सोलापुर में तुलशी गांव बेचने का बोर्ड लगा:जलसंकट के कारण 350 लड़कों की शादी नहीं हो रही; महाराष्ट्र की 265 तहसीलें सूखा घोषित
महाराष्ट्र के सोलापुर जिले के तुलशी गांव में पानी की कमी से परेशान लोग गांव बेचने जा रहे हैं। इसके लिए उन्होंने एक बोर्ड भी लगाया है। हालांकि गांव की कीमत सिर्फ पानी रखी गई है। बोर्ड में यह भी लिखा है कि आखिर अन्याय कब तक सहन करें। माढा तहसील के तुलशी गांव की आबादी करीब 7 हजार है। अधूरे सिंचाई प्रोजेक्ट के कारण गांव कई साल से पानी के टैंकरों पर निर्भर है। ग्रामीणों का दावा है कि गांव के पास से नहरें गुजरती हैं। इसके बावजूद उन्हें पानी नहीं मिल रहा है। इस साल बारिश कम होने से संकट और बढ़ गया है। गांव के सरपंच ने यह भी दावा किया है कि जल संकट के कारण गांव के करीब 350 युवकों की शादी नहीं हो पा रही है। राज्य सरकार ने 26 सितंबर को राज्य की 358 में से 265 तालुकों में सूखा घोषित किया है। साथ ही राहत पैकेज की घोषणा भी की है। 26 साल से अधूरा खुदाई का काम तुलशी के सरपंच शरद मोरे ने कहा, “गांव में हर साल पानी की कमी रहती है। “गांव बिक्री के लिए, कीमत-पानी” का बोर्ड लगाकर सरकार का ध्यान समस्या की ओर खींचने की कोशिश की गई है। मोरे ने पहले बताया था कि सीना-माढा योजना के 7वें और 8वें आउटलेट के पास करीब 800 मीटर खुदाई का काम 26 साल से अधूरा है। यह काम पूरा होने पर तुलशी की पानी की समस्या हमेशा के लिए दूर हो सकती है। प्रदर्शन के बाद आंदोलन तेज करने की चेतावनी ग्रामीणों ने पानी की मांग को लेकर 14 सितंबर को भूख हड़ताल शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने माढा तहसील कार्यालय के बाहर थाली-नाद यानी बर्तन बजाकर प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने समस्या का समाधान नहीं होने पर आंदोलन और तेज करने की चेतावनी दी है। पानी मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा। जल जीवन मिशन भी बेअसर, 14 कुएं-तालाब सूखे ग्रामीणों ने बताया कि जल जीवन मिशन के तहत काम कराया गया है। लेकिन स्थानीय जलस्रोत सूख जाने से यह योजना काम की नहीं रही। तुलशी में 14 तालाब और कुएं पूरी तरह सूख चुके हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन्हें भरने से पीने और सिंचाई के पानी की कमी काफी कम हो सकती है। तुलशी के ज्यादातर लोग खेती और पशुपालन से जुड़े हैं। पानी के संकट ने उनकी आजीविका पर बुरा असर डाला है। जल संकट का असर लोगों की निजी जिंदगी पर भी पड़ा है। गांव के करीब 350 युवकों की शादी नहीं हो पा रही है। मोरे ने दावा किया कि कोई भी परिवार उन्हें अपनी बेटियां देने को तैयार नहीं है।
अमेरिका जा रहे तीन भारतीयों का इथियोपिया में अपहरण:तीनों गुजरात के रहने वाले, पिछले साल US में रोजाना 65 भारतीय पकड़े गए
गैरकानूनी तरीके से अमेरिका जा रहे तीन भारतीयों का इथियोपिया में किडनैप कर लिया गया है। तीनों गुजरात के रहने वाले हैं। इनमें दो लड़कियां और एक युवक शामिल है। तीनों 20 सितंबर को गुजरात से रवाना हुए थे। इसी बीच इथियोपिया पहुंचते ही तीनों का अपहरण कर लिया गया। अपहरणकर्ताओं ने तीनों की रिहाई के बदले में इनके परिवार से एक करोड़ रुपए की फिरौती मांगी थी। तीनों के परिवार वालों ने फिरौती की रकम दे दी है, लेकिन इसके बाद भी तीनों से परिवार का संपर्क नहीं हो पा रहा है। अमेरिका में डंकी रूट से रोज 65 भारतीय पकड़े गए अमेरिकी बॉर्डर एंड कस्टम की रिपोर्ट के मुताबिक, एक जनवरी से दिसंबर 2025 के बीच 23,830 भारतीयों को पकड़ा गया था। यानी कि रोजाना औसतन 65 लोग पकड़े गए। विभाग के मुताबिक, प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रम्प की सख्ती के बाद अवैध रूप से एंट्री के मामले घटे हैं, लेकिन इस पर पूरी तरह से रोक नहीं लगी है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल में 2024 में कुल 85,119 भारतीय पकड़े गए थे। एक युवक के लौटने पर पूरी घटना सामने आई यह पूरा मामला तब सामने आया, जब इनके साथ गया एक अन्य युवक फिरौती की रकम देकर लौट आया। यह युवक भी अन्य तीनों के साथ ही गुजरात से रवाना हुआ था। इथियोपिया पहुंचते ही चारों को अज्ञात जगह कैद कर लिया गया था। इस युवक के परिवार से भी 70 लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। युवक के परिवार ने फिरौती की रकम चुका दी थी, जिसके बाद अपहरणकर्ताओं ने उसे रिहा कर दिया और वह गुजरात लौट गया। गुजरात लौटने के बाद उसने इस पूरी घटना के बारे में बताया। युवक ने बताया कि वे चारों ही गुजरात के महेसाणा शहर के रहने वाले हैं। उसके साथ ऋत्विक शैलेशभाई (23 वर्ष) ममता चिरागभाई चावड़ा (30 वर्ष) और एक अन्य लड़की भी अमेरिका के लिए रवाना हुए थे। महेसाणा के अल्पेश पटेल नाम के एक एजेंट ने चारों को डंकी रूट से भेजने का इंतजाम किया था। एक एजेंट ने दूसरे एजेंट को सौंपा था काम महेसाणा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, ऋत्विक, ममता और एक अन्य लड़की के परिवार ने भी अपहरणकर्ताओं को फिरौती की 1 करोड़ रुपए रकम चुका दी है। हालांकि, पैसे देने के बाद पिछले तीन दिनों से उनका कोई पता नहीं चल सका है। तीनों के मोबाइल भी स्विच ऑफ हैं। इसलिए परिवार ने स्थानीय पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। एजेंट अल्पेश पटेल को पुलिस ने हिरासत में लिया है। अल्पेश ने पुलिस को बताया कि उसने यह काम वडोदरा के एक अन्य एजेंट को सौंपा था, लेकिन अब वह भी गायब है। दो देशों की यात्रा करने के बाद इथियोपिया पहुंचे थे अपहरणकर्ताओं के चंगुल से छूटकर गुजरात लौटे युवक ने पुलिस को बताया कि वे चारों 20 सितंबर को गुजरात से जयपुर पहुंचे थे। यहां से एतिहाद एयरलाइंस की फ्लाइट से अबू धाबी पहुंचे थे। उसी दिन वे अबू धाबी से इथियोपिया की राजधानी अदीस अबाबा पहुंचे थे। चारों को अदीस अबाबा में स्वाजीलैंड स्ट्रीट के जीएसएफ गेस्ट हाउस में ठहराया गया था। यहां उनकी बुकिंग 20 से 29 सितंबर तक थी। उन्होंने इथियोपिया का ई-वीजा लिया था, जो 19 सितंबर से 19 अक्टूबर तक यानी एक महीने के लिए वैध था। 22 सितंबर को ही एजेंट्स चारों का अपहरण कर लिया था। चारों को शहर के दूर किसी अज्ञात जगह ले जाया गया था। परिवार ने भारत सरकार से तीनों की सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई है। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में गुजराती महिला की हत्या:लूट के लिए स्टोर में घुसे नकाबपोश ने मारी गोली अमेरिका के वर्जीनिया में एक गुजराती मूल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतक मेघना पटेल (47) एक स्टोर में काम करती थीं। सोमवार सुबह मेघना ने स्टोर खोला था। कुछ देर बाद ही एक नकाबपोश शख्स स्टोर में दाखिल हुआ और उन पर फायरिंग कर दी। पूरी खबर पढ़ें…
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