Responsive Scrollable Menu

TMS के नाम और चुनाव चिह्न पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, चुनाव आयोग को को 4 महीने में फैसला लेने के निर्देश

तृणमूल कांग्रेस के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर चल रहे विवाद में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग के लिए समयसीमा तय कर दी है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने दोनों गुटों को चुनाव आयोग के सामने अपना पक्ष, दस्तावेज और दलीलें रखने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है। इसके बाद आयोग को तीन महीने के भीतर विवाद पर अंतिम फैसला करना होगा।

मामला तृणमूल कांग्रेस के मूल नाम ‘ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ और उसके चुनाव चिह्न ‘फूल और घास’ पर दावे से जुड़ा है। पार्टी के भीतर नियंत्रण को लेकर दो गुटों के बीच विवाद के बाद चुनाव आयोग ने 18 सितंबर को अंतरिम व्यवस्था लागू की थी। इसके तहत दोनों पक्षों को मूल पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न के इस्तेमाल से रोक दिया गया था।

दोनों गुटों को मिले अलग नाम और चुनाव चिह्न

चुनाव आयोग की अंतरिम व्यवस्था के तहत ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम और ‘फुटबॉल खिलाड़ी’ चुनाव चिह्न दिया गया है। वहीं दूसरे गुट को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम के साथ ‘लिफाफा’ चुनाव चिह्न आवंटित किया गया है। यह व्यवस्था आगामी उपचुनावों को ध्यान में रखते हुए की गई है। दोनों पक्षों के बीच मूल पार्टी के नाम और चुनाव चिह्न को लेकर दावे के बाद आयोग ने फिलहाल वैकल्पिक पहचान उपलब्ध कराई है।

ममता बनर्जी ने आयोग के फैसले को दी चुनौती

चुनाव आयोग के इस अंतरिम फैसले के खिलाफ ममता बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था। उनकी ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल ने दलील दी कि पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिह्न को लंबे समय तक अलग नहीं रखा जा सकता। उन्होंने अदालत से इस मामले में उचित राहत देने की मांग की।

पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयोग से यह बताने को कहा था कि वह नाम और चुनाव चिह्न से जुड़े विवाद पर अंतिम निर्णय कब तक ले सकता है। अदालत ने संकेत दिया था कि यह स्थिति अनिश्चित समय तक जारी नहीं रहनी चाहिए।

चार महीने में पूरी करनी होगी प्रक्रिया

सोमवार की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने विवाद का अंतिम फैसला खुद नहीं दिया बल्कि चुनाव आयोग को निर्धारित प्रक्रिया पूरी करने की जिम्मेदारी दी। दोनों गुटों को चार सप्ताह में अपना पक्ष रखने का मौका मिलेगा। इसके बाद आयोग को तीन महीने के भीतर अंतिम निर्णय लेना होगा।

अदालत ने यह भी कहा कि यदि निर्धारित अवधि में प्रक्रिया पूरी करने में कोई कठिनाई आती है तो चुनाव आयोग अदालत का रुख कर सकता है। इस तरह आयोग के सामने अब दोनों पक्षों के दावों की सुनवाई कर निर्धारित समय में फैसला करने की प्रक्रिया होगी। अंतिम निर्णय आने तक दोनों गुटों के लिए आयोग की ओर से तय अंतरिम नाम और चुनाव चिह्न की व्यवस्था लागू रहेगी।

Continue reading on the app

हरियाणा: NHM के कच्चे कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर, अब हर महीने की 7 तारीख तक मिलेगी सैलरी, जारी हुए ये निर्देश

हरियाणा में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत काम कर रहे अनुबंधित, कौशल रोजगार निगम (HKRNL) और आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर है। स्वास्थ्य विभाग ने वेतन भुगतान में हो रही देरी को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए हर महीने की 7 तारीख तक वेतन जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके लिए फंड की उपलब्धता, बिलों की प्रोसेसिंग और भुगतान की स्थिति की समयसीमा भी तय कर दी गई है।

राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) की ओर से जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि निदेशक (वित्त और लेखा) को हर महीने की 25 तारीख तक सभी जिलों में फंड की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी और इसकी जानकारी मिशन निदेशक को देनी होगी।  इसके अलावा निदेशक (प्रशासन), DDO और DD बिल शाखा को सभी अनुबंधित और आउटसोर्स कर्मचारियों के बिल समय पर प्रोसेस करने होंगे। हर महीने की 7 तारीख तक इन कर्मचारियों (NHM/HKRNL) का वेतन अनिवार्य रूप से उनके खातों में आ जाना चाहिए।

NHM की ओर से जारी कार्यालय आदेश में  यह भी कहा गया है कि पहले भी समय पर वेतन जारी करने के निर्देश दिए गए थे, बावजूद इसके कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी हो रही है। इसका प्रमुख कारण बिलों का देर से जमा बोना और  प्रोसेसिंग में देरी है।

आगे आदेश में कहा गया है कि निदेशक (वित्त और लेखा) या राज्य वित्त प्रबंधक को हर महीने की 8 तारीख तक प्रबंध निदेशक (MD) को वेतन वितरण की स्थिति से अवगत कराना होगा। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय-सीमा के बाद किसी भी स्तर पर होने वाली देरी को गंभीरता से लिया जाएगा।

यदि बिलों को पास करने या वेतन जारी करने में लापरवाही पाई जाती है, तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। सभी शाखा अधिकारियों को “कार्यालय प्रक्रिया नियमावली” के तहत फाइलों और आवश्यक दस्तावेजों (PUCs) को समय पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं।

 

Continue reading on the app

  Sports

17 की उम्र में दो डबल सेंचुरी... लक्ष्य रायचंदानी ने श्रीलंका के बाद ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जड़ा दोहरा शतक, भारत को बढ़त

Lakshya Raichandani Double Century: राजकोट में खेले जा रहे पहले अनऑफिशियल यूथ टेस्ट के दूसरे दिन भारतीय ओपनर लक्ष्य रायचंदानी ने ऑस्ट्रेलिया अंडर 19 के खिलाफ नाबाद दोहरा शतक जड़ा. 17 साल की उम्र में रायचंदानी की यह दूसरी डबल सेंचुरी है. अपनी 256 गेंदों की मैराथन पारी में 20 चौके और 4 छक्के लगाते हुए उन्होंने भारत को 8 विकेट पर 430 रन के स्कोर तक पहुंचाया. लक्ष्य के दूसरे दोहरे शतक की बदौलत भारत ने ऑस्ट्रेलिया पर 213 रनों की मजबूत बढ़त हासिल कर ली है. Mon, 28 Sep 2026 17:41:15 +0530

  Videos
See all

Rashtravad: EC विवाद पर बहस, Vivek Srivastava PM मोदी पर क्यों जा पहुंचे ? | Gyanesh Kumar News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-28T12:10:01+00:00

Mahabharat LIVE: Gyanesh Kumar Resign पर बवाल! | EC Vs Rahul Gandhi | PM Modi | SIR Row | UP News #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-28T12:13:04+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers