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Oxford Study: भारत में आर्थिक विकास के साथ PM 2.5 प्रदूषण बढ़ा, मौतों में 30% इजाफा

नए अध्ययन के अनुसार वर्ष 2000 के बाद भारत की तेज आर्थिक प्रगति के कारण बिजली की मांग में करीब चार गुना बढ़ोतरी हुई और इस मांग का तीन-चौथाई से अधिक हिस्सा कोयले से पूरा किया गया, जिसके कारण हवा में पीएम2.5 प्रदूषण का स्तर बढ़ा और 2000 से 2020 के बीच शहरों में प्रदूषण के कारण जान गंवाने वालों की संख्या में वृद्धि हुई। ब्रिटेन के ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के नेतृत्व में किए गए अध्ययन में कहा गया कि तेज आर्थिक प्रगति से भारत में बिजली की आपूर्ति और स्वच्छ ईंधन से खाना पकाने की सुविधा में बड़ा सुधार हुआ, लेकिन कोयले से बनने वाली बिजली पर बढ़ती निर्भरता ने बाहरी वायु प्रदूषण बढ़ाया और शहरों में वायु प्रदूषण से जुड़ी मौतों में वृद्धि हुई। ‘नेचर सिटीज जर्नल’ में प्रकाशित इस अध्ययन के निष्कर्षों में कहा गया कि भारत के आर्थिक और ऊर्जा परिदृष्य में बदलाव का सार्वजनिक स्वास्थ्य पर मिला-जुला असर हुआ है।

अध्ययन के मुताबिक, एक ओर घरों के अंदर प्रदूषण से जुड़े जोखिम कम हुए, वहीं दूसरी ओर बाहर हवा में प्रदूषण बढ़ा। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग के बासुदेव स्वैन ने कहा, चुनौती यह सुनिश्चित करने की है कि इन सुधारों में मददगार साबित हुई बिजली का उत्पादन अधिक स्वच्छ तरीके से हो। शोधकर्ताओं ने उपग्रहों से मिले आंकड़ों, वायुमंडलीय विश्लेषण, रासायनिक परिवहन मॉडलिंग, सामाजिक-आर्थिक और ऊर्जा आंकड़ों तथा जनसंख्या और मृत्यु दर के आंकड़ों को मिलाकर अध्ययन किया।

शोधकर्ताओं के अनुसार, 2000 से 2020 के बीच भारत में प्रति व्यक्ति जीडीपी करीब 600-700 अमेरिकी डॉलर से बढ़कर 2,000 डॉलर से अधिक हो गई, जबकि बिजली की मांग लगभग 450 टेरावाट-घंटे (टीडब्ल्यूएच) से बढ़कर करीब 2,000 टीडब्ल्यूएच हो गई। प्रति व्यक्ति जीडीपी में 1 प्रतिशत की वृद्धि के बाद बिजली की मांग में करीब 1.14 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई। शोधकर्ताओं ने कहा कि इस वृद्धि के साथ भारत में कोयले से चलने वाले बिजली संयंत्रों की संख्या में भी काफी बढ़ोतरी हुई।

वर्ष 2000 से पहले 71 संयंत्र चालू किए गए थे, जबकि 2001 से 2024 के बीच 182 और संयंत्र शुरू किए गए। अध्ययन में अनुमान लगाया गया कि पीएम2.5 के संपर्क में आने से शहरों में साल 2000 में करीब 6.70 लाख लोगों की मौत हुई थी, जबकि साल 2020 में यह आंकड़ा बढकर 8.70 लाख हो गया, यानी इनमें करीब 30 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

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MCD को Unipole विज्ञापनों से मिले 79 करोड़, खाली पड़े 485 साइटों के नुकसान का ब्योरा नहीं

दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के पास अपने 12 क्षेत्रों में गैर-आवंटित या निष्क्रिय यूनिपोल विज्ञापन स्थलों से होने वाले अनुमानित राजस्व नुकसान का कोई रिकॉर्ड नहीं है और न ही निविदा प्रक्रिया, आवंटन या राजस्व निगरानी में कथित लापरवाही को लेकर अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई का कोई विवरण उपलब्ध है। यह जानकारी निगम के एक आधिकारिक जवाब में दी गई है। यूनिपोल विज्ञापन ऐसे बड़े होर्डिंग/विज्ञापन बोर्ड होते हैं जिन्हें एक मजबूत लोहे या स्टील के एक ही खंभे के सहारे सड़क किनारे, चौराहों, राजमार्गों या व्यावसायिक क्षेत्रों में लगाया जाता है।

एमसीडी के विज्ञापन विभाग ने 24 सितंबर को समिति की एक बैठक में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पार्षद और स्थायी समिति सदस्य हेमचंद गोयल द्वारा पूछे गए एक अल्पसूचना प्रश्न के जवाब में यह जानकारी दी। विभाग की ओर से उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, निगम ने अपने 12 क्षेत्रों में 1,235 यूनिपोल स्थलों की पहचान की है, जिनमें से 750 चालू हैं जबकि 485 की बिक्री नहीं हुई है। इसने वित्त वर्ष 2026-27 में निविदा के माध्यम से आवंटित विज्ञापन माध्यमों से 79.16 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त होने की जानकारी दी।

करोल बाग क्षेत्र में सबसे अधिक 190 यूनिपोल स्थल चिन्हित किए गए हैं, जिनमें 102 चालू और 88 अनावंटित हैं। इसके बाद शाहदरा दक्षिण क्षेत्र में 180 स्थल हैं, जिनमें 118 चालू और 62 अनावंटित हैं। वहीं, केशवपुरम क्षेत्र में 159 स्थल हैं, जिनमें 83 चालू और 76 अनावंटित हैं।

विभाग ने अपने जवाब में कहा कि अनावंटित स्थलों के लिए समय-समय पर निविदाएं आमंत्रित की जाती हैं और समय के साथ उनका आवंटन किया जाता है। इसने कहा, सभी स्थलों का आवंटन एक साथ नहीं किया जा सकता, इसलिए इस संबंध में राजस्व नुकसान का कोई अनुमान नहीं लगाया जा सकता। विभाग ने यह भी कहा कि इस संबंध में कोई अन्य विवरण उसके पास उपलब्ध नहीं है।

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  Sports

भारत-पाकिस्तान वर्ल्ड कप 2027 मैच: तारीख लिख लो… 10 अक्टूबर को होगा IND vs PAK महामुकाबला, शेड्यूल का ऐलान

Ind vs Pak World Cup 2027 Match: इंतजार की घड़ियां खत्म हुई क्योंकि अफ्रीकी महाद्वीप पर अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप के आधिकारिक शेड्यूल का ऐलान हो चुका है. भारत और पाकिस्तान को ग्रुप ए में रखा गया है, दोनों के बीच बहुप्रतीक्षित महामुकाबला को 10 अक्टूबर खेला जाएगा. इस ग्रुप की अन्य टीम में ऑस्ट्रेलिया, अफगानिस्तान, जिम्बाब्वे और एक क्वालीफायर टीम होगी. Thu, 1 Oct 2026 21:32:43 +0530

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