बांग्लादेश के भारत में T20 World Cup 2026 नहीं खेलने के फैसले पर दिग्गज ने दिया रिएक्शन, जानिए क्या कहा?
T20 World Cup 2026: भारत और श्रीलंका की मेजबानी में आईसीसी मेंस टी20 वर्ल्ड कप 2026 का आगाज 7 फरवरी से होने वाला है. उससे पहले बांग्लादेश की टीम इस टूर्नामेंट से बाहर हो गई है, जबकि उनकी जगह पर स्कॉटलैंड की टीम को वर्ल्ड कप में मौका दिया गया है. बांग्लादेश और आईसीसी के बीच काफी लंबे समय तक विवाद चला, जिसके बाद बांग्लादेश सरकार ने भारत में खेलने आने के लिए मना करते हुए टी20 वर्ल्ड कप का बहिष्कार कर दिया. इसके बाद अब आईसीसी ने 24 जनवरी को आधिकारिक तौर पर बांग्लादेश के बाहर होने और स्कॉटलैंड के टी20 वर्ल्ड कप में शामिल होने के फैसले का ऐलान कर दिया.
पूर्व दिग्गज ने दिया बांग्लादेश पर बड़ा बयान
इस सब के बीच साउथ अफ्रीका के पूर्व क्रिकेटर जोंटी रोड्स ने इस पूरे मामले पर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने बांग्लादेश के इस फैसले को गलत बताया है और कहा है कि, पॉलिटिक्स को खेल से दूर रखने की कोशिश की जाती है, लेकिन यह हमेशा कामयाब नहीं होता है.
जोंटी रोड्स ने कहा कि, 'मेरा मतलब है, आप हमेशा सोचते हैं, चलो पॉलिटिक्स को खेल से दूर रखते हैं. लेकिन दुख की बात है कि आप पॉलिटिक्स को खेल से अलग नहीं कर सकते हैं. टी20 वर्ल्ड कप में अब 20 टीमें हैं. मुझे लगता है कि आईसीसी जो कर रहा है वह शानदार है, 20 टीमों का टूर्नामेंट होस्ट करना बड़ी बात है'.
The ICC has announced that Scotland will replace Bangladesh at the #T20WorldCup.
— ICC (@ICC) January 24, 2026
Details ???? https://t.co/M61nOzx2fF
उन्होंने आगे कहा कि, 'मैं साल के पांच महीने भारत में रहता हूं, इसलिए मैं अपने घर में वर्ल्ड कप होने का इंतजार कर रहा हूं. कौन जीतेगा, कौन सेमी-फाइनल में पहुंचेगा, इसका अंदाजा लगाना बहुत मुश्किल है. T20 क्रिकेट में एक खिलाड़ी 10 मिनट में मैच बदल सकता है'.
स्कॉटलैंड कब खेलेगा अपना पहला मैच
टी20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम को उसी ग्रुप में रखा जाएगा, जिसमें बांग्लादेश था. अब स्कॉटलैंड अपना पहला मैच टी20 वर्ल्ड कप 2026 में 7 फरवरी को कोलकाता के ईडन गार्डन्स में वेस्टइंडीज के साथ खेलती हुई नजर आएंगी.
ये भी पढ़ें : T20 वर्ल्ड कप 2026 में स्कॉटलैंड क्रिकेट टीम की एंट्री, बांग्लादेश हुआ बाहर
इटली की पीएम जॉर्जिया मेलोनी ने की नाटो सहयोगियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के बयान की निंदा
रोम, 25 जनवरी (आईएएनएस)। इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान पर कड़ी सार्वजनिक प्रतिक्रिया दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अफगानिस्तान में सैन्य अभियानों के दौरान नाटो के सहयोगी देशों ने अमेरिका का पूरा समर्थन नहीं किया।
जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, इटली सरकार राष्ट्रपति ट्रंप के बयानों से हैरान है, जिनमें कहा गया है कि नाटो सहयोगी अफगानिस्तान में अभियानों के दौरान पीछे रह गए थे। मेलोनी ने कहा कि ऐसे दावे 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद गठबंधन की ओर से दिखाई गई अभूतपूर्व एकजुटता को नजरअंदाज करते हैं।
मेलोनी ने कहा, 11 सितंबर 2001 के आतंकवादी हमलों के बाद नाटो ने अपने इतिहास में पहली और एकमात्र बार अनुच्छेद 5 को सक्रिय किया। यह अमेरिका के प्रति एकजुटता का एक असाधारण कार्य था।
उन्होंने इटली की तत्काल और निरंतर सैन्य प्रतिबद्धता की बात करते हुए कहा कि रोम ने हजारों सैनिक तैनात किए और नाटो के नेतृत्व वाले मिशन के सबसे रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्रों में से एक रीजनल कमांड वेस्ट का नेतृत्व संभाला।
मेलोनी ने यह भी कहा कि लगभग बीस वर्षों की प्रतिबद्धता के दौरान हमारे राष्ट्र ने एक ऐसी कीमत चुकाई है जिस पर विवाद नहीं किया जा सकता। उन्होंने अफगान बलों के लिए युद्ध अभियानों, सुरक्षा मिशनों और प्रशिक्षण प्रयासों के दौरान मारे गए 53 इतालवी सैनिकों और 700 से अधिक घायल सैनिकों का हवाला दिया।
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने कहा कि अफगानिस्तान में नाटो देशों के योगदान को कम आंकने वाले बयान अस्वीकार्य हैं, खासकर अगर वे किसी सहयोगी राष्ट्र से आते हैं। रोम और वाशिंगटन के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की बात करते हुए मेलोनी ने कहा, दोस्ती के लिए सम्मान की जरूरत होती है, जो अटलांटिक गठबंधन के मूल में एकजुटता सुनिश्चित करने के लिए एक मौलिक शर्त है।
22 जनवरी को दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम में शामिल हुए डोनाल्ड ट्रंप ने एक इंटरव्यू के दौरान नाटो सहयोगियों पर बयान दिया था। ट्रंप ने कहा, हमें उनकी कभी जरूरत नहीं पड़ी, हमने उनसे कभी कुछ नहीं मांगा। वे कहेंगे कि उन्होंने अफगानिस्तान में कुछ सैनिक भेजे, लेकिन वे थोड़ा पीछे और अग्रिम मोर्चों से कुछ दूर रहे।
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्हें इस बात को लेकर संदेह है कि अगर कभी मदद मांगी गई तो नाटो अमेरिका का साथ देगा या नहीं।
--आईएएनएस
डीसीएच/
डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation






















