मोगरे का Gajra सिर्फ फैशन नहीं, CSIR के अनुसार Stress और थकान दूर करने में मददगार
शादी से लेकर किसी फंक्शन या फिर पूजा-पाठ एवं त्योहारों के समय साड़ियों और लहंगा के साथ बालों में मोगरा का गजरा जरुर लगाया जाता है। खासतौर पर दक्षिण भारत की महिलाएं अपने बालों में गजरा जरुर लगाती हैं। ज्यादार महिलाओं को लगता है कि गजरा सिर्फ श्रृंगार और बालों की खूबसूरती को बढ़ाने के लिए लगाया जाता है।
हालांकि, इसके पीछे एक गहरा वैज्ञानिक और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ा रहस्य भी छिपा हुआ है। चलिए आपको बताते हैं मोगरे के फूलों की खूशबू हमारे दिमाग, नर्वस सिस्टम और मूड पर सकारात्मक प्रभाव कैसे डालती है।
सेहत के लिए मोगरे का गजरा
तनाव और चिंता को कम करने में मददगार
वैज्ञानिक तथा औद्योगिक अनुसंधान परिषद (CSIR) के मुताबिक, मोगरे के फूलों से आने वाली खुशबू दिमाग को सुकून पहुंचाती है। जब गजरा बालों में बंधा जाता है, तो उसकी खुशबू नाक के जरिए शरीर के अंदर जाती है। वैसे यह खुशबू दिमाग में सेरोटोनिन और डोपामाइन जैसे खुशी महसूस कराने वाले हार्मोन्स को बढ़ाती है, जो मानसिक बेचैनी, चिंता और स्ट्रेस हार्मोन के लेवल को तेजी के कम करते हैं। इसकी मदद से मन तुरंत शांत हो जाता है और मूड अच्छा रहता है।
मूड स्विंग्स और मानसिक थकान से राहत
भागदौड़ भरी दिनचर्या से हम सभी थक ही जाते हैं। ऐसे में महिलाएं बालों में ताजा गजरा लगाती हैं, तो मोगरे की महक सुस्ती और दिमागी थकान को दूर करती हैं। अरोमाथेरेपी एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मोगरे के फूलों से निकलने वाले नेचुरल खुशबूदार तत्व दिमाग को रिफ्रेश करने के साथ ही मूड स्विंग्स और चिड़चिड़ेपन को कम करने में मदद करता है।
सिरदर्द और अनिद्रा की समस्या
आयुर्वेद के अनुसार, मोगरे के फूलों में ठंडक देने वाले गुण मौजूद होते हैं। स्कैल्प के पास गजरा लगाने से ये फूल सिर को ठंडक पहुंचाते हैं। इससे निकलने वाली खुशबू नसों के खिंचाव को कम करके सिरदर्द से राहत दिलाती है। इसके साथ ही भीनी-भीनी खुशबू से रात में गहरी और अच्छी नींद आने में भी मदद मिलती है।
पसीने की बदबू से राहत
मोगरे के फूल की खुशबू एक नेचुरल इत्र या परफ्यूम की तरह कार्य करता है। इसी वजह से बालों में गजरा लगाने से पसीने की बदबू दूर हो जाती है और बाल भी दिनभर महकते रहते हैं।
Periods में दर्द और ऐंठन से राहत देगा शतावरी का पानी, सुधरेगी Reproductive Health
महिलाओं के शरीर में होने वाले तनाव, हार्मोनल बदलावों, अनियमित लाइफस्टाइल और खानपान का सीधा असर फर्टिलिटी और पीरियड्स पर देखने को मिलता है। पीएमएस, अनियमित पीरियड्स, कंसीव करने में परेशानी या ज्यादा दर्द जैसे समस्याएं होती हैं, जिसके लिए महिलाएं कई बार आयुर्वेदिक नुस्खे अपनाती हैं। जोकि कारगर भी होते हैं। लेकिन बिना एक्सपर्ट की सलाह के इनका इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
ऐसा ही एक आयुर्वेद हर्ब शतावरी है। इसको महिलाओं की सेहत और खासकर पीरियड्स और फर्टिलिटी से जुड़ी दिक्कतों में काफी फायदेमंद माना जाता है। अगर आप इसको पानी में उबालकर पिएंगी, तो यह पीरियड्स से जुड़ी समस्याओं को दूर कर सकती है। यह हार्मोन को बैलेंस कर सकती है और कंसीव करने में भी मदद कर सकती है। ऐसे में आइए जानते हैं पीरियड्स और फर्टिलिटी की समस्या को दूर करने के लिए शतावरी का पानी कैसे पिएं और इसके क्या फायदे होते हैं।
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पीरियड्स में शतावरी के फायदे
पीरियड्स से जुड़ी दिक्कतों को दूर करने में शतावरी का अहम रोल होता है। इस कारण इसको महिलाओं का हेल्थ टॉनिक भी कहा जाता है।
जिन महिलाओं को समय पर पीरियड्स नहीं आते हैं। उनके लिए शतावरी का पानी फायदेमंद हो सकता है।
इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं। इसके पानी के सेवन से पीरियड्स के दौरान होने वाले तेज दर्द और ऐंठन से भी राहत मिलती है।
हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो पीरियड्स में होने वाली हैवी ब्लीडिंग को कम करने में भी शतावरी का पानी सहायता कर सकता है।
इसके सेवन से पीएमएस के लक्षण कम होते हैं। वहीं प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम के समय होने वाले मूड स्विंग्स, ब्लोटिंग और थकान को यह कम कर सकती है।
फर्टिलिटी सुधारने में इसके फायदे
शतावरी हार्मोन्स को बैलेंस करके फर्टिलिटी को सुधारने में सहायता करती है। इसके सेवन से कंसीव करने की क्षमता भी बेहतर हो सकती है।
शतावरी रिप्रोडक्टिव हेल्थ और ओव्यूलेशन को बेहतर बनाती है।
यह एस्ट्रोजन हार्मोन के लेवल को संतुलित करती है और ओव्युलेशन भी नियमित होता है।
शतावरी के सेवन से एंग्जायटी या तनाव कम होता है। स्ट्रेस भी कंसीव करने में बाधा पैदा कर सकता है और शतावरी स्ट्रेस लेवल को कम करने में मदद कर सकती है।
शतावरी यूट्रेस को स्वस्थ रखती है, जिससे कंसीव करने की संभावना बढ़ जाती है।
शतावरी में एंटीऑक्सीडेंट्स, फोलिक एसिड और अन्य कई न्यूट्रिएंट्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। इससे एग क्वालिटी में भी सुधार होता है।
ऐसे पिएं शतावरी का पानी
सबसे पहले शतावरी की दो स्टिक ले लें।
इसको 2 कप पानी में डालकर आधा रह जाने तक उबलने दें।
फिर इसको छानकर गुनगुना पिएं।
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