IMD Alert: बंगाल की खाड़ी और अंडमान सागर में बना डिप्रेशन लाएगा तूफानी मौसम! वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से इन राज्यों में होगी भारी बारिश
IMD Alert: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा 28 सितंबर को जारी किए गए वेदर बुलेटिन के मुताबिक उत्तर अंडमान सागर और उससे सटे म्यांमार तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र मजबूत होकर डिप्रेशन में बदल गया है। 28 सितंबर को यह डिप्रेशन 14 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रहा था
UPI पेमेंट पर क्यों लगेगा चार्ज?: किसकी होगी कमाई, MDR पर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार-RBI से पूछे सवाल
UPI Charges: 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा UPI पेमेंट पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के केंद्र सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को सुनवाई की। अदालत ने फिलहाल इस व्यवस्था पर रोक लगाने से इनकार कर दिया है। हालांकि, कोर्ट ने केंद्र और अन्य संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है।
सरकार की नई व्यवस्था के तहत 15 अक्टूबर 2026 से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ Person-to-Merchant (P2M) UPI ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू किया जाना है। सरकार का कहना है कि यह चार्ज ग्राहक से सीधे नहीं लिया जाएगा, बल्कि मर्चेंट पेमेंट इकोसिस्टम में लागू होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब
MDR व्यवस्था को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और अन्य पक्षों को चार सप्ताह के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल करने का निर्देश दिया है। अदालत ने टिप्पणी की कि मामला मुख्य रूप से कानूनी से ज्यादा तकनीकी प्रकृति का है।
सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि इस व्यवस्था से बड़ी संख्या में होने वाले सामान्य UPI लेन-देन प्रभावित नहीं होंगे। सरकार के अनुसार, P2M ट्रांजैक्शन के करीब 96 प्रतिशत हिस्से पर MDR का असर नहीं पड़ेगा।
15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है?
नए फ्रेमवर्क के अनुसार, 2,000 रुपये से अधिक के चुनिंदा P2M UPI पेमेंट पर 0.4% MDR लागू होगा। वहीं Person-to-Person यानी एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति को किए जाने वाले UPI ट्रांसफर पर कोई MDR नहीं लगेगा। 2,000 रुपये तक के सामान्य मर्चेंट पेमेंट भी इस MDR से बाहर रखे गए हैं।
बड़े मूल्य के कुछ लेन-देन के लिए MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये रखी गई है। वहीं कुछ आवश्यक और कम मार्जिन वाले सेक्टर के लिए अलग फ्लैट MDR व्यवस्था निर्धारित की गई है।
ग्राहक से सीधे चार्ज नहीं लिया जाएगा
सरकार ने स्पष्ट किया है कि MDR UPI से भुगतान करने वाले ग्राहक पर लगाया जाने वाला शुल्क नहीं है। बैंकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि मर्चेंट इस शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर न डालें। साथ ही UPI ऐप प्रोवाइडर्स को प्लेटफॉर्म फीस या किसी छिपे हुए चार्ज के जरिए ग्राहक से रकम लेने की अनुमति नहीं होगी।
इसका मतलब यह है कि प्रस्तावित MDR का ढांचा मुख्य रूप से मर्चेंट और पेमेंट इकोसिस्टम से जुड़ा है। हालांकि, इस व्यवस्था के भविष्य में ग्राहकों और कारोबारियों पर पड़ने वाले असर को लेकर अलग-अलग पक्षों की चिंताएं सामने आई हैं।
क्या Person-to-Person UPI भी महंगा होगा?
नहीं। सरकार के मौजूदा फ्रेमवर्क के अनुसार P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति को किया जाने वाला UPI ट्रांसफर MDR के दायरे में नहीं है। यानी किसी व्यक्ति को UPI के जरिए पैसे भेजने पर केवल ट्रांजैक्शन की राशि अधिक होने के कारण यह MDR लागू नहीं होगा।
अब इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के सामने केंद्र का जवाब महत्वपूर्ण होगा। फिलहाल अदालत ने नए MDR ढांचे पर रोक नहीं लगाई है, इसलिए 15 अक्टूबर से प्रस्तावित व्यवस्था पर तत्काल रोक नहीं लगी है।
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