Ganjam में गांव पर हमले और भीड़ हिंसा मामले में 5 महिलाओं समेत 13 गिरफ्तार
ओडिशा पुलिस ने 14 सितंबर को गंजाम जिले के एक गांव पर हमले में शामिल होने के आरोप में रविवार को 13 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। एक पुलिस अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में पांच महिलाएं शामिल हैं।
उन्होंने बताया कि रविवार सुबह ब्रह्मपुर सदर थाना क्षेत्र के कुकुडाखंडी गांव में छापेमारी के बाद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। ब्रह्मपुर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अभिनव सोनकर ने बताया कि आरोपियों पर भीड़ हिंसा, गैर-कानूनी तरीके से बंधक बनाने, पुलिसकर्मियों के काम में बाधा डालने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं। उन्होंने कहा कि भीड़ हिंसा और पुलिस के काम में बाधा डालने में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, 14 सितंबर की दोपहर तलवार सहित अन्य हथियारों से लैस 8-10 लोगों की भीड़ मोटरसाइकिल पर सवार होकर कुकुडाखंडी बाउरी साही पहुंची और बम फेंके, जिससे इलाके में दहशत फैल गई। पुलिस के अनुसार, स्थानीय लोगों ने भीड़ में शामिल दो सदस्यों को उनकी मोटरसाइकिल के साथ पकड़ लिया। पुलिस ने शुरुआती जांच के बाद कहा कि इस घटना की वजह पुरानी दुश्मनी हो सकती है।
उसने बताया कि एक आरोपी के साथ बुरी तरह मारपीट की गई, जबकि दूसरे को सामुदायिक कक्ष के अंदर बंद कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि घटना की सूचना मिलने पर एक टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, उसने बताया कि भीड़ ने टीम को अपना कर्तव्य निभाने से रोका, उसके सदस्यों पर पत्थर फेंके और उनके साथ बदसलूकी की।
पुलिस के मुताबिक, एक आरोपी देर रात दो बजे तक सामुदायिक कक्ष में बंद रहा। बाद में वरिष्ठ अधिकारियों ने अतिरिक्त पुलिस बल और कुकुडाखंडी के कार्यकारी मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर दखल दिया, व्यक्ति को बचाया और उसे यहां एमकेसीजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने इस घटना के सिलसिले में 15 सितंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
Election Commission पुनर्गठन और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की झारखंड में वामदलों ने उठाई मांग
झारखंड में वाम दलों ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को तत्काल रोकने, निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन और मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की रविवार को मांग की। यहां हुई एक संयुक्त बैठक में भाकपा, माकपा, भाकपा (माले) लिबरेशन, फॉरवर्ड ब्लॉक, आरएसपी और एसयूसीआई के सदस्यों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर 28 सितंबर से दो अक्टूबर तक जिला स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करने का भी फैसला किया। माकपा की झारखंड इकाई के सचिव प्रकाश विप्लव ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि मुख्य निर्वाचन आयुक्त भाजपा और केंद्र सरकार के एजेंट के रूप में काम कर रहे हैं।
विप्लव ने कहा, ‘‘हम देश में एसआईआर को तत्काल रोकने, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और निर्वाचन आयोग के पुनर्गठन की मांग करते हैं।’’ वाम दलों ने उच्चतम न्यायालय से एसआईआर को लेकर निर्वाचन आयोग में कथित आंतरिक मतभेदों से संबंधित एक खबर का संज्ञान लेने का भी आग्रह किया। भाकपा (माले) लिबरेशन के राज्य सचिव मनोज भक्त ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल, बिहार और महाराष्ट्र में लाखों मतदाताओं के नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए गए। उन्होंने दावा किया, ‘‘निर्वाचन आयोग द्वारा हाल में झारखंड के लिए जारी किए गए आंकड़े संकेत देते हैं कि यहां बड़ी संख्या में लोग मतदान के अवसर से वंचित हो जाएंगे और उनके नाम मतदाता सूचियों से हटा दिए जाएंगे।
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