आज से 3 दिन बैंक बंद, 1 अक्टूबर को खुलेंगे:हफ्ते में 2 दिन की छुट्टी के लिए बैंककर्मियों की हड़ताल, डिजिटल सर्विस चालू रहेंगी
हफ्ते में 2 दिन की छुट्टी के लिए आज से बैंक कर्मचारी 3 दिन की हड़ताल पर हैं। यानी बुधवार तक देशभर के सरकारी और कुछ निजी बैंक बंद रहेंगे। इस दौरान चेक क्लीयरेंस, नकद जमा और निकासी, FD रिन्यूअल और सरकारी खजाने से जुड़े काम नहीं होंगे। अब बैंक शाखाएं सीधे गुरुवार, 1 अक्टूबर को खुलेंगी। बैंकों ने अपने ग्राहकों से कहा है कि हड़ताल की वजह से ब्रांच स्तर की सेवाएं प्रभावित रहेंगी। हालांकि, इस दौरान UPI, मोबाइल बैंकिंग और ATM जैसी डिजिटल सेवाएं चालू रहेंगी। नोटबंदी के 10 साल बाद रविवार को बैंक खुले बैंक हड़ताल की वजह से वित्त मंत्रालय के निर्देश पर 10 साल बाद रविवार को आम लोगों के लिए बैंक खुले। इससे पहले, 2016 में नोटबंदी के बाद 14 नवंबर को रविवार के दिन बैंक खुले थे। तब पुराने 500 और 1000 के नोट बदलने, जमा करने और कैश निकालने के लिए लोग बैंकों में लाइन में लगे थे। भीड़ संभालने के लिए सरकार ने रविवार को भी बैंक खोलने का फैसला लिया था। ATM से कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं बैंक हड़ताल के दौरान SBI और PNB सहित सभी सरकारी बैंकों के ATM से मंथली फ्री लिमिट खत्म होने के बाद भी कैश निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। RBI के नियमों के मुताबिक, अभी अपने बैंक के ATM से हर महीने 5 बार फ्री में कैश निकाल सकते हैं। दूसरे बैंक के ATM से दिल्ली, मुंबई जैसे मेट्रो शहरों में महीने में 3 बार और छोटे शहरों में 5 बार फ्री ट्रांजेक्शन की लिमिट है। अगर आप एक महीने में लिमिट से ज्यादा बार ATM से कैश निकालते हैं, तो हर बार ₹23 + GST चार्ज कटता है। इसके अलावा जब आप ATM का इस्तेमाल करते हैं, तो बैंक भी एक-दूसरे को फीस देते हैं- कैश निकालने पर 19 रुपए और बैलेंस चेक करने पर 7 रुपए। हड़ताल पर अड़ीं यूनियन, 90% कर्मचारी शामिल होंगे वित्तीय सेवा विभाग, इंडियन बैंक्स एसोसिएशन और बैंक प्रबंधन की हड़ताल टालने अपील को यूनियनों ने ठुकरा दिया है। हड़ताल में देश की 7 बड़ी बैंक यूनियनें शामिल होंगी, जिनसे लगभग 90% से ज्यादा बैंक कर्मचारी जुड़े हैं। इनमें AIBEA, AIBOC, NCBE, AIBOA, BEFI, INBEF और INBOC शामिल हैं। यूनियंस का कहना है कि जब तक सरकार हफ्ते में 5-डे वर्किंग लागू करने की कोई पक्की तारीख तय नहीं कर देती, तब तक उनका यह विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। बैंकों में 5-डे वर्किंग पर सरकार का इनकार बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से ठीक पहले मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि, सरकार ने कभी भी बैंकों के लिए 5-डे वर्किंग का वादा नहीं किया था और सैलरी रिवीजन की बातचीत के दौरान भी इस मुद्दे पर चर्चा नहीं हुई। वित्त मंत्रालय के सूत्र ने कहा कि यह मांग कर्मचारी यूनियनों की तरफ से एकतरफा उठाई थी और दोनों पक्षों के बीच इस पर कोई सहमति नहीं बनी थी। PLI स्कीम को लेकर भी सरकार और यूनियंस आमने-सामने हफ्ते में 5 दिन काम के अलावा बोनस (PLI) के नियमों को लेकर भी विवाद चल रहा है। सरकार ने बड़े अधिकारियों जैसे स्केल-4 और उससे ऊपर के अफसरों के लिए बोनस का एक नया नियम लागू किया है। इसके तहत अच्छा काम करने वाले अफसरों को 365 दिन की बेसिक सैलरी के बराबर इंसेंटिव या बोनस मिल सकता है। बैंक यूनियनें इस बात का भी विरोध कर रही हैं। -------------- ये खबर भी पढ़ें दिवाली-दशहरा पर 102 फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनें चलेंगी: आज से टिकटों की रिजर्वेशन शुरू; जानें टाइमिंग और रूट्स की डिटेल्स दिवाली और दशहरा के दौरान ट्रेनों में होने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे 102 फेस्टिव स्पेशल ट्रेनें चलाएगी। आज से इन स्पेशल ट्रेनों के लिए टिकटों की बुकिंग शुरू हो गई है। इनमें सफर करने के लिए स्पेशल चार्जेस देना होगा। 10 अक्टूबर से 24 नवंबर के बीच चलने वाली ये स्पेशल ट्रेनें मुंबई, चेन्नई, लातूर, कोल्हापुर और कलबुर्गी जैसे शहरों के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाएंगी। पूरी खबर पढ़ें…
UPI ट्रांजेक्शन पर चार्ज मामले में SC में आज सुनवाई:0.4% MDR लगाने के खिलाफ याचिका, 15 अक्टूबर से लागू होने हैं नए नियम
सुप्रीम कोर्ट आज, 28 सितंबर को यूपीआई पेमेंट पर चार्ज लेने से जुड़ी जनहित याचिका पर सुनवाई करेगा। सरकार ने 2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर 0.4% फीस लगाने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था 15 अक्टूबर से लागू होनी है। याचिका में इस फीस लेने को रद्द करने की मांग की गई है। CJI सूर्यकांत की तीन जजों की बेंच करेगी सुनवाई कोर्ट की कॉज लिस्ट के अनुसार, मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच के सामने होगी। वकील अंजन दत्ता ने ये जनहित याचिका की है। बिना सलाह और ठोस कानून के फीस लगाने का आरोप याचिका में कहा गया है कि सरकार ने जनता से चर्चा किए बिना और कोई ठोस नियम बनाए बिना ही यह फीस तय कर दी। इसके अलावा, 'पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007' के एक नियम (धारा 10A) को भी अदालत में चुनौती दी गई है। आरोप है कि यह नियम सरकार को अपनी मर्जी से यह फैसला करने की छूट देता है कि कौन-सा डिजिटल पेमेंट फ्री रहेगा और किस पर चार्ज लगेगा। रुपे कार्ड और UPI के नियमों में अंतर पर सवाल याचिका में रुपे डेबिट कार्ड और UPI के बीच किए गए इस भेदभाव को गलत ठहराया गया है। याचिकाकर्ता के मुताबिक, सरकार ने रुपे कार्ड से पेमेंट पर 'जीरो-चार्ज' की सुविधा जारी रखी है, लेकिन UPI से ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर फीस लगा दी है। इसे मनमाना फैसला बताते हुए कहा गया है कि इससे कम मार्जिन पर काम करने वाले छोटे कारोबारियों पर बोझ बढ़ेगा और आम ग्राहकों की जेब पर भी असर पड़ेगा। UPI चार्ज के नए नियम: कारोबारियों पर क्या असर पड़ेगा? मर्चेंट डिस्काउंट रेट क्या होता है? MDR वह फीस है, जो कोई दुकानदार या व्यापारी कार्ड या UPI से पेमेंट लेने की सुविधा इस्तेमाल करने के बदले बैंक और पेमेंट कंपनियों को देता है। यह चार्ज पेमेंट सिस्टम और मशीनों को सही तरीके से चलाने के खर्च के लिए लिया जाता है। खास बात यह है कि यह फीस व्यापारी को देनी होती है, ग्राहक से नहीं ली जाती।
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