भारत की एशियाड में साउथ कोरिया पर सबसे बड़ी जीत:मेंस टीम ने 8-2 से हराया, अभिषेक और दिलप्रीत ने 2-2 गोल किए
भारत ने एशियन गेम्स के ग्रुप स्टेज के तीसरे मुकाबले में साउथ कोरिया को 8-2 से हरा दिया। चार बार की चैंपियन साउथ कोरिया के खिलाफ यह भारत की एशियन गेम्स में सबसे बड़ी जीत है। इस जीत के साथ भारतीय मेंस हॉकी टीम ने लगातार तीसरी जीत दर्ज की। भारत की ओर से अभिषेक और दिलप्रीत सिंह ने दो-दो गोल किए। भारतीय टीम ने मैच की शुरुआत से ही आक्रामक खेल दिखाया और साउथ कोरिया पर दबाव बनाए रखा। भारत ने पहले क्वार्टर में 4-0 की बढ़त बनाई भारत ने पहले क्वार्टर के चौथे मिनट में ही बढ़त बना ली। शिलानंद लाकड़ा ने गोल करके टीम का खाता खोला। सुखजीत सिंह ने नौवें मिनट में गोल किया। कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने 11वें मिनट में गेंद गोलपोस्ट में पहुंचाई। इससे भारत ने शुरुआती 11 मिनट में 3-0 की बढ़त बना ली। साउथ कोरिया को संभलने का मौका नहीं मिला। 14वें मिनट में अभिषेक ने भारत के लिए चौथा गोल दागा। भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में ही मैच पर पूरी तरह पकड़ बना ली। दिलप्रीत और अभिषेक ने बढ़ाई बढ़त दूसरे क्वार्टर में भी भारत ने दबदबा बनाए रखा। दिलप्रीत सिंह ने 26वें मिनट में गोल करके भारत की बढ़त 5-0 कर दी। तीसरे क्वार्टर में 32वें मिनट में दिलप्रीत ने अपना दूसरा गोल दागा। अभिषेक ने 38वें मिनट में अपना दूसरा गोल किया। इससे भारतीय टीम को 7-0 की मजबूत बढ़त मिल गई। सात गोल से पिछड़ने के बाद साउथ कोरिया ने वापसी की कोशिश की। किम जाएहो ने 42वें मिनट में गोल करके साउथ कोरिया का खाता खोला। इसके बाद किम योंगबोक ने 52वें मिनट में दूसरा गोल दागा। हालांकि, तब तक मुकाबला भारत के नियंत्रण में था। मैच के आखिरी मिनट में राजिंदर सिंह ने गोल किया। इस गोल के साथ भारत ने जीत का अंतर 8-2 कर दिया। इंडोनेशिया-श्रीलंका के बाद साउथ कोरिया को हराया भारत ने एशियन गेम्स में अपने अभियान की शुरुआत इंडोनेशिया के खिलाफ की थी। भारतीय टीम ने उस मुकाबले में 13-1 से जीत दर्ज की। इसके बाद श्रीलंका के खिलाफ भारत ने 16-1 की एकतरफा जीत हासिल की। अब साउथ कोरिया के खिलाफ 8-2 की जीत के साथ भारत ने ग्रुप स्टेज में लगातार तीसरी जीत दर्ज की है।भारतीय टीम का अगला मुकाबला 26 सितंबर को जापान से होगा। विवेक सागर प्रसाद का 200वां इंटरनेशनल मैच विवेक सागर प्रसाद ने भारत के लिए 200 सीनियर इंटरनेशनल मैच पूरे कर लिए हैं। उन्होंने साउथ कोरिया के खिलाफ मुकाबले में उतरकर यह उपलब्धि हासिल की। ------------------------ स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… एशियन गेम्स- भारत को मिक्स्ड स्कीट में पहली बार मेडल निशानेबाज अनंतजीत सिंह नारूका और परिनाज धालीवाल की जोड़ी ने एशियन गेम्स में भारत को ब्रॉन्ज दिलाया। इस जोड़ी शॉटगन शूटिंग के स्कीट मिक्स्ड टीम इवेंट के फाइनल में 48 में से 44 निशाने लगाकर तीसरा स्थान हासिल किया।गेम्स के इतिहास में इंडिया को इस इवेंट में पहली बार मेडल मिला है। पूरी खबर…
संजू को हटाकर वैभव को खिलाने पर बोले गंभीर:उस रात सो नहीं सका, इंग्लैड दौरे पर टीम का जीतना जरूरी था
भारत के हेड कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को हटाकर वैभव सूर्यवंशी को खिलाने के फैसले को मुश्किल बताया है। उन्होंने कहा कि इस फैसले के बाद वे पूरी रात सो नहीं सके। इंग्लैंड के खिलाफ जुलाई में खेली गई 5 मैचों की टी-20 इंटरनेशनल सीरीज के पहले मुकाबले के बाद सैमसन को टीम से बाहर कर दिया गया था। उनकी जगह वैभव को मौका मिला और उन्होंने टी-20 इंटरनेशनल डेब्यू किया। हालांकि, वैभव के डेब्यू वाले मैच में भारत को हार का सामना करना पड़ा। भारत यह सीरीज 4-0 से हारा था। गंभीर ने कहा कि वैभव शानदार फॉर्म में थे और भारत को सीरीज जीतनी थी। इसी वजह से सैमसन की जगह वैभव को खिलाने का फैसला लिया गया। फैसला बेहद मुश्किल लगा गंभीर ने जियोस्टार से भारत के वेस्टइंडीज के खिलाफ घरेलू सीजन से पहले बातचीत की। उन्होंने कहा कि सैमसन भारत की टी-20 वर्ल्ड कप जीत में प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहे थे। जो खिलाड़ी प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट रहा हो, उसे तीन या चार मैचों के बाद बाहर करना आसान नहीं था। इसका कारण यह था कि वैभव भी शानदार फॉर्म में थे। हमें सीरीज जीतनी थी। जब आप भारत के लिए खेलते हैं या भारत को कोच करते हैं, तो हर सीरीज जीतना चाहते हैं। गंभीर ने आगे कहा, मैंने संजू से बहुत ईमानदारी से बात की। मैंने उनसे कहा कि वैभव शानदार फॉर्म में हैं। हमें टॉप ऑर्डर में रन बनाने वाला खिलाड़ी चाहिए। यह बात सिर्फ मेरे और संजू के बीच हुई गंभीर ने कहा, संजू ने इस फैसले को समझा और इसे अच्छे तरीके से लिया। यह बातचीत सिर्फ मेरे और संजू के बीच हुई थी। इसके बाद हाल ही में भारत ने अफगानिस्तान के खिलाफ घर में 3 मैचों की टी-20 सीरीज खेली। इस सीरीज में संजू की टीम में वापसी हुई और वैभव को बाहर किया गया। संजू ने वापसी के बाद लगातार 2 अर्धशतक लगाए। भारत ने यह सीरीज 3-0 से जीत ली। सोशल मीडिया से तय नहीं होती प्लेइंग XI गंभीर ने कहा, मैं जानता हूं कि यह मुश्किल है। लेकिन मैंने उसे समझाया कि तुम अच्छी फॉर्म में हो। फिर भी लंबे समय से अच्छा करने वाले खिलाड़ियों को कई बार अपने मौके का इंतजार करना पड़ता है। उन्होंने कहा, एक और बात है। सोशल मीडिया या बाहर का शोर प्लेइंग XI तय नहीं करता। प्लेइंग XI वह होती है, जिसे ड्रेसिंग रूम, कोच और कप्तान मैच जिताने के लिए सबसे बेहतर मानते हैं।
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