रकुल प्रीत-वाशु भगनानी के ठिकानों पर IT की रेड:12 जगहों पर आयकर विभाग की जांच जारी; टैक्स चोरी और मनी लॉन्ड्रिंग का शक
आयकर विभाग ने मुंबई में बॉलीवुड एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह, उनके ससुर और फिल्म प्रोड्यूसर वाशु भगनानी और पैनोरमा स्टूडियो से जुड़ी 12 जगहों पर छापेमारी की है। TV9 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कार्रवाई सोमवार को टैक्स चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और फंड में गड़बड़ी की शिकायत के बाद शुरू की गई। विभाग की टीमों ने एक साथ सभी ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया। अधिकारियों को शक है कि फिल्म प्रोजेक्ट्स, विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन और शूटिंग के नाम पर भारी रकम विदेश भेजी जा रही थी। विभाग फिलहाल वित्तीय दस्तावेजों की जांच कर रहा है। विदेशी लेनदेन के दस्तावेज जांच रही आयकर टीम आयकर विभाग की कई टीमें मुंबई में एक साथ दस्तावेजों, फाइनेंशियल रिकॉर्ड्स और विदेशी लेनदेन की डिटेल्स की जांच कर रही हैं। विभाग को पिछले कुछ समय से जानकारी मिल रही थी कि फिल्मों की शूटिंग और विदेशी डिस्ट्रीब्यूशन के बहाने बड़ी रकम विदेश भेजी जा रही थी। अधिकारियों के मुताबिक, अभी जांच जारी है और रेवेन्यू टैक्स से जुड़ी गड़बड़ियों का आंकलन किया जा रहा है। जांच पूरी होने के बाद आयकर विभाग इस मामले में आधिकारिक बयान जारी कर सकता है। ड्रग्स केस में आया था रकुल के भाई का नाम रकुल प्रीत सिंह का परिवार पहले भी कानूनी विवादों में रह चुका है। दिसंबर 2025 में मुंबई पुलिस ने ड्रग्स केस में रकुल के भाई अमन प्रीत सिंह की तलाश शुरू की थी। ड्रग लॉ एनफोर्समेंट फोर्स और वेस्ट जोन पुलिस ने दो ड्रग तस्करों को गिरफ्तार कर उनके पास से 43 ग्राम कोकीन और 11.5 ग्राम MDMA जब्त किया था। जांच के दौरान आरोप लगा था कि अमन प्रीत सिंह ने उन तस्करों से पांच बार नशीले पदार्थ खरीदे थे। इस मामले में अमन की गिरफ्तारी भी हुई थी। रकुल प्रीत का नाम भी ड्रग्स केस में आ चुका इससे पहले रकुल का नाम भी ड्रग्स केस में आ चुका है। सुशांत सिंह राजपूत सुसाइड केस की जांच के दौरान ड्रग्स के इस्तेमाल को लेकर रिया चक्रवर्ती ने पूछताछ में सारा अली खान और रकुल प्रीत का नाम लिया था। रकुल ने उनके नाम का मीडिया कवरेज रोकने के लिए हाईकोर्ट का रुख भी किया था। रकुल के साथ दूसरा विवाद तब जुड़ा था, जब 2022 में ED ने टॉलीवुड ड्रग मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में उनसे पूछताछ की थी। रामायण में नजर आएंगी रकुल प्रीत सिंह एक्ट्रेस रकुल प्रीत सिंह की शादी वाशु भगनानी के बेटे और प्रोड्यूसर जैकी भगनानी से हुई है। रकुल इन दिनों नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही फिल्म 'रामायण पार्ट 1' को लेकर चर्चा में हैं। इस फिल्म में वे शूर्पणखा का किरदार निभा रही हैं। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और यश रावण के रोल में नजर आएंगे। यह फिल्म इस साल दिवाली पर 6 नवंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होना तय है। वाशु भागनानी भी हाल ही विवाद में रहे वाशु भगनानी पूजा फिल्म्स नाम से प्रोडक्शन कंपनी चलाते हैं और वे पैनोरमा स्टूडियोज से भी जुड़े रहे हैं, जिसके बैनर तले 'दृश्यम' फ्रेंचाइजी जैसी सुपरहिट फिल्में बनी हैं। वाशु भगनानी ने 'कुली नंबर 1' (1995), 'बड़े मियां छोटे मियां' (1998), 'रहना है तेरे दिल में' और 'मिशन रानीगंज' जैसी कई चर्चित फिल्में प्रोड्यूस की हैं। हालांकि, पिछले कुछ समय से वे विवादों में रहे हैं। फिल्म 'बड़े मियां छोटे मियां' (2024) के डायरेक्टर अली अब्बास जफर के साथ उनका पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद हुआ था। इसके अलावा फिल्म 'है जवानी तो इश्क होना है' के गानों और सीन्स के राइट्स को लेकर भी उनका टिप्स फिल्म्स के साथ कॉपीराइट विवाद हुआ था। ये खबर भी पढ़ें पोस्टमार्टम में टूटी मिली थी सुशांत के पैर की हड्डी:डेडबॉडी में स्टन गन के निशान थे, बहन बोली- जोर-जबरदस्ती हुई थी, जानिए पूरा बयान सुशांत सिंह राजपूत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने एक्टर के पोस्टमार्टम से जुड़ा बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि पोस्टमार्टम के समय सुशांत के पैर की हड्डी टूटी हुई, आंख के पास चोट के निशान थे और गले में स्टन गन के भी निशान बने हुए थे। पूरी खबर पढ़ें
सुप्रीम कोर्ट बोला-क्लास 6 से 3-लैंग्वेज पॉलिसी लागू नहीं होगी:इस साल तीसरी भाषा में स्टूडेंट्स फेल नहीं किए जाएंगे; CBSE ने छूट का विरोध किया था
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को कहा कि CBSE की छठी कक्षा के छात्रों को 3-लैंग्वेज पॉलिसी से छूट दी जाए। कोर्ट का यह आदेश 1 अप्रैल 2027 से लागू किया जाए। यानी अगले साल क्लास 6 में जा रहे स्टूडेंट्स को राहत मिलेगी। लेकिन अभी जो स्टूडेंट्स छठी क्लास में हैं, उन्हें तीसरी भाषा में पास या फेल नहीं किया जाएगा। उन्हें केवल अपीयरेंस सर्टिफिकेट दिया जाएगा। पहले केंद्र सरकार ने छठी कक्षा को छूट देने से इनकार किया था। सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा के छात्रों को पहले ही यह राहत दी जा चुकी है। कोर्ट ने कहा कि छठी कक्षा के छात्रों को अचानक भाषा बदलने से परेशानी हो सकती है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच CBSE के तीन-भाषा फॉर्मूले को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी। केंद्र ने कहा- 99% स्कूलों ने 3 भाषा की नीति अपनाई सरकार की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार इस साल से छठी कक्षा के छात्रों को छूट देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा, “हमने इस पर विस्तार से चर्चा की है। हम इस साल से छठी कक्षा को छूट देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें इसी साल से इसे पढ़ना चाहिए।” केंद्र ने बताया कि करीब 2,800 स्कूलों के आंकड़ों के अनुसार, केवल 1.2% स्कूल प्रभावित हुए हैं। सरकार के मुताबिक करीब 99% स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति अपनाई है और उन्हें जरूरी सुविधाएं दी गई हैं। अंग्रेजी को गैर-मातृभाषा बताने पर सवाल सुनवाई के दौरान एक वकील ने अंग्रेजी को गैर-मातृभाषा के रूप में नोटिफाई किए जाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि इसके कारण छात्र पहले से पढ़ी जा रही कई विदेशी भाषाएं छोड़ने को मजबूर हुए। उन्होंने पूछा कि जब संविधान अंग्रेजी में लिखा गया है और सुप्रीम कोर्ट की कार्यवाही भी इसी भाषा में होती है, तो इसे गैर-मातृभाषा कैसे माना जा सकता है। जस्टिस बागची ने कहा कि कोर्ट इस मुद्दे पर विचार करेगा। पिछली सुनवाई में भी कोर्ट ने अंग्रेजी के संबंध में इस व्यवस्था के तर्क पर सवाल उठाया था। 34 साल बाद नई शिक्षा नीति 2020 लाई गई नई शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) को भारत सरकार ने 29 जुलाई, 2020 को मंजूरी दी थी। यह 34 साल बाद भारत की शिक्षा नीति में एक बड़ा बदलाव है। इससे पिछली नीति 1986 में बनाई गई थी, जिसे 1992 में अपडेट किया गया था। इसका उद्देश्य भारत की शिक्षा प्रणाली को 21वीं सदी की जरूरतों के अनुसार ढालना है, ताकि छात्र व्यावहारिक ज्ञान मिले और वे स्किल सीखें। नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए केंद्र ने 2030 तक का लक्ष्य रखा है। शिक्षा संविधान में समवर्ती सूची का विषय है, जिसमें राज्य और केंद्र सरकार दोनों का अधिकार होता है। इसलिए यह जरूरी नहीं कि राज्य सरकारें इसे पूरी तरह अप्लाई करें। टकराव होने पर दोनों पक्षों को आम सहमति से विवाद सुलझाने का सुझाव दिया गया है। ------------------- ये खबर भी पढ़ें: CBSE की थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचे पेरेंट्स:9वीं क्लास में लागू किए जाने का विरोध, जस्टिस जॉयमाल्या की बेंच करेगी सुनवाई CBSE की थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में 19 लोगों के एक ग्रुप ने चुनौती दी। इनमें स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और टीचर्स शामिल हैं। ये याचिका क्लास 9वीं में थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू किए जाने के विरोध दायर की गई। इसके खिलाफ SC अगले हफ्ते सुनवाई करेगा। CBSE ने 15 मई को एकेडमिक सेशन 2026-27 से थ्री लैंग्वेज पॉलिसी लागू करने का सर्कुलर जारी किया था। पूरी खबर पढ़ें…
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