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स्टारशिप ने रचा इतिहास!: पहली बार ऑर्बिट में पहुंचा SpaceX का रॉकेट, Super Heavy समुद्र में फटा

SpaceX के Starship Flight 14 ने कंपनी के अंतरिक्ष कार्यक्रम में एक बड़ा मील का पत्थर हासिल किया है। सोमवार को टेक्सास स्थित स्टारबेस से लॉन्च हुआ Starship पहली बार सफलतापूर्वक पृथ्वी की कक्षा (ऑर्बिट) में पहुंचा। उड़ान के दौरान एक इंजन बंद होने के बावजूद मिशन को आगे बढ़ाया गया और Starship ने 26 नए Starlink V3 सैटेलाइट भी कक्षा में तैनात किए।

दूसरी ओर, Starship को अंतरिक्ष तक पहुंचाने वाला Super Heavy बूस्टर पृथ्वी पर लौटते समय समुद्र में जोरदार लैंडिंग (हार्ड स्प्लैशडाउन) के बाद फट गया। हालांकि, यह घटना इस मिशन में किसी अप्रत्याशित रिकवरी विफलता के तौर पर नहीं देखी जा रही है। Flight 14 के दौरान SpaceX ने Super Heavy को वापस लाने की योजना नहीं बनाई थी।

Starship Flight 14: प्रमुख हाइलाइट्स

  • हॉट-स्टेजिंग सेपरेशन: स्टेज अलग होने के दौरान Starship के रैप्टर इंजन चालू हुए और Super Heavy बूस्टर गल्फ ऑफ अमेरिका में तय स्प्लैशडाउन क्षेत्र की ओर लौट गया।
  • एसेंट बर्न पूरा: Starship सुरक्षित सब-ऑर्बिटल रास्ते पर पहुंचा। टीम ने सिस्टम की जांच के बाद ऑर्बिट की ओर बढ़ने की तैयारी की।
  • ऑर्बिट इंसर्शन: Starship ने ऑर्बिटल इंसर्शन बर्न सफलतापूर्वक पूरा किया और पहली बार पृथ्वी की कक्षा में प्रवेश किया।
  • कक्षा की ऊंचाई: Starship को करीब 275 किलोमीटर की पृथ्वी की कक्षा में भेजा गया।
  • 26 Starlink V3 सैटेलाइट: Starship ने 26 Starlink V3 सैटेलाइट को कक्षा में तैनात किया। पूरी तैनाती प्रक्रिया करीब 30 मिनट चली।
  • पेलोड डिप्लॉयमेंट पूरा: सभी 26 Starlink V3 सैटेलाइट सफलतापूर्वक कक्षा में पहुंच गए।
  • ऑर्बिट में करीब 3 घंटे: Starship ने कक्षा में लगभग तीन घंटे बिताए।
  • डीऑर्बिट बर्न: तय योजना के अनुसार Starship ने डीऑर्बिट बर्न पूरा किया और पृथ्वी के वायुमंडल में दोबारा प्रवेश की तैयारी की।
  • वायुमंडल में पुनः प्रवेश: Starship ने वायुमंडल में दोबारा प्रवेश किया और प्रशांत महासागर में तय क्षेत्र की ओर बढ़ा।
  • स्प्लैशडाउन की पुष्टि: Starship का समुद्र में नियोजित स्प्लैशडाउन सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
  • ऐतिहासिक मिशन: Flight 14 Starship की पहली सफल ऑर्बिटल उड़ान बनी।

क्या हुआ Starship Flight 14 में?

  • लॉन्च: टेक्सास स्थित SpaceX के स्टारबेस से
  • मिशन: Starship Flight 14
  • सबसे बड़ी उपलब्धि: पहली बार Starship पृथ्वी की कक्षा में पहुंचा
  • इंजन की समस्या: उड़ान के दौरान एक इंजन बंद हो गया
  • सैटेलाइट: 26 Starlink V3 सैटेलाइट कक्षा में तैनात किए गए
  • Super Heavy: समुद्र में जोरदार लैंडिंग के बाद नष्ट हो गया
  • बूस्टर की रिकवरी: इस मिशन में बूस्टर को वापस लाने की कोशिश नहीं की गई

इंजन बंद होने के बाद भी क्यों जारी रहा मिशन?

उड़ान के दौरान Starship का एक इंजन बंद हो गया था। इसके बाद SpaceX की टीम के सामने यह फैसला लेने की स्थिति बनी कि कक्षा में प्रवेश (ऑर्बिट इंसर्शन) की कोशिश जारी रखी जाए या नहीं।

टीम ने स्थिति का आकलन करने के बाद मिशन को आगे बढ़ाने का फैसला किया। इंजन में समस्या के बावजूद Starship ने अपनी उड़ान जारी रखी और अंततः पृथ्वी की कक्षा में पहुंचने में सफल रहा।

Super Heavy बूस्टर क्यों फटा?

Super Heavy बूस्टर का मुख्य काम Starship को उड़ान के शुरुआती चरण में जरूरी ताकत (थ्रस्ट) देना है। इसके बाद बूस्टर पृथ्वी की ओर वापस लौटता है।

Flight 14 में SpaceX ने Super Heavy को वापस लाने या लॉन्च टावर से पकड़ने (टावर कैच) की कोशिश नहीं की थी। मिशन की योजना के तहत बूस्टर को समुद्र में उतरना था। इसलिए समुद्र में उतरने के बाद उसका नष्ट होना इस परीक्षण की योजना का हिस्सा था।

Starship के लिए क्यों अहम है यह मिशन?

Starship को SpaceX पूरी तरह दोबारा इस्तेमाल किए जा सकने वाले अंतरिक्ष परिवहन तंत्र के रूप में विकसित कर रही है। कंपनी का लक्ष्य इसके जरिए भविष्य में पृथ्वी की कक्षा के अलावा चंद्रमा और मंगल तक सामान और इंसानों को पहुंचाना है।

Starship NASA के आर्टेमिस कार्यक्रम के लिए भी महत्वपूर्ण है। NASA ने चंद्रमा पर अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने के लिए Starship के एक संस्करण को मानव लैंडिंग सिस्टम (Human Landing System) के तौर पर चुना है।

हालांकि, इन मिशनों से पहले Starship को लगातार भरोसेमंद कक्षीय उड़ान, अंतरिक्ष में ईंधन भरने और बार-बार सुरक्षित वापसी जैसी क्षमताओं को साबित करना होगा। Flight 14 से मिली जानकारी इस दिशा में SpaceX के लिए महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग डेटा उपलब्ध कराएगी।

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