Sushant Singh Rajput की मौत पर फिर उठे सवाल, बहन Shweta बोलीं- शरीर पर थे कई घाव
सुशांत सिंह राजपूत ने साल 2020 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। उनकी मौत जिन हालात में हुई, उन्हें लेकर आज भी कई सवाल उठते हैं। सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति समय-समय पर इस मामले को लेकर अपनी बात रखती रही हैं। अब उन्होंने एक वीडियो के जरिए पोस्टमार्टम को लेकर एक दावा किया है।
श्वेता ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर क्या कहा?
श्वेता सिंह कीर्ति ने अपनी कार से एक वीडियो रिकॉर्ड किया। इसमें उन्होंने दावा किया कि सुशांत का पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति ने हाल में परिवार को शरीर पर कई तरह के घाव होने की बात बताई।
श्वेता ने वीडियो में कहा, "जिस व्यक्ति ने भाई का पोस्टमार्टम किया था, उसने हमें हाल में ही बताया है कि शरीर पर कई घाव थे। भाई के गले पर शॉट गन का निशान था, एक टांग टूटी हुई थी और शरीर पर बहुत जोर लगाया गया था, जिसकी वजह से भाई की आंखें भी जख्मी थीं।"
यह श्वेता सिंह कीर्ति की ओर से किया गया दावा है। उन्होंने अपने बयान में पोस्टमार्टम करने वाले व्यक्ति का नाम नहीं बताया।
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किसी करीबी के साथ ऐसा हो तो दिल कैसे मानेगा?
श्वेता ने अपनी बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि किसी करीबी के साथ ऐसी घटना होने पर उसे स्वीकार करना और माफ करना आसान नहीं होता।
उन्होंने कहा, "मुझे पता है कि अपने किसी करीबी के बारे में ये सोचकर भी कैसा लगता है? अगर ऐसा कुछ आपके साथ हो तो आप किसी को माफ भी कर सकते हो लेकिन किसी करीबी के साथ ऐसा हो तो दिल कैसे मानेगा? ऐसे में किसी इंसान को माफ करने में आपको बहुत वक्त लगेगा।"
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सुशांत के प्रशंसकों से श्वेता ने क्या कहा?
सुशांत सिंह राजपूत के लाखों प्रशंसक हैं, जो लगातार उनके लिए न्याय की मांग करते रहे हैं। श्वेता ने ऐसे लोगों से नफरत या बदले की भावना नहीं रखने और भगवान पर भरोसा बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा, "मैं चाहती हूं कि लोग किसी भी तरह की नफरत या रिवेंज ना पालें। मुझे लगता है कि जिंदगी का पर्पज प्यार फैलाना है, इसलिए भगवान में भरोसा रखें।"
Anemia Risks: Hemoglobin और Iron बढ़ाने के लिए भीगी किशमिश के साथ Diet में शामिल करें Vitamin C
शरीर में खून की कमी यानी की एनीमिया होने एक बहुत आम समस्या है। वहीं इसका सबसे ज्यादा शिकार महिलाएं होती हैं। आंकड़ों के मुताबिक भारत में करीब 57% महिलाएं और लड़कियां एनीमिया की समस्या का शिकार हैं। खून में हीमोग्लोबिन का लेवल कम होने से एनीमिया होती है। हीमोग्लोबिन सभी अंगों तक ऑक्सीजन पहुंचाता है, इसकी कमी होने पर शरीर के ऊतकों को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिल पाता है।
अगर आपको भी हर समय ज्यादा थकान और कमजोरी महसूस होने लगती है, स्किन पीली हो रही है, सांस फूलने या सांस लेने में समस्या रहती है या चक्कर आता है। तो एक बार आपको डॉक्टर से इसकी जांच करानी चाहिए कि कहीं यह एनीमिया का संकेत तो नहीं है। एनीमिया होने पर लोगों को गुड़, चुकंदर और रोजाना सुबह भीगी हुई किशमिश खाने की सलाह दी जाती है। वहीं किशमिश को लेकर दावा इतना ज्यादा वायरल हो रहा है कि कई लोगों का मानना है कि रोजाना सुबह भीगी हुई किशमिश खाने से खून की कमी दूर होगी। तो आइए जानते हैं इसमें कितनी सच्चाई है।
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जानें एनीमिया में किशमिश खाने के फायदे
शरीर में लाल रक्त कोशिकाएं और हीमोग्लोबिन बनाने में इस्तेमाल होने वाला खनिज आयरन किशमिश में पाया जाता है। यही वजह है कि इससे एनीमिया की समस्या ठीक हो सकती है।
अगर किसी में आयरन की कमी की वजह हल्का पोषण समस्या है, तो किशमिश और आयरन से भरपूर डाइट से फायदा मिल सकता है।
लेकिन अगर शरीर में हीमोग्लोबिन कम है या शरीर में आयरन ठीक से अवशोषित नहीं हो रहा है, तो ऐसी स्थिति में सिर्फ किशमिश खाने से काम नहीं चलेगा।
भीगी किशमिश के लाभ
एनीमिया की वजह पता करना भी बेहद जरूरी है। महिलाओं में भोजन में आयरन की कमी, अधिक मासिक रक्तस्त्राव, आंतों से आयरन का कम अवशोषण या दूसरी बीमारियों की वजह से भी एनीमिया की समस्या हो सकती है। डाइट में गड़बड़ी होने से एनीमिया होने पर किशमिश से काफी हद तक सुधार हो सकता है।
भिगोकर किशमिश खाने से यह नरम हो जाती है और इसको पचाना भी आसान हो जाता है।
किशमिश के अलावा आयरन के अन्य स्त्रोत जैसे हरी बीन्स, दालें, मांस-मछली और कुछ सूखे फलों को अपनी डाइट में शामिल करना चाहिए।
इन बातों का भी रखें खास ध्यान
बता दें कि एनीमिया में सिर्फ आयरन की मात्रा नहीं बल्कि इसका अवशोषण भी जरूरी है। पशु स्त्रोतों से मिलने वाले आयरन की तुलना में पौधों से मिलने वाले आयरन का अवशोषण कम होता है।
विटामिन सी भी इसके अवशोषण को बढ़ाने में सहायता करता है। यानी की आयरन वाली चीजों को खाने के साथ-साथ अपनी डाइट में विटामिन सी को भी शामिल करना जरूरी होता है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो गंभीर लेवल की एनीमिया में सिर्फ खाने के माध्यम में शरीर में आयरन की जरूरत को पूरा कर पाना मुश्किल होता है। ऐसे में डॉक्टर की सलाह और सप्लीमेंट्स लेना जरूरी हो जाता है।
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