Weather update: दिल्ली में 18 वर्षों का टूटा रिकॉर्ड, सितंबर के अंत में महसूस हुई कड़ाके की ठंड, पहाड़ी राज्यों में बढ़ी ठंड
देशभर में मानसून के अंतिम चरण और मौसम के बदलते चक्र ने एक नया रिकॉर्ड बना दिया है। पर्वतीय क्षेत्रों में हुई बेमौसम बर्फबारी और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में ठिठुरन अचानक बढ़ गई है।
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में इस मौसमी बदलाव का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला है, जहां तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने से पिछले 18 वर्षों का रिकॉर्ड टूट गया है और सितंबर के महीने में ही लोगों को कड़ाके की ठंड का अहसास होने लगा है।
जम्मू-कश्मीर में मौसम का मिजाज और बर्फबारी का असर
जम्मू-कश्मीर के ऊपरी इलाकों में मौसम ने अचानक करवट ली है। प्रसिद्ध पर्यटक स्थलों और पर्वतीय श्रृंखलाओं पर हल्की से मध्यम बर्फबारी दर्ज की गई है, जबकि मैदानी हिस्सों में लगातार बारिश हो रही है। इस बदलाव के कारण घाटी में ठंडी हवाएं चल रही हैं और तापमान सामान्य से काफी नीचे आ गया है, जिससे प्रशासन ने भी ऊंचाई वाले क्षेत्रों में जाने वाले लोगों और पर्यटकों के लिए चेतावनी जारी की है।
हिमाचल प्रदेश के ऊंचे पर्वतों पर बिछी बर्फ की सफेद चादर
हिमाचल प्रदेश में भी मौसम के इस यू-टर्न ने लोगों को हैरान कर दिया है। राज्य के लाहुल-स्पीति, किन्नौर और कुल्लू की ऊंची पहाड़ियों पर बर्फबारी के बाद ठिठुरन बढ़ गई है। तापमान में आई भारी गिरावट के चलते स्थानीय लोगों ने गर्म कपड़े निकालने शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही, लगातार हो रही बारिश से कृषि और बागवानी फसलों को भी आंशिक नुकसान पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।
उत्तराखंड में भारी बारिश, भूस्खलन और ठंड का प्रकोप
देवभूमि उत्तराखंड में भारी बारिश और पर्वतीय इलाकों में बर्फबारी के कारण जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। कई जिलों में लगातार बारिश के चलते रास्तों पर भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे यातायात बाधित हुआ है। चारधाम यात्रा के मार्गों पर भी सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए हैं ताकि यात्रियों को किसी प्रकार की असुविधा या खतरे का सामना न करना पड़े।
उत्तर प्रदेश में बारिश से आफत और मौसम विभाग का अलर्ट
एक तरफ जहां पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और ठंड ने दस्तक दी है, वहीं उत्तर प्रदेश में मूसलाधार बारिश ने मुसीबतें खड़ी कर दी हैं। राज्य के कई जिलों में जलभराव और यातायात की समस्याएं उत्पन्न हुई हैं। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर भारत के इन सभी प्रभावित क्षेत्रों में मौसम खराब रहने और सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
आज का पंचांग 28 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है, जो शाम 7 बजकर 14 मिनट तक रहेगी। इसके बाद तृतीया तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: सोमवार
- नक्षत्र: रेवती- सुबह 10:17 बजे तक
- योग: ध्रुव- सुबह 8:54 बजे तक
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 बजे से 5:41 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:29 बजे से 3:17 बजे तक
राहुकाल
- दिल्ली: सुबह 7:42 बजे से 9:12 बजे तक
- मुंबई: सुबह 7:59 बजे से 9:29 बजे तक
- चंडीगढ़: सुबह 7:44 बजे से 9:14 बजे तक
- लखनऊ: सुबह 7:27 बजे से 8:57 बजे तक
- भोपाल: सुबह 7:41 बजे से 9:11 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:12 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:11 बजे
आज के व्रत
- अशून्य शयन व्रत
- द्वितीया तिथि का श्राद्ध
आज का पर्व
पितृपक्ष द्वितीया श्राद्ध
आज का धार्मिक महत्व
28 सितंबर 2026 को आश्विन कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। पितृपक्ष में इस दिन उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु किसी भी माह के किसी भी पक्ष की द्वितीया तिथि को हुई हो। धार्मिक मान्यता के अनुसार पितृपक्ष में विधि-विधान से श्राद्ध और तर्पण करने से पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है। इसी दिन अशून्य शयन व्रत भी रखा जाता है। धार्मिक परंपरा में इस व्रत को पति-पत्नी के संबंधों में प्रेम और सौहार्द बनाए रखने से जोड़ा गया है। यह व्रत विशेष रूप से पुरुषों द्वारा किए जाने की परंपरा बताई जाती है।
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