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Explainer: बार-बार भूलना- फोकस में कमी जैसे लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज न करें, ब्रेन फॉग से आएगा हार्ट अटैक?

Brain Fog Causes: आजकल की तेज रफ्तार जिंदगी में वर्क प्रेशर, लगातार बढ़ता हुआ स्क्रीन टाइम, नींद की कमी और तनाव हमारे स्वास्थ्य को बुरी तरह प्रभावित कर रही है. ऐसे में कई लोगों को अक्सर ऐसा महसूस होता है कि उनका दिमाग ठीक तरीके से काम नहीं कर रहा है. छोटी-छोटी बातें याद नहीं रहतीं, किसी काम में लंबे समय तक फोकस करना मुश्किल लगता है और बातचीत के दौरान अचानक सही शब्द का याद नहीं आना,  कुछ लोग ऐसे संकेतों को 'दिमाग में धुंध छाने' जैसा बताया जाता है. बता दें कि मेडिकल भाषा में इसे आमतौर पर ब्रेन फॉग कहा जाता है.

अक्सर लोग इसे सिर्फ थकान, ज्यादा काम या नींद पूरी न होने का कारण मानकर, इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं. लेकिन क्या ब्रेन फॉग का संबंध सिर्फ मानसिक थकान से है? हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक, हर मामले में ऐसा जरूरी नहीं होता है. शरीर में ब्लड फ्लो और ऑक्सीजन की सप्लाई से जुड़ी कुछ स्थितियां भी दिमाग की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकती हैं. यही कारण है कि कुछ परिस्थितियों में ब्रेन फॉग और हार्ट हेल्थ के बीच कनेक्शन है और इस पर ध्यान देना जरूरी हो जाता है.

क्या है ब्रेन फॉग और इसके शुरुआती लक्षण?

सबसे पहले हमें यह समझना जरूरी है कि ब्रेन फॉग अपने आप में कोई दिमागी बीमारी नहीं है. यह एक ऐसी स्थिति होती है, जिसमें इंसान को सोचने, चीजों को याद रखने में, फोकस करने में या फैसला लेने में सामान्य से ज्यादा परेशानी महसूस हो सकती है. इसके दौरान व्यक्ति को बार-बार चीजें भूलना, किसी काम पर फोकस न कर पाना या फिर बातचीत के बीच सही शब्द याद न आने जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं. बच्चों में कई बार पढ़ते या काम करते समय ऐसा लगता है कि जानकारी सामने होने के बावजूद भी उसे समझने या याद रखने में ज्यादा समय लग रहा है.

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ब्रेन फॉग का एक्सपीरियंस अलग-अलग लोगों में अलग प्रकार से हो सकता है. स्ट्रैस, नींद की कमी, थकान और कई अन्य हेल्थ प्रॉब्लम्स इसके पीछे हो सकते हैं. इसलिए, सिर्फ ब्रेन फॉग के आधार पर किसी बीमारी का फैसला लेना सही नहीं है.

दिमाग और दिल के बीच क्या कनेक्शन है?

हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, दिमाग हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंग है. यह उन अंगों में शामिल है, जिसे लगातार ऑक्सीजन और न्यूट्रिशन की जरूरत होती है. इन्हें शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक पहुंचाने का काम ब्लड सर्कुलेशन के जरिए होता है और इस प्रक्रिया में दिल की महत्वपूर्ण भूमिका भी होती है.

डॉक्टर क्या कहते हैं?

कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टर अंशुल कुमार ने एक मीडिया चैनल को बताते हैं कि जब हमारा हार्ट सही तरीके से ब्लड को पंप नहीं कर पाता है, तो शरीर के दूसरे अंगों के साथ-साथ ब्रेन तक ब्लड और ऑक्सीजन की सप्लाई को भी प्रभावित करता है. ऐसी स्थिति में इंसान की मानसिक सतर्कता, फोकस और याददाश्त पर असर पड़ता है. यही कारण है कि कुछ मामलों में लगातार रहने वाले मानसिक धुंधलेपन (mental fogginess) को नजरअंदाज करने के बजाय उसके पीछे मौजूद कारणों को समझना बहुत जरूरी होता है.

किन हार्ट प्रॉब्लम्स से जुड़ा है Brain Fog?

हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट की कमजोर कार्यक्षमता, हार्ट फेलियर और ब्लड वैसेल्स से जुड़ी समस्याएं लंबे समय में ब्रेन की कार्यक्षमता को प्रभावित कर सकता है. उदाहरण के लिए, लंबे समय तक हाई BP रहने से रक्त वाहिकाओं पर दबाव पड़ सकता है. वहीं, जब हार्ट की पंपिंग करने की क्षमता प्रभावित होती है तो शरीर के विभिन्न अंगों तक पर्याप्त ब्लड पहुंचने में समस्या हो सकती है.

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि ब्रेन फॉग होने वाला हर इंसान हार्ट की बीमारी से जूझ रहा है. इसके पीछे नींद की कमी, तनाव, पोषण की कमी, हार्मोनल चेंजेस या अन्य स्वास्थ्य कारण भी हो सकते हैं. इसलिए, लक्षणों को देखकर खुद से किसी भी बीमारी की पहचान करने के बजाय जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर होता है.

कब ब्रेन फॉग को गंभीरता से लेना चाहिए?

अगर कभी-कभार नींद पूरी न होने से या बहुत ज्यादा थकान के बाद भी ध्यान लगाने में परेशानी हो रही है तो यह जरूरी नहीं कि किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो. लेकिन यदि किसी को भूलने की समस्या बार-बार हो रही है तो रोजमर्रा के काम भी प्रभावित होने लगते हैं. इसके अलावा, लंबे समय तक फोकस करने में परेशानी बनी हुई है, तो भी इसके कारणों पर ध्यान देना चाहिए. खासतौर पर अगर मानसिक धुंधलेपन के साथ व्यक्ति को सांस फूलने, असामान्य थकान, सीने में असहजता, चक्कर आना या दिल की धड़कनों से जुड़ी परेशानी जैसे दूसरे लक्षण भी महसूस हों, तो मेडिकल हेल्प लेना जरूरी हो सकता है.

सिर्फ दिमाग नहीं, दिल का भी रखें ख्याल...

ब्रेन फॉग से बचाव के लिए किसी एक उपाय को पर्याप्त नहीं माना जा सकता है. शरीर और दिमाग दोनों की बेहतर सेहत के लिए लाइफस्टाइल पर ध्यान देना जरूरी होता है. आपको नियमित शारीरिक गतिविधियां करनी चाहिए, संतुलित डाइट करना, पर्याप्त नींद और तनाव को नियंत्रित रखना चाहिए. इसके अलावा, BP, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल की जांच भी नियमित रूप से और उन्हें नियंत्रण में रखना भी जरूरी होता है. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, दिल की सेहत का ध्यान रखना अप्रत्यक्ष रूप से ब्रेन हेल्थ के लिए भी फायदेमंद साबित हो सकता है, क्योंकि सही ब्लड सर्कुलेशन शरीर के महत्वपूर्ण अंगों तक ऑक्सीजन और पोषक तत्वों को पहुंचाने में मदद करेगा.

ब्रेन फॉग को सही से समझें...

ब्रेन फॉग को लेकर सबसे जरूरी बात यह होती है कि इसे देखकर तुरंत हार्ट की बीमारी की आशंका लगाना गलत हो सकता है. यह कई अलग-अलग कारणों से हो सकता है, लेकिन अगर यह समस्या लगातार बनी हुई है या दूसरे असामान्य लक्षणों के साथ दिखाई दे रहे हैं, तो इसे नजरअंदाज भी नहीं करना चाहिए.

दिल का ख्याल रखना दिमाग के लिए भी फायदेमंद

शरीर में दिखने वाला कोई भी बदलाव इस बात का संकेत हो सकता है कि हमें अपनी सेहत पर थोड़ा अधिक ध्यान देने की जरूरत है. इसलिए, पर्याप्त नींद, बेहतर खान-पान, नियमित रूप से एक्सरसाइज करना और स्ट्रैस मैनेजमेंट के साथ समय-समय पर हेल्थ चेकअप करवाना भी जरूरी होता है. दिल और दिमाग दोनों की सेहत एक-दूसरे से जुड़ी हुई होती है, इसलिए किसी एक को नजरअंदाज करके पूरी सेहत का ख्याल नहीं रखा जा सकता.

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विराट कोहली ने कुछ यूं दी जीवन की अनोखी सीख, फैंस का दिल जीतने के बाद कहा- 'पीछे मुड़कर देखना चाहिए, दुनिया की भागदौड़...'

Virat Kohli : भारत के दाएं हाथ के 37 वर्षीय अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मुकाबले में 139 रनों की नाबाद मैराथन पारी खेली. विराट ने इस पारी की बदौलत इंडियन क्रिकेट टीम के पहले वनडे मैच में 296 रनों का पीछा करते हुए 8 विकेट से जीत दिला दी. इस मैच में विराट कोहली ने कई बड़े रिकॉर्ड तोड़े उन्होंने सचिन तेंदुलकर से लेकर कई दिग्गज खिलाड़ियों के पीछे छोड़ दिया. विराट कोहली ने अपनी इस पारी के बाद बड़ा बयान दिया है. उन्होंने अपने जीवन और कई निजी बातों का ज्रिक किया है. इसके साथ ही उन्होंने रिकॉर्ड्स हासिल करने और अपने प्रदर्शन पर भी बात की है. विराट ने देश के युवा खिलाड़ियों को भी बड़ा मैसेज दिया है. विराट कोहली ने क्या-क्या कहा है, आइए इसके बारे में जानते हैं. 

विराट कोहली का रिकॉर्ड्स बनाने पर बड़ा बयान

विराट कोहली ने कहा कि, 'मेरा फोकस कभी भी इन माइलस्टोन्स पर नहीं रहा है. ऐसा कह सकते हैं. यह सिर्फ टीम के लिए काम करते हुए सिचुएशन को समझने पर है. अचीवमेंट्स अपने आप आती ​​हैं, जाहिर है, मैं इतने लंबे समय तक खेलने और इस पोजीशन पर होने के लिए बहुत आभारी और बहुत ब्लेस्ड महसूस करता हूं. बस अपना सिर झुकाए, कड़ी मेहनत करते हुए, और भगवान का शुक्रिया अदा करता हूं कि मुझे जो कुछ भी मिला है और जो मौके मुझे अपनी ज़िंदगी में मिले हैं, मैं आज यहां हूं. हमारी जिंदगी और सफर बहुत ब्लेस्ड है क्योंकि बहुत से लोग यहां आना चाहते हैं, लेकिन हम लकी होते हैं'.

विराट ने आगे कहा कि, 'मुझे लगता है कि सबसे पहले गेम की समझ और जिस स्टेज पर मैं हूँ आप जानते हैं, खुद को फिजिकली बहुत फिट रखना, क्योंकि गेम कमोबेश दिमाग में ही होता है. मैं कभी ऐसा इंसान नहीं रहा जिसने बहुत प्रैक्टिस की हो, तब भी नहीं जब मैं तीनों फॉर्मेट खेल रहा था, जैसा कि आप जानते हैं. तो मेरे लिए यह मेंटली फ्रेश रहने, प्रेजेंट मोमेंट में रहने और खुद को एक खास तरीके से खेलने के लिए एक्सप्रेस करने इस टेम्पलेट की ज्यादा बार आदत डालने के बारे में है. मैं फिजिकली फिट रहता हूं और फिर मैं गेम को उस तरह से विज़ुअलाइज कर पाता हूं जैसा मैं खेलना चाहता हूं, जिससे मुझे वहां जाकर वैसा करने का सबसे अच्छा मौका मिलता है जैसा मैंने आज रात किया'.

विराट कोहली ने अपने जीवन की सीख की साझा

उन्होंने आगे कहा कि, 'मुझे लगता है कि हमें बस एक बार पीछे मुड़कर देखना चाहिए कि हम कहां से आए हैं. जिसे हम अक्सर भूल जाते हैं, जब हम दुनिया की भागदौड़ में और उन जगहों पर पहुंच जाते हैं जहां हमें इतना अटेंशन, फेम और फैंस का इतना प्यार मिलता है. यह भूलना बहुत आसान हो सकता है कि आप कहां से आए हैं लेकिन मुझे लगता है कि जब आपने बचपन में शुरुआत की थी, तब से लेकर अब तक के सफर को पीछे मुड़कर देखने पर आपको शुक्रगुजार महसूस होता है. मैं इंडिया के लिए खेलते हुए हर मिनट का मजा लेता हूं'.

विराट कोहली ने युवा खिलाड़ियों पर बोली बड़ी बात 

विराट कोहली ने कहा कि, 'आपको वैसे ही खेलना है जैसा आप खेलना चाहते हैं और मुझे लगता है कि आपको हर बार जब आप खेलने जाते हैं तो खुद को यह याद दिलाना होगा. इससे वह पॉजिटिविटी, वह रिस्क लेना, वह माइंडसेट अनलॉक होता है जो आपको अपनी टीम के लिए गेम जीतने में मदद करता है. यही एकमात्र सलाह है जो मैं युवा लोगों को दूंगा. फील्ड के बाहर की बाकी सभी चीजों के बारे में ज्यादा मत सोचो. एक बार जब आप ग्राउंड में उतरते हैं, तो यह सब कुछ है और यह आप लोगों के लिए सब कुछ होना चाहिए'.

वर्ल्ड कप पर विराट कोहली ने बोली खास बात 

विराट ने कहा कि, 'हम वर्ल्ड कप से एक साल दूर हैं. मुझे पता है कि मेरा गोल क्या है और हां मेरे लिए यह बिल्कुल साफ है कि हमें जो भी गेम मिलें, मुझे बस गेम के अलग-अलग पहलुओं पर काम करते रहना है, खुद को फिजिकल रूप से फिट रखना है, खुद को चैलेंज करना है कि मैं मैदान पर रहूं, अगर हो सके तो आखिरी 15 ओवर में बाउंड्री से बाउंड्री तक दौड़ूं, इनर रिंग में फील्डिंग करूं, इंटेंसिटी दिखाऊं. मेरे पास इस फॉर्मैट में भी खेलने के लिए कुछ समय बचा है और हां, मैं बस हर दिन का मजा लेना चाहता हूं'.

विराट कोहली का पहले वनडे में शानदार प्रदर्शन 

विराट कोहली ने सबसे पहले 40 बॉल में 3 चौके और 2 छक्कों की मदद से अपने 50 रन पूरे किए. इसके बाद कोहली ने 74 बॉल में 6 चौके और 6 छक्कों के साथ 100 रन पूरे कर सेंचुरी लगाई. ये उनके वनडे क्रिकेट करियर की 55वीं सेंचुरी थी. इस मैच में विराट कोहली ने 88 बॉल में 10 चौके और 9 छक्कों की मदद से 139 रनों की नाबाद पारी खेली. इस पारी के दौरान उनका स्ट्राइक रेट 157.95 का रहा था. अब विराट कोहली से अगले मैच में एक बार फिर से वेस्टइंडीज के खिलाफ फैंस बेहतरीन प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे.

विराट कोहली द्वारा पहले वनडे मैच में बनाए गए प्रमुख रिकॉर्ड

विराट ने पूरे किए 15000 वनडे रन - विराट कोहली ने 15000 वनडे रन पूरने करने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज हैं. उनसे पहले भारत के पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने इस आंकड़े को छुआ है. विराट दुनिया के सबसे तेज 15000 रन बनाने वाले बल्लेबाज भी बन चुके हैं. 

विराट के वनडे में घर पर 7000 रन - विराट कोहली पहले क्रिकेटर बन गए हैं, जिनके नाम एक देश में 7 हजार वनडे रन बनाए हैं. विराट कोहली से पहले सचिन तेंदुलकर एक देश में सबसे ज्यादा वनडे रन बनाए थे. सचिन ने भारत में 6976 वनडे रन बनाए. अब विराट उनसे आगे निकल चुके हैं.

वेस्टइंडीज के खिलाफ 10 वनडे शतक - विराट कोहली वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे में 10 शतक लगाने वाले पहले बैटर बन गए हैं. विराट कोहली इससे पहले श्रीलंका के खिलाफ 10 वनडे शतक लगा चुके हैं. इसके साथ ही एक देश के खिलाफ सबसे ज्यादा शतक के मामले में कोहली सबसे ऊपर मौजूद हैंं

विराट के नाम दर्ज हुए एक मैच में सबसे ज्यादा छक्के - वेस्टइंडीज के खिलाफ इस मैच में विराट कोहली ने 139 रनों की पारी खेली, जिसमें उनके बल्ले से 9 छक्के लगाए. ये एक वनडे पारी में उनके द्वारा लगाए गए सबसे ज्यादा छक्के हैं.

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