Bihar News: बाढ़ अस्पताल में औचक निरीक्षण से मचा हड़कंप, ड्यूटी से गायब मिले डॉक्टरों पर गिरी गाज
Bihar News: बाढ़ अनुमंडलीय अस्पताल में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया जब प्रशासनिक स्तर पर अचानक बड़ी जांच शुरू हो गई. अनुमंडल पदाधिकारी कृष्णा जोशी ने अस्पताल पहुंचकर सभी व्यवस्थाओं की बारीकी से पड़ताल की. इस दौरान स्वास्थ्य सेवाओं की हकीकत सामने आ गई. रोस्टर के अनुसार ड्यूटी पर तैनात रहने वाले दो प्रमुख डॉक्टर बिना किसी पूर्व सूचना के अस्पताल से पूरी तरह गायब मिले. डॉक्टरों की इस गैरहाजिरी को लेकर एसडीओ ने कड़ा रुख अपनाया और संबंधित चिकित्सकों से स्पष्टीकरण तलब करते हुए विभागीय कार्रवाई करने का आदेश दिया.
रोगी कल्याण समिति की बैठक में बनी योजनाएं
अनुमंडलीय अस्पताल परिसर में शनिवार सुबह रोगी कल्याण समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई थी. इस बैठक की अध्यक्षता खुद एसडीओ कृष्णा जोशी कर रहे थे. बैठक में समिति के तमाम सदस्य और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी मौजूद रहे. चर्चा का मुख्य केंद्र अस्पताल में आने वाले मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना था. समिति के सदस्यों ने अस्पताल परिसर में मौजूद कई कमियों की तरफ ध्यान आकर्षित कराया. इसमें अस्पताल परिसर में गड्ढों की भराई, मिट्टी भराई, जर्जर पड़े शौचालयों की मरम्मत और पीने के स्वच्छ पानी की कमी का मुद्दा प्रमुख रूप से शामिल था. एसडीओ ने इन सभी समस्याओं को गंभीरता से सुना और फंड के जरिए जल्द से जल्द निर्माण और मरम्मत कार्य पूरा कराने का भरोसा दिलाया.
अस्पताल के वार्डों का औचक निरीक्षण
बैठक समाप्त होते ही एसडीओ ने औचक निरीक्षण का फैसला लिया. वे सीधे मरीजों के वार्डों, दवा वितरण केंद्र और आपातकालीन कक्ष की तरफ बढ़ गए. अचानक हुए इस दौरे से अस्पताल कर्मियों और अधिकारियों के बीच अफरा-तफरी मच गई. अधिकारी ने सबसे पहले उपस्थिति पंजिका और ड्यूटी रोस्टर की जांच की. जांच के दौरान यह पाया गया कि जिन दो डॉक्टरों की तैनाती उस समय ड्यूटी पर थी, वे अपने कार्यस्थल से अनुपस्थित थे. इस लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए एसडीओ ने अस्पताल प्रबंधन को फटकार लगाई. उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और लापरवाह चिकित्सकों पर नियमानुसार कठोर कदम उठाए जाएंगे.
‘इंडी अलायंस हारे हुए लोगों का गठबंधन’, विपक्ष पर बरसे असम CM हिमंत बिस्वा सरमा
चुनाव आयोग और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर चल रहे विवाद के बीच असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधा है. सरमा ने राहुल गांधी से चुनाव आयोग को लेकर लगाए गए आरोपों पर देश की जनता से माफी मांगने की बात कही. उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस को लगातार चुनावी हार के कारणों पर आत्ममंथन करना चाहिए.
राहुल गांधी से माफी मांगने को कहा
हिमंत बिस्व सरमा ने ANI से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने चुनाव आयोग पर आरोप लगाकर लोगों के बीच भ्रम पैदा किया. उनके मुताबिक, विपक्ष की ओर से यह दावा किया जा रहा था कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने SIR से जुड़े फैसले अकेले लिए हैं.
सरमा ने कहा कि चुनाव आयोग ने अब स्पष्ट कर दिया है कि SIR से जुड़े फैसले तीनों चुनाव आयुक्तों की सर्वसम्मति से लिए गए थे. ऐसे में उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि अगर फैसले आयोग की सामूहिक मंजूरी से हुए थे, तो चुनाव आयोग पर इस तरह के आरोप लगाने का आधार क्या था.
चुनाव आयोग ने क्या कहा?
SIR को लेकर विवाद उस रिपोर्ट के बाद तेज हुआ, जिसमें चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी की ओर से आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर आपत्तियां उठाए जाने की बात कही गई थी. रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने करीब 10 महीनों में कई मौकों पर अलग-अलग मुद्दों पर अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थीं. इसके बाद चुनाव आयोग ने कहा कि आयोग के भीतर किसी मुद्दे पर अलग राय या सुझाव होना आंतरिक विचार-विमर्श का हिस्सा है. आयोग के अनुसार, SIR के शेड्यूल समेत संबंधित फैसले सर्वसम्मति से मंजूर किए गए.
कांग्रेस की चुनावी हार पर भी बोले सरमा
असम के मुख्यमंत्री ने कांग्रेस की चुनावी हार को लेकर भी राहुल गांधी पर निशाना साधा. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को यह विचार करना चाहिए कि अलग-अलग चुनावों में उसे जनता का समर्थन क्यों नहीं मिला. सरमा ने 2014 के लोकसभा चुनाव का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भी कांग्रेस को हार का सामना करना पड़ा था, जबकि उस दौर का चुनाव आयोग तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की सरकार के समय नियुक्त हुआ था. उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव हारने के बाद कांग्रेस कई बार EVM पर सवाल उठाती है, लेकिन हार के कारणों का आंतरिक विश्लेषण नहीं करती. ये आरोप सरमा के राजनीतिक बयान का हिस्सा हैं.
INDIA गठबंधन पर भी हमला
हिमंत सरमा ने आगामी विपक्षी INDIA गठबंधन की बैठक को लेकर भी टिप्पणी की. उन्होंने गठबंधन को “हारे और निराश लोगों का गठबंधन” बताया और आरोप लगाया कि विपक्ष का उद्देश्य देश की लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर करना है. हालांकि, यह सरमा का राजनीतिक आकलन है. विपक्षी दल SIR और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज करा रहे हैं. कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों ने चुनाव आयोग की भूमिका और CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सवाल उठाए हैं. दूसरी ओर, चुनाव आयोग अपने फैसलों को संस्थागत और सर्वसम्मत प्रक्रिया का हिस्सा बता रहा है.
SIR विवाद के बीच बढ़ी राजनीतिक बयानबाजी
SIR को लेकर विवाद के बीच सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बयानबाजी तेज हो गई है. विपक्ष चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठा रहा है, जबकि सरकार और उसके नेताओं की ओर से चुनाव आयोग के फैसलों का बचाव किया जा रहा है. इस पूरे विवाद के केंद्र में मतदाता सूची का पुनरीक्षण, चुनाव आयोग के भीतर निर्णय लेने की प्रक्रिया और अलग-अलग चुनाव आयुक्तों की राय जैसे मुद्दे हैं. आने वाले दिनों में इस मामले पर राजनीतिक बहस के साथ-साथ कानूनी और संस्थागत स्तर पर भी घटनाक्रम महत्वपूर्ण रहेगा.
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