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Explainer: ODI क्रिकेट का सबसे बड़ा 'रन-उत्सव', 24 घंटे, 3 महाद्वीप और 6 शतक... रिकॉर्ड बुक भी पड़ी छोटी, जानें 27 सितंबर की पूरी स्टोरी

ODI Cricket Records: क्रिकेट के खेल में रिकॉर्ड्स का बनना और टूटना एक आम बात है, लेकिन कुछ दिन ऐसे होते हैं जो इतिहास के पन्नों में हमेशा के लिए दर्ज हो जाते हैं. रविवार, 27 सितंबर 2026 एक ऐसा ही ऐतिहासिक दिन साबित हुआ, जिसने वनडे क्रिकेट के 50 से ज्यादा सालों के इतिहास को पूरी तरह से बदल कर रख दिया. इस एक अकेले दिन दुनिया के अलग-अलग कोनों में 3 प्रमुख वनडे मैच खेले गए और इन मुकाबलों में कुल 6 बल्लेबाजों ने शतक ठोक डाले. यह वनडे इंटरनेशनल क्रिकेट के इतिहास में पहली बार हुआ है जब एक ही दिन में इतने सारे शतक लगे हों. सोशल मीडिया से लेकर क्रिकेट के गलियारों तक, फैंस इसे 'एब्सोल्यूट सिनेमा' और 'रन-फेस्ट सुपर संडे' कह रहे हैं.

भारत बनाम वेस्टइंडीज (पहला वनडे - तिरुवनंतपुरम)

27 सितंबर की दिन की सबसे बड़ी शुरुआत भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहले वनडे मैच से हुई. यह मुकाबला तिरुवनंतपुरम में स्थित ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेला गया, जिसमें भारतीय कप्तान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला किया. पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज के लिए जस्टिन ग्रीव्स ने शतक जड़ दिया. इसके बाद रनों का पीछा करने उतरी टीम इंडिया के लिए विराट कोहली और शुभमन गिल ने सेंचुरी लगाई. यानी इस मैच में कुल 3 शतक लगे.

जस्टिन ग्रीव्स: वेस्टइंडीज के इस बल्लेबाज ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया और शानदार 101 रनों की पारी खेली. उनकी इस पारी की बदौलत वेस्टइंडीज ने 50 ओवरों में 295/7 का एक मजबूत स्कोर खड़ा किया.

शुभमन गिल: रनों का पीछा करने उतरी भारतीय टीम के लिए कप्तान शुभमन गिल जबरदस्त फॉर्म में दिखे. उन्होंने मैदान के चारों तरफ चौकों-छक्कों की बारिश करते हुए 110 रनों की पारी खेली और टीम की जीत की नींव रखी.

विराट कोहली: लेकिन पूरे मैच में असली महफिल तो विराट कोहली ने लूटी. कोहली ने महज 88 गेंदों में 139 रनों की नाबाद पारी खेली. इस पारी में उन्होंने 10 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के लगाए. भारत ने यह मैच 8 विकेट से आसानी से जीत लिया. 

दक्षिण अफ्रीका बनाम ऑस्ट्रेलिया (दूसरा वनडे - जोहान्सबर्ग)

27 सितंबर को क्रिकेट का दूसरा धमाका दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया के बीच जोहान्सबर्ग के मशहूर द वांडरर्स स्टेडियम में खेले गए दूसरे वनडे मैच में हुआ. इस मैच में भी चौके-छक्कों की ऐसी बारिश हुई कि ऑस्ट्रेलिया के गेंदबाज बेबस नजर आए. दक्षिण अफ्रीका ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 365/9 का पहाड़ जैसा स्कोर बनाया और मैच 32 रनों से जीत लिया. इस मैच में साउथ अफ्रीका की ओर से 2 शतक लगे.

टेम्बा बावुमा: प्रोटियाज टीम के कप्तान टेम्बा बावुमा ने टीम की खराब शुरुआत के बाद नंबर-3 पर बल्लेबाजी करते हुए पारी को संभाला और 103 रनों की बेहतरीन कप्तानी पारी खेली, जिसमें 10 चौके और 2 छक्के शामिल रहे.  

डेविड मिलर: बावुमा के बाद मैदान पर बल्लेबाजी करने आए 'किलर मिलर' यानी डेविड मिलर ने भी शतक जड़ दिया. उन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों की बेरहमी से धुनाई करते हुए सिर्फ 93 गेंदों में नाबाद 142 रन बना दिए, जिसने पूरे मैच का रुख दक्षिण अफ्रीका की तरफ मोड़ दिया.

इंग्लैंड बनाम श्रीलंका (तीसरा वनडे - द ओवल, लंदन)

इस दिन का छठा और आखिरी शतक इंग्लैंड की धरती से आया. लंदन के ऐतिहासिक द ओवल मैदान पर इंग्लैंड और श्रीलंका के बीच सीरीज का आखिरी वनडे मैच खेला जा रहा था. इंग्लैंड के आक्रामक बल्लेबाज टॉम बैंटन ने श्रीलंकाई गेंदबाजों पर शुरू से ही दबाव बनाया. उन्होंने मैदान के हर कोने में रन बटोरे और 126 रनों की एक तूफानी पारी खेली. बैंटन के इस शतक की मदद से इंग्लैंड ने 355 रनों का विशाल स्कोर बनाया और श्रीलंका को 223 रनों के भारी अंतर से हरा दिया. 

इससे पहले वनडे क्रिकेट में किसी एक दिन लगे थे 6 शतक?

अब फैंस के मन में यह सवाल आया होगा कि क्या पहले कभी वनडे क्रिकेट में ऐसा नहीं हुआ? तो इसका जवाब है कि ऐसा बिल्कुल भी नहीं हुआ है. इससे पहले एक ही दिन में सबसे ज्यादा वनडे शतक लगने का रिकॉर्ड 5 शतकों का था. यह कारनामा क्रिकेट इतिहास में कुछ गिने-चुने मौकों पर ही हुआ था, खासकर जब वनडे वर्ल्ड कप के दौरान एक ही दिन में दो-तीन मैच चल रहे होते थे. लेकिन द्विपक्षीय सीरीज के सामान्य दिनों में, वह भी अलग-अलग महाद्वीपों (एशिया, अफ्रीका और यूरोप) में एक साथ 6 शतक लग जाना किसी चमत्कार से कम नहीं है.

फैंस क्यों कह रहे हैं इसे 'क्रिकेट का गोल्डन डे'?

T20 क्रिकेट के आने के बाद कई लोगों को लगता था कि वनडे क्रिकेट बोरिंग होता जा रहा है. लेकिन 27 सितंबर 2026 को जिस तरह का मनोरंजन देखने को मिला, उसने साबित कर दिया कि वनडे क्रिकेट का रोमांच आज भी सबसे अलग है. आधुनिक पिचों का मिजाज, बल्लेबाजों की निडर सोच और आक्रामक खेल की वजह से एक ही दिन में 6 शतक के आंकड़े पार हो गए. क्रिकेट इतिहास में यह 'सुपर संडे' हमेशा एक मिसाल के तौर पर याद रखा जाएगा कि जब बल्लेबाजों का दिन होता है, तो रिकॉर्ड बुक के पन्ने कैसे कम पड़ जाते हैं.

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क्यों आज भी विजय सालगांवकर के साथ खड़े हैं दर्शक? ‘Drishyam The Conclusion’ में क्या होगा आखिरी दांव?

Drishyam The Conclusion: हर 2 अक्टूबर को सोशल मीडिया पर एक नाम फिर से चर्चा में आ जाता है- विजय सालगांवकर. पणजी की यात्रा, सत्संग, पाव भाजी... ‘दृश्यम’ की कहानी से जुड़े ये छोटे-छोटे डिटेल्स अब सिर्फ फिल्म का हिस्सा नहीं रह गए हैं, बल्कि पॉप कल्चर की पहचान बन चुके हैं. दिलचस्प बात ये है कि पहली हिंदी ‘दृश्यम’ को रिलीज हुए एक दशक से ज्यादा वक्त गुजर चुका है, लेकिन विजय की कहानी का ये खास हिस्सा आज भी हर साल लोगों को फिल्म की याद दिला देता है.

लेकिन विजय सालगांवकर को सिर्फ इसलिए याद नहीं किया जाता कि उन्होंने एक चालाक कहानी बनाकर पुलिस को उलझा दिया था. उनके किरदार की असली ताकत उनकी सोच और अपने परिवार के लिए कुछ भी करने की मानसिकता में छिपी है. वह कोई सुपरहीरो नहीं, बल्कि एक आम आदमी है, जो अपने परिवार को बचाने के लिए असाधारण फैसला लेता है और फिर उसी फैसले के परिणामों के साथ जिंदगी बिताता है.

यही वजह है कि दर्शक विजय की स्थिति को समझ भी पाते हैं और उसके फैसलों को लेकर असहज भी महसूस करते हैं. हर बार जब लगता है कि वो किसी मुश्किल से निकलने में कामयाब हो गया है, तो राहत के साथ एक नया सवाल भी खड़ा हो जाता है- आखिर इस परिवार को बचाने की अगली कीमत क्या होगी?

विजय की सबसे बड़ी ताकत है उसकी सोच

‘दृश्यम’ की खासियत सिर्फ उसके ट्विस्ट और सस्पेंस में नहीं है. फिल्म दर्शकों को अपने नायक के साथ-साथ सोचने का मौका भी देती है. विजय का फिल्मों के प्रति जुनून उसे उन छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देना सिखाता है, जिन्हें आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं. यही आदत उसे ऐसी कहानी तैयार करने में मदद करती है, जो हर सवाल और जांच के सामने टिक सके. फिल्म देखते हुए दर्शक भी उसी तरह सोचने लगते हैं. कोई तारीख याद रखना, किसी घटना के समय पर गौर करना या किसी छोटी-सी बात पर शक करना- ‘दृश्यम’ का रोमांच दर्शकों को कहानी का हिस्सा बना देता है. फिल्म के ट्विस्ट इसलिए ज्यादा असरदार लगते हैं, क्योंकि उनके सुराग अक्सर पहले से हमारे सामने मौजूद होते हैं. बस उनका असली मतलब समझ में आने में वक्त लगता है.

'दृश्यम 2' ने फिर लौटाया था वही रोमांच

सस्पेंस, इमोशन और पारिवारिक रिश्तों के इस मेल ने ‘दृश्यम’ को हिंदी सिनेमा की चर्चित फ्रेंचाइजी में बदल दिया. 2022 में रिलीज हुई ‘दृश्यम 2’ ने विजय सालगांवकर की कहानी को आगे बढ़ाया और दर्शकों को उसी केस की तरफ दोबारा लेकर गई, जिसके बारे में उन्हें लगा था कि वो सब कुछ जान चुके हैं. फिल्म की कहानी ने एक बार फिर यही सवाल खड़ा किया कि क्या विजय हर बार पुलिस से एक कदम आगे रह पाएगा? परिवार को बचाने की उसकी कोशिश और जांच एजेंसियों की सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश के बीच मुकाबला दर्शकों के लिए रोमांचक बना रहा.

अब आएगा कहानी का आखिरी अध्याय

अब विजय सालगांवकर की कहानी अपने अंतिम अध्याय की तरफ बढ़ चुकी है. ‘Drishyam The Conclusion’ में सालगांवकर परिवार पर एक बार फिर दबाव बढ़ने वाला है. कहानी में SP राजवीर सिंह तोमर, मीरा और महेश देशमुख के साथ मिलकर सच्चाई तक पहुंचने की कोशिश करते दिखाई देंगे. विजय इससे पहले भी कई मुश्किल हालात से अपने परिवार को बचाकर निकाल चुका है, लेकिन इस बार उसके सामने चुनौती और बड़ी होने वाली है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या विजय की समझदारी और उसकी बनाई हुई कहानी एक बार फिर उसके परिवार को बचा पाएगी? या फिर जिन फैसलों ने अब तक उसे मुश्किलों से बाहर निकाला है, वही फैसले इस बार उसके सामने नई परेशानी बनकर खड़े होंगे?

इस बार मलयालम वर्जन का अनुभव भी काम नहीं आएगा

‘Drishyam’ फ्रेंचाइजी की खास बात ये भी है कि इसके अलग-अलग वर्जन देखने वाले दर्शक अक्सर कहानी के अगले मोड़ का अनुमान लगाने की कोशिश करते हैं. लेकिन ‘Drishyam The Conclusion’ को लेकर मेकर्स ने इसे एक अलग कहानी के साथ आगे बढ़ाने की बात कही है. यानी मलयालम फिल्मों से परिचित दर्शक भी ये मानकर नहीं चल सकते कि उन्हें पहले से पता है कि विजय की कहानी का अंत कैसे होने वाला है. हिंदी फिल्म का यह निष्कर्ष विजय सालगांवकर के इस संस्करण को उसका अपना आखिरी दांव देने वाला है. यही वजह है कि फिल्म के क्लाइमेक्स और उसके खुलासे को लेकर दर्शकों की उत्सुकता काफी बढ़ गई है.

2 अक्टूबर को होगा आखिरी हिसाब?

‘दृश्यम’ के लिए 2 अक्टूबर सिर्फ एक तारीख नहीं है. यही वो तारीख है, जिसके इर्द-गिर्द विजय सालगांवकर ने अपनी कहानी बुनी थी. फिल्म में बार-बार सामने आने वाला यह अलिबाई अब फ्रेंचाइजी की सबसे यादगार पहचान बन चुका है. अब 2 अक्टूबर 2026 को जब ‘Drishyam The Conclusion’ सिनेमाघरों में पहुंचेगी, तो इसी तारीख से जुड़ा एक नया सवाल दर्शकों के सामने होगा- विजय की कहानी आखिर कहां जाकर खत्म होगी?

फिल्म में नजर आएगी दमदार स्टारकास्ट

‘Drishyam The Conclusion’ का निर्देशन अभिषेक पाठक ने किया है. फिल्म में अजय देवगन एक बार फिर विजय सालगांवकर के किरदार में नजर आएंगे. उनके साथ तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, जयदीप अहलावत और प्रकाश राज अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे. फिल्म में कमलेश सावंत, इशिता दत्ता और मृणाल जाधव समेत कई अन्य कलाकार भी नजर आएंगे. फिल्म की कहानी और पटकथा अभिषेक पाठक, आमिल कीयन खान और परवेज शेख ने लिखी है. वहीं आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक इसके निर्माता हैं.

Star Studio18 द्वारा प्रस्तुत और Panorama Studios द्वारा निर्मित यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए तैयार है. एक दशक से ज्यादा समय पहले शुरू हुई विजय सालगांवकर की कहानी ने दर्शकों को कई सवाल दिए, कई बार चौंकाया और हर बार उन्हें अपने साथ सोचने पर मजबूर किया. अब जब इस कहानी का आखिरी अध्याय सामने आने वाला है, तो सबसे बड़ा सवाल यही है- विजय ने इतने सालों तक जो कहानी सबको सुनाई, क्या उसका आखिरी पन्ना भी उतना ही मजबूत होगा?

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क्या गुलवीर एशियन गेम्स में मेडल की हैट्रिक लगा पाएंगे:5000 मीटर में साबले के साथ फाइनल में उतरेंगे, आज भारत के 9 मेडल मुकाबले

भारत एशियन गेम्स के 10वें दिन 9 मेडल इवेंट में उतरेगा। शूटिंग में पुरुष और महिला ट्रैप टीम फाइनल होंगे। बॉक्सिंग में परवीन, अंकुश पंघाल और नरेंद्र सेमीफाइनल खेलेंगे। एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह और अविनाश साबले 5000 मीटर फाइनल में उतरेंगे। गुलवीर के पास गेम्स में तीसरा मेडल जीतकर हैट्रिक पूरी करने का मौका है। उन्होंने 10 हजार मीटर और 1500 मीटर रेस में सिल्वर जीता है। सुबह 4:54 बजे शुरू होंगे भारत के मुकाबले दिन की शुरुआत सुबह 4:54 बजे सर्फिंग से होगी। किशोर कुमार अनबरासु पुरुष शॉर्टबोर्ड क्वार्टर फाइनल में फिलीपींस के टोबी एस्पेजोन के खिलाफ उतरेंगे। क्वालिफाई करने पर उनका सेमीफाइनल 7:47 बजे, ब्रॉन्ज मेडल मुकाबला 9:26 बजे और गोल्ड मेडल मुकाबला 10:35 बजे होगा। आर्चरी में धीरज बोम्मदेवरा से उम्मीद कुराश में विपिन कुमार विपिन कुमार पुरुष 66 किग्रा कुराश में राउंड ऑफ-16 से अभियान शुरू करेंगे। मुकाबला जीतने पर वे 8 बजे क्वार्टर फाइनल, 10:50 बजे सेमीफाइनल और 11:45 बजे फाइनल खेल सकते हैं। कुराश उज्बेकिस्तान का पारंपरिक मार्शल आर्ट का खेल है। सुबह 6:30 बजे शूटिंग में मेडल का मौका ट्रैक साइक्लिंग में भी मेडल रेस सुबह 6:30 बजे स्क्वॉश में ईरान से मुकाबला बॉक्सिंग में परवीन, अंकुश और नरेंद्र के सेमीफाइनल टेनिस में कई मुकाबले सुबह 10 बजे धक्षिणेश्वर सुरेश पुरुष सिंगल्स के सेकंड राउंड में इंडोनेशिया के गुनावान त्रिस्मुवंतारा से खेलेंगे। इसके बाद सुमित नागल दक्षिण कोरिया के हांग सेओंगचान से पुरुष सिंगल्स सेकंड राउंड में भिड़ेंगे। पुरुष डबल्स में युकी भांबरी/धक्षिणेश्वर सुरेश की जोड़ी कजाकिस्तान की डेनिस येवसेयेव/बेइबिट झुकायेव की जोड़ी से खेलेगी। अनिरुद्ध चंद्रशेखर/एन. श्रीराम बालाजी नेपाल के अभिषेक बस्तोला/प्रदीप खड़का के खिलाफ उतरेंगे। दोपहर 12 बजे के बाद एन. श्रीराम बालाजी/अंकिता रैना मिक्स्ड डबल्स के पहले राउंड में हांगकांग की कैरन थॉम्पसन/यूडिस चोंग से खेलेंगे। युकी भांबरी/रुतुजा भोसले का मिक्स्ड डबल्स सेकंड राउंड मुकाबला भी होना है, लेकिन उसका समय तय नहीं है। Mon, 28 Sep 2026 23:00:00

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