Bihar Politics: ‘अनपढ़ और अपराधी बिहार का मुख्यमंत्री’..ये क्या बोले प्रशांत किशोर? | #bihar #shorts
Bihar Politics: ‘अनपढ़ और अपराधी बिहार का मुख्यमंत्री’..ये क्या बोले प्रशांत किशोर? | #bihar #shorts #samratchoudhary #biharnews #prashantkishor #biharhindinews #hindinews #latestnews #politics #trending #newsupdate #trendingshorts #shortsfeed #viralshorts #timesnownavbharat You can Search us on YouTube by- NBT, NBT TV Live, Navbharat Times, Times Now, TNN, TNNB, Navbharat TV, Hindi News, Latest news and @timesnownavbharat About Channel: Times Now Navbharat देश का No.1 Hindi news है। यह चैनल भारत और दुनिया से जुड़ी हर Latest News और Breaking News , राजनीति, मनोरंजन और खेल से जुड़े समाचार आपके लिए लेकर आता है। इसलिए सब्सक्राइब करें और बने रहें टाइम्स नाउ नवभारत के साथ Times Now Navbharat is India's fastest growing Hindi News Channel with 24 hour coverage. Get Breaking news, Latest news, Politics news, Entertainment news and Sports news from India & World on Times Now Navbharat. ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- Watch Live TV : https://www.timesnowhindi.com/live-tv Subscribe to our other network channels: Times Now: https://www.youtube.com/TimesNow Zoom: https://www.youtube.com/zoomtv ------------------------------------------------------------------------------------------------------------- You can also visit our website at: https://www.timesnowhindi.com Download our App for Breaking News: https://tinyurl.com/bde8rv84 Like us on Facebook: https://www.facebook.com/Timesnownavbharat Follow us on Twitter: https://twitter.com/TNNavbharat Follow us on Instagram: https://www.instagram.com/timesnownavbharat
Supreme Court ने खारिज की केंद्र की दलील, CBSE Class 6 को 3-Language Policy से दी छूट
सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया है कि CBSE बोर्ड के तहत अभी छठी कक्षा में पढ़ रहे छात्रों को भी अनिवार्य तीन-भाषा नीति से वही छूट दी जाए जो सातवीं, आठवीं और नौवीं कक्षा के छात्रों को मिलती है। यह निर्देश तब आया जब केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि वह इस साल छठी कक्षा के छात्रों को इस नीति से छूट देने के पक्ष में नहीं है। केंद्र ने यह भी बताया कि लगभग 99 प्रतिशत CBSE स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति अपना ली है और उनके पास ज़रूरी सुविधाएँ भी हैं, और इससे केवल 1.2 प्रतिशत स्कूल ही प्रभावित हुए हैं। हालांकि, कोर्ट ने कहा कि क्लास 6 के छात्रों को भी वही "राहत" मिलनी चाहिए जो क्लास 7 के छात्रों को दी गई थी और निर्देश दिया कि उनके लिए यह पॉलिसी 1 अप्रैल, 2027 से लागू की जाए।
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SC ने कहा कि क्लास 6 के छात्रों को भी वही छूट दी जाए
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि क्लास 6 के मौजूदा बैच को भी वही छूट दी जानी चाहिए जो क्लास 7 के छात्रों को दी गई थी। कोर्ट ने यह भी कहा कि अनिवार्य भाषा की शर्त से जुड़े बड़े मुद्दे पर कोर्ट विचार करेगा। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि सरकार इस साल से छठी कक्षा के छात्रों को इस पॉलिसी से छूट देने के पक्ष में नहीं है। उन्होंने कहा हमने इस पर विस्तार से चर्चा की है। हम इस साल से छठी कक्षा को छूट देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्हें इसी साल से इसे लागू करना चाहिए। केंद्र ने कोर्ट को यह भी बताया कि लगभग 2,800 स्कूलों में से, क्लास 6 के ताज़ा डेटा के अनुसार केवल 1.2 प्रतिशत स्कूल ही प्रभावित हुए थे। हालाँकि, सुप्रीम कोर्ट ने निर्देश दिया कि अभी क्लास 6 में पढ़ रहे छात्रों को भी वही छूट दी जाए जो क्लास 7 के छात्रों को दी गई है। भारत के सॉलिसिटर जनरल ने बताया है कि लगभग 99% स्कूलों ने तीसरी भाषा की नीति अपना ली है और उन्हें ज़रूरी सुविधाएँ भी उपलब्ध करा दी गई हैं, और केवल लगभग 1.2% स्कूलों ने ऐसा नहीं किया है। इसे देखते हुए, हम निर्देश देते हैं कि क्लास 6 के छात्रों को भी, क्लास 7 के छात्रों की तरह ही वही छूट दी जाए जो क्लास 7 के छात्रों को दी गई है।
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कोर्ट ने भाषा में अचानक बदलाव पर चिंता जताई
सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने उन छात्रों के लिए बीच में ही नया भाषा फ़्रेमवर्क लागू करने पर चिंता जताई, जिन्होंने पहले ही अपनी भाषाएँ चुन ली थीं। CJI सूर्य कांत ने सुझाव दिया कि सीनियर अधिकारियों की एक कमेटी याचिकाकर्ता स्कूलों से संपर्क कर सकती है और उन्हें आ रही दिक्कतों को समझ सकती है। उन्होंने कहा आप एक काम क्यों नहीं करते? बहुत ज़िम्मेदार सीनियर अधिकारियों की एक कमेटी बनाइए। कमेटी को इन याचिकाकर्ता स्कूलों या याचिकाकर्ताओं से संपर्क करने दें और मुद्दों का पता लगाने दें।
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