फिर से युगांडा के राष्ट्रपति बने योवेरी मुसेवेनी, शी चिनफिंग ने दी बधाई
बीजिंग, 24 जनवरी (आईएएनएस)। चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 23 जनवरी को युगांडा गणराज्य के राष्ट्रपति के रूप में योवेरी मुसेवेनी के पुनः निर्वाचित होने पर उन्हें बधाई संदेश भेजा।
शी चिनफिंग ने अपने बधाई संदेश में कहा कि चीन और युगांडा के बीच पारंपरिक मित्रता रही है। हाल के वर्षों में, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के मूल हितों और प्रमुख चिंताओं से जुड़े मुद्दों पर एक-दूसरे का दृढ़तापूर्वक समर्थन किया है, विभिन्न क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग में फलदायी परिणाम प्राप्त किए हैं, और अंतरराष्ट्रीय व क्षेत्रीय मामलों में समन्वय और सहयोग में उल्लेखनीय प्रगति की है।
शी चिनफिंग ने कहा कि राष्ट्रपति मुसेवेनी चीनी जनता के पुराने मित्र हैं और लंबे समय से द्विपक्षीय संबंधों के विकास को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध रहे हैं, जिसके लिए चीन अपनी गहरी सराहना व्यक्त करता है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि वे चीन-युगांडा संबंधों के विकास को बहुत महत्व देते हैं और राष्ट्रपति मुसेवेनी के साथ मिलकर राजनीतिक आपसी विश्वास को गहरा करना, पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाना, और चीन-अफ्रीका सहयोग मंच के पेइचिंग शिखर सम्मेलन के परिणामों को लागू करना चाहते हैं।
साथ ही, वे चीन-युगांडा व्यापक रणनीतिक सहयोग साझेदारी के गहन विकास को बढ़ावा देने को भी तैयार हैं, ताकि दोनों देशों की जनता को बेहतर लाभ पहुंचाया जा सके।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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डिस्क्लेमरः यह आईएएनएस न्यूज फीड से सीधे पब्लिश हुई खबर है. इसके साथ न्यूज नेशन टीम ने किसी तरह की कोई एडिटिंग नहीं की है. ऐसे में संबंधित खबर को लेकर कोई भी जिम्मेदारी न्यूज एजेंसी की ही होगी.
यूएनएचआरसी में चीन ने ईरान विशेष सत्र में अपने सिद्धांतात्मक रुख को स्पष्ट किया
बीजिंग, 24 जनवरी (आईएएनएस)। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) ने शुक्रवार को ईरान की मानवाधिकार स्थिति पर चर्चा करने के लिए एक विशेष सत्र आयोजित किया।
इस सत्र में संयुक्त राष्ट्र के जिनेवा कार्यालय और स्विट्जरलैंड में अन्य अंतर्राष्ट्रीय संगठनों में चीनी स्थायी प्रतिनिधि च्या क्वेइदे ने चीन का रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि प्रत्येक देश को मानवाधिकार विकास मार्ग का स्वतंत्र चयन करने का अधिकार है। चीन मानवाधिकार के मुद्दे का बहाना बनाकर अन्य देशों के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने, संबंधित देश की सहमति के बिना देश-विशिष्ट मानवाधिकार प्रणाली लागू करने और मानवाधिकार के मामले में दोहरा मापदंड अपनाने का विरोध करता है।
च्या क्वेइदे ने इस बात पर जोर दिया कि ईरान के भीतर जो कुछ भी हो रहा है, वह मूल रूप से ईरान का आंतरिक मामला है और इसका निर्णय ईरान की जनता द्वारा स्वतंत्र रूप से किया जाना चाहिए। चीन हमेशा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों, सिद्धांतों और अंतर्राष्ट्रीय कानून का पालन करने का पक्षधर है, और अंतर्राष्ट्रीय संबंधों में बल प्रयोग या बल प्रयोग की धमकी देने तथा अपनी इच्छा को दूसरे देशों पर थोपने का विरोध करता है।
चीनी प्रतिनिधि ने स्पष्ट करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को ईरान की संप्रभुता, सुरक्षा और प्रादेशिक अखंडता का सम्मान करने की पूर्व शर्त के तहत, ईरान की सरकार और जनता को कठिनाइयों पर काबू पाने, देश की स्थिरता बनाए रखने और उनके वैध अधिकारों की रक्षा करने में समर्थन देना चाहिए। चीन को आशा है कि सभी पक्ष संवाद के माध्यम से मतभेदों को हल करेंगे, और चीन इसके लिए एक रचनात्मक भूमिका निभाने को तैयार है।
बता दें कि हाल ही में, ईरान की घरेलू स्थिति ने व्यापक ध्यान आकर्षित किया है। आइसलैंड सहित कुछ देशों के अनुरोध पर यूएनएचआरसी ने यह विशेष सत्र आयोजित किया।
(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)
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