Responsive Scrollable Menu

दिल्ली में सितंबर में नवंबर जैसी ठंड क्यों? 21 डिग्री तक गिरा पारा, बारिश और हवाओं ने बदला मौसम

Explainer: दिल्ली में सितंबर के आखिरी दिनों में मौसम ने अचानक ऐसा करवट बदला है कि सुबह और रात के समय लोगों को गर्म कपड़े और कंबल निकालने पड़े हैं. महीने की शुरुआत में जहां उमस और गर्मी परेशान कर रही थी, वहीं अब सुबह के वक्त हवा में ठंडक महसूस हो रही है. लगातार बारिश, बादल और उत्तर-पश्चिम दिशा से आने वाली ठंडी हवाओं ने राजधानी के तापमान को सामान्य से काफी नीचे पहुंचा दिया है.

27 सितंबर 2026 को सफदरजंग मौसम केंद्र पर न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. यह इस समय के सामान्य तापमान से करीब तीन डिग्री कम था. भारत मौसम विज्ञान विभाग यानी IMD के अनुसार, सितंबर में 2001 के बाद यह दूसरा सबसे कम न्यूनतम तापमान है. इससे कम तापमान 6 सितंबर 2008 को 20.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ था. 19 सितंबर 2024 को न्यूनतम तापमान 21.1 डिग्री सेल्सियस रहा था, जो अब इस सूची में तीसरे स्थान पर है.

सितंबर में नवंबर जैसी ठंड क्यों महसूस हो रही है?

सितंबर के आखिरी सप्ताह में दिल्ली में आमतौर पर गर्मी और उमस पूरी तरह खत्म नहीं होती. IMD के सितंबर के सामान्य आंकड़ों के मुताबिक महीने के आखिरी दिनों में दिल्ली का सामान्य न्यूनतम तापमान करीब 23.3 से 23.9 डिग्री सेल्सियस रहता है. ऐसे में 21 डिग्री का न्यूनतम तापमान सामान्य से काफी नीचे है.

इस बार मौसम में बदलाव के पीछे एक साथ कई परिस्थितियां काम कर रही हैं. आसपास के इलाकों में बारिश और तूफानी गतिविधियों के बाद उत्तर और उत्तर-पश्चिम दिशा से ठंडी हवाएं दिल्ली तक पहुंचीं. इसके साथ ही लगातार बारिश के कारण जमीन और वातावरण के निचले हिस्से में नमी बढ़ी.

बारिश के बाद आसमान में बादल, हवा की दिशा और गति तथा तापमान में गिरावट ने मिलकर दिल्ली के मौसम को सामान्य सितंबर से अलग बना दिया.

बारिश ने कैसे बदला तापमान?

दिल्ली में 26 सितंबर की रात से कई इलाकों में बारिश हुई. सफदरजंग वेधशाला में 27 सितंबर की सुबह तक 4.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. रिज में 6.8 मिमी, लोधी रोड में 5.2 मिमी, मयूर विहार में 7 मिमी और कुछ अन्य इलाकों में भी बारिश दर्ज की गई.

बारिश का सीधा असर अधिकतम तापमान पर भी पड़ा. बादल और वर्षा के कारण दिन में सूर्य की गर्मी जमीन तक अपेक्षाकृत कम पहुंची. इसके चलते दिन का तापमान भी सामान्य से नीचे चला गया.

यानी इस बार केवल रातें ही ठंडी नहीं हुईं, बल्कि दिन में भी गर्मी की तीव्रता कम रही. इसी वजह से दिल्लीवासियों को सितंबर में ही अक्टूबर-नवंबर जैसा मौसम महसूस होने लगा.

पहाड़ी इलाकों की ठंडी हवा का कितना असर?

दिल्ली के मौसम पर उत्तर और उत्तर-पश्चिम भारत की हवाओं का असर काफी महत्वपूर्ण होता है. जब इन दिशाओं से ठंडी हवा राजधानी की ओर आती है तो तापमान में अचानक गिरावट हो सकती है.

ताजा मौसम रिपोर्टों में दिल्ली में ठंडक के पीछे आसपास के क्षेत्रों में बारिश और ठंडी उत्तर एवं उत्तर-पूर्वी हवाओं को प्रमुख कारण बताया गया है.

हालांकि इसे सीधे तौर पर केवल पहाड़ों में हुई बर्फबारी का नतीजा बताना सही नहीं होगा. इस समय दिल्ली के तापमान में गिरावट के पीछे व्यापक मौसम प्रणाली, बारिश और हवाओं की दिशा का संयुक्त प्रभाव महत्वपूर्ण है.

दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में कितना गिरा तापमान?

राजधानी के सभी इलाकों में तापमान एक जैसा नहीं रहा. 27 सितंबर को सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 21 डिग्री दर्ज किया गया, लेकिन रिज इलाके में यह और नीचे चला गया.

रिपोर्ट के अनुसार, रिज में न्यूनतम तापमान 16.8 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. पालम में 19.2 डिग्री और अयानगर में 21.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया.

इससे यह भी समझा जा सकता है कि दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में लोगों को ठंड का अनुभव अलग-अलग क्यों हुआ.

क्या अभी ठंड और बढ़ेगी?

IMD के उपलब्ध पूर्वानुमान से संकेत मिलता है कि यह ठंड लंबे समय तक इसी स्तर पर रहने की संभावना नहीं है. 28 सितंबर को भी दिल्ली में बादल और हल्की बारिश की संभावना के साथ न्यूनतम तापमान करीब 20-21 डिग्री के आसपास रहने का अनुमान था. इसके बाद 29 सितंबर से आसमान साफ होने पर तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी की संभावना जताई गई.

सफदरजंग के लिए IMD के पूर्वानुमान में 27 सितंबर को न्यूनतम 22 और अधिकतम 31 डिग्री, 28 सितंबर को न्यूनतम 22 और अधिकतम 32 डिग्री तथा 29 सितंबर से तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी का अनुमान था.

इसका मतलब यह है कि फिलहाल महसूस हो रही ठंड को दिल्ली में सर्दियों की स्थायी शुरुआत मानना जल्दबाजी होगी. मौसम साफ होने और धूप बढ़ने के साथ दिन का तापमान फिर ऊपर जा सकता है.

AQI में भी दिखा मौसम का असर

बारिश और तेज हवाओं का एक और असर दिल्ली की हवा की गुणवत्ता पर दिखाई देता है. बारिश वातावरण में मौजूद धूल और कुछ प्रदूषक कणों को नीचे बैठाने में मदद करती है, जबकि तेज हवा प्रदूषकों को फैलाने में मदद कर सकती है.

28 सितंबर की सुबह उपलब्ध मौसम जानकारी में नई दिल्ली के लिए हवा की गुणवत्ता मध्यम श्रेणी में बताई गई थी, जबकि तापमान करीब 24 डिग्री था.

हालांकि, केवल एक-दो दिनों के अच्छे AQI को पूरे साल की वायु गुणवत्ता में स्थायी सुधार नहीं माना जा सकता. दिल्ली की हवा पर आने वाले दिनों में स्थानीय उत्सर्जन, हवा की गति, नमी और तापमान जैसी कई परिस्थितियों का असर पड़ेगा.

क्या यह मौसम सामान्य है?

सितंबर में कभी-कभार तापमान सामान्य से काफी नीचे जा सकता है, इसलिए यह घटना अपने आप में मौसम विज्ञान की दृष्टि से असंभव या असामान्य नहीं है. लेकिन 21 डिग्री सेल्सियस का न्यूनतम तापमान 2001 के बाद सितंबर का दूसरा सबसे कम स्तर होना इसे जरूर उल्लेखनीय बनाता है.

यह भी ध्यान रखना जरूरी है कि दिल्ली में मौसम तेजी से बदल सकता है. सितंबर के आखिरी दिनों में बारिश और ठंडी हवाओं के कारण तापमान गिरने के बाद अक्टूबर की शुरुआत में धूप और साफ आसमान के साथ तापमान फिर बढ़ सकता है.

तो क्या दिल्ली में सर्दी ने दस्तक दे दी?

फिलहाल इसे सर्दियों की औपचारिक शुरुआत कहना सही नहीं होगा. दिल्ली में सितंबर के अंत में आया यह ठंडा दौर मुख्य रूप से बारिश, बादलों और ठंडी हवाओं के संयुक्त प्रभाव से जुड़ा है.

हां, इस बदलाव ने यह जरूर दिखा दिया है कि मानसून के अंतिम चरण के बाद राजधानी का मौसम तेजी से बदल सकता है. 21 डिग्री का न्यूनतम तापमान, कुछ इलाकों में इससे भी कम पारा और बारिश के बाद साफ हुई हवा ने दिल्ली को सितंबर में ही सर्दियों की हल्की झलक जरूर दे दी है.

आने वाले कुछ दिनों में तापमान बढ़ने की IMD की संभावना के बीच फिलहाल दिल्लीवालों के लिए तस्वीर यही है—सुबह ठंडी, दिन सुहाना और दोपहर में धीरे-धीरे लौटती गर्मी.

यह भी पढ़ें - फरीदाबाद में 250 फुट गहरे बोरवेल में गिरी 3 साल की बच्ची की मौत, 10 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

Continue reading on the app

Vastu Tips for Staircase: घर बनाते समय सीढ़ियों की गिनती क्यों है जरूरी? 5, 8, 11 राज है बेहद दिलचस्प

घर बनाते समय दीवार, कमरे, दरवाजे और खिड़कियों की दिशा का तो ध्यान रखा जाता है, लेकिन क्या आप जानते हैं, वास्तु में सीढ़ियों की कुल संख्या भी उतनी ही महत्वपूर्ण मानी जाती है.

Continue reading on the app

  Sports

अजीत अगरकर की जगह ये पूर्व क्रिकेटर बना टीम इंडिया का चीफ सेलेक्टर, न्यूजीलैंड दौरे के लिए चुनेगा टीम

टीम इंडिया के पूर्व स्पिनर प्रज्ञान ओझा को अंतरिम चीफ सेलेक्टर बनाया गया है. अजीत अगरकर 4 अक्टूबर को अपना पद छोड़ देंगे. Tue, 29 Sep 2026 22:59:04 +0530

  Videos
See all

PM Kisan Samman Nidhi Yojana : किसानों की 24वीं किस्त पर बड़ा अपडेट! | Kisan Samman Nidhi | #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T19:30:17+00:00

तीसरे पति का सिर मुंडवाया, अब चौथे की तलाश |#shorts #shortvideo #viral #viralvideo #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-29T19:30:04+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers