
इसलिए पूरा ₹1 लाख चुकाना संभव नहीं है तो कार्ड से नया खर्च कम करना बेहतर है। साथ ही जहां तक संभव हो, मिनिमम ड्यू से ज्यादा रकम चुकाएं। जितनी तेजी से मूल बकाया घटेगा, आगे लगने वाला ब्याज भी उतना कम होगा। मिनिमम ड्यूको लंबे समय की EMI या रिपेमेंट योजना समझना भारी पड़ सकता है।
(प्रियंका कुमारी)
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