विराट कोहली ने रचा इतिहास, वनडे में 15000 रन बनाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बने, टॉप पर हैं सचिन तेंदुलकर
Virat Kohli: भारतीय टीम के स्टार बल्लेबाज विराट कोहली ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले वनडे मैच में 59 रन बनाते ही इतिहास रच दिया है. विराट कोहली वनडे क्रिकेट में 15000 रन बनाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. इस मामले में पहले नंबर पर भारत के ही महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर हैं. अब वनडे क्रिकेट में इस कीर्तिमान को हासिल करने के मामले में भारत के ये दोनों महान बल्लेबाज क्रमशः पहले और दूसरे नंबर पर मौजूद हैं.
विराट कोहली ने वनडे क्रिकेट में पूरे किए 15000 रन
वेस्टइंडीज के खिलाफ तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे इस मुकाबले से पहले विराट कोहली को वनडे क्रिकेट में 15000 रन पूरे करने के लिए सिर्फ 59 रनों की जरूरत थी. रोहित शर्मा के आउट होने के बाद विराट कोहली नंबर-3 पर बल्लेबाजी करने उतरे. आते ही कोहली ने ताबड़तोड़ बल्लेबाजी शुरू कर दी. हालांकि, उन्होंने जरूरत पड़ने पर संभलकर भी खेला और अर्धशतक जड़ा. इसके बाद, कोहली ने 59 रन बनाते ही वनडे क्रिकेट में अपने 15000 रन पूरे कर इतिहास रच दिया.
????????,???????????? ???????????? ???????????????????????????????? ????
— ICC (@ICC) September 27, 2026
Virat Kohli becomes just the second batter to reach the landmark in ODI cricket ????
Follow the match ➡️ https://t.co/h38gxQF3rE pic.twitter.com/kE7v4bTikh
ODI में 15 हजार रन बनाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे खिलाड़ी बने विराट कोहली
विराट कोहली अब वनडे क्रिकेट में 15 हजार रन बनाने वाले दुनिया के सिर्फ दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं. उनसे पहले सिर्फ सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में 15 हजार रनों के आंकड़े को पार किया था. अब वनडे क्रिकेट के इतिहास में भारत के इन दो दिग्गजों, सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के नाम ही 15000 या उससे अधिक रन बनाने का महारिकॉर्ड दर्ज है.
Fastest to 1⃣5⃣0⃣0⃣0⃣ ODI runs ✅
— BCCI (@BCCI) September 27, 2026
Congratulations to Virat Kohli on becoming the second player to achieve the feat after Sachin Tendulkar ????????
Updates ▶️ https://t.co/O2cs86p4gq#TeamIndia | #INDvWI | @mflone_ | @imVkohli pic.twitter.com/CMhAIOXQhR
विराट कोहली बने सबसे तेज 15000 रन पूरा करने वाले खिलाड़ी
विराट कोहली इस मुकाम पर पहुंचने वाले सबसे तेज बल्लेबाज भी बन गए हैं. महान सचिन तेंदुलकर ने वनडे क्रिकेट में अपने 15000 रन 377 पारियों में पूरे किए थे, जबकि विराट कोहली ने महज 303 पारियों में यह कारनामा करके सचिन तेंदुलकर के इस रिकॉर्ड को तोड़ दिया है. इसी के साथ कोहली वनडे क्रिकेट के इतिहास में सबसे तेज 15000 रन बनाने वाले दुनिया के पहले खिलाड़ी बन गए हैं.
History made in Thiruvananthapuram! ????️#ViratKohli crosses 15,000 ODI runs to become only the 2nd batter in cricket history to reach this landmark, and he does it as the fastest ever in just 303 innings! ????????#INDvWI 1st ODI ???? LIVE NOW ???? https://t.co/zk2ABY21JG pic.twitter.com/g1k7ieGH5E
— Star Sports (@StarSportsIndia) September 27, 2026
यह भी पढ़ें: 56 साल का इंतजार खत्म! एशियन गेम्स में भारत के सर्वेश कुशारे ने हाई जंप में 2.25 मीटर की छलांग लगाकर जीता सिल्वर मेडल
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाने से पहले तथ्यों को देखें : सीएम धामी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को मुख्य सेवक सदन, मुख्यमंत्री आवास में आयोजित प्रेस वार्ता में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), युवाओं से जुड़े मुद्दों और कांग्रेस के आरोपों पर जवाब दिया. सीएम ने कहा कि भारत के लोकतंत्र की मजबूती का आधार देश की संवैधानिक संस्थाएं हैं. चुनाव आयोग भी एक स्वतंत्र संवैधानिक संस्था है और उसके आधिकारिक निर्णयों को उसी संदर्भ में देखा जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि 26 सितंबर को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार तथा निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी की पूर्ण आयोग की बैठक हुई. बैठक के बाद जारी नोट को पूरे आयोग की स्वीकृति प्राप्त है.
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि 24 जून 2025 को जारी SIR का मूल आदेश पूरे आयोग की सर्वसम्मति से जारी हुआ था. इसके बाद 12 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों तथा फिर 19 राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों में SIR की समय-सारिणी भी आयोग की सर्वसम्मति से स्वीकृत हुई. मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी आंतरिक टिप्पणी को सीधे आयोग के अंतिम निर्णय में मतभेद के रूप में प्रस्तुत करना उचित नहीं है.
‘हेडलाइन से नहीं, अंतिम संस्थागत निर्णय से तय होने चाहिए तथ्य’
मुख्यमंत्री ने कहा कि एक समाचार रिपोर्ट में दो निर्वाचन आयुक्तों द्वारा विभिन्न विषयों पर कम-से-कम 14 आपत्तियां दर्ज किए जाने की बात कही गई है, लेकिन आयोग का आधिकारिक पक्ष है कि SIR से संबंधित अंतिम आदेश सर्वसम्मति से लिए गए. उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में प्रश्न पूछे जाने चाहिए, लेकिन किसी इंटरनल नोट को अंतिम फैसला और किसी ऑब्जेक्शन को संस्थागत ब्रेकडाउन के रूप में प्रस्तुत नहीं किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि तथ्यों का निर्धारण हेडलाइन से नहीं, बल्कि पूरी फाइल और अंतिम संस्थागत निर्णय के आधार पर होना चाहिए.
सुप्रीम कोर्ट ने SIR की वैधानिक शक्ति को स्वीकार किया : धामी
मुख्यमंत्री ने कहा कि 27 मई 2026 के सुप्रीम कोर्ट के निर्णय में बिहार में SIR को लेकर चुनाव आयोग की शक्ति और अपनाई गई प्रक्रिया की वैधानिकता को स्वीकार किया गया है. सुप्रीम कोर्ट के आधिकारिक निर्णय सारांश के अनुसार, न्यायालय ने बिहार में किए गए SIR को संविधान के अनुच्छेद 324 और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 21(3) से संबंधित माना तथा प्रक्रिया को वैधानिक प्रावधानों और 1960 के नियमों के अनुरूप माना.
मुख्यमंत्री ने कहा कि कैबिनेट सेक्रेटरी को लिखे गए पत्र को लेकर भी चुनाव आयोग ने स्थिति स्पष्ट की है. आयोग के अनुसार यह प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की कार्यप्रणाली से जुड़ा प्रशासनिक विषय था.
Form-6 और मतदाताओं की सुविधा पर भी आयोग ने स्थिति स्पष्ट की
मुख्यमंत्री ने कहा कि Form-6 के संबंध में 26 सितंबर के आयोग के नोट में स्पष्ट किया गया है कि SIR के लिए Form-6 से जुड़े declaration को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का आधार प्राप्त है. वहीं, non-SIR अवधि में Registration of Electors Rules, 1960 के अनुसार निर्धारित सामान्य फॉर्म ही लागू रहेंगे.
उन्होंने कहा कि आयोग ने अनमैप्ड अथवा logical discrepancy वाले मतदाताओं के दस्तावेज घर जाकर प्राप्त करने की व्यवस्था की है. सामान्य परिस्थितियों में ऐसे मतदाताओं को व्यक्तिगत सुनवाई के लिए कार्यालय बुलाने के बजाय BLO उनके घर जाकर दस्तावेज प्राप्त करेंगे. रैन बसेरों में रहने वाले लोगों, श्रमिकों, गरीब और बेघर नागरिकों के लिए हेल्प डेस्क तथा विशेष कैंप लगाए जाने का निर्णय भी किया गया है. मुख्यमंत्री ने कहा कि छूटे हुए तथा पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों के नाम जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाने की भी व्यवस्था की गई है.
ECINet की स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि ECINet को लेकर उठाए गए प्रश्नों पर चुनाव आयोग ने स्वतंत्र तकनीकी समीक्षा की व्यवस्था की है. सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अध्यक्षता में IIT/IIIT के एक स्वतंत्र विशेषज्ञ को शामिल करते हुए समिति यह देखेगी कि ECINet कानून और नियमों के अनुरूप कार्य कर रहा है या नहीं. उन्होंने कहा कि आगे से आयोग की बैठकों का एजेंडा पहले सर्कुलेट करने और बैठकों के मिनट्स जारी करने का भी निर्णय लिया गया है.
‘कांग्रेस अपनी कमजोरी छिपाने के लिए प्रशासनिक मामलों को ढाल बना रही’
मुख्यमंत्री ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस का संगठन भी समाप्त हो चुका है और कांग्रेस के एक नेता कॉमेडी कलाकार बन चुके हैं. उन्होंने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि इन प्रशासनिक मामलों को ढाल बनाकर वह अपनी कमजोरी छिपा सकती है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की पीढ़ी बहुत समझदार है और वह जानती है कि देश की सुरक्षा और विकास को लेकर किस प्रकार की राजनीति की जरूरत है.
‘नकल माफिया के खिलाफ 100 से अधिक आरोपी जेल भेजे’
राहुल गांधी के देहरादून दौरे के दौरान नकल के मामलों को लेकर दिए गए बयान का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में नकल माफिया के खिलाफ लगातार कार्रवाई की गई है. उन्होंने कहा कि नकल के मामलों में 100 से अधिक आरोपियों को जेल भेजा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए प्रदेश में सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता रही है. उन्होंने कहा कि युवाओं के भविष्य जैसे संवेदनशील विषय पर राजनीतिक आरोप लगाने से पहले तथ्यों को देखना चाहिए.
‘वर्ग के आधार पर बांटने की राजनीति नहीं होनी चाहिए’
हल्द्वानी प्रकरण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी घटना को जातीय दृष्टिकोण से देखने से पहले उससे जुड़े तथ्यों की जांच आवश्यक है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की पहचान सामाजिक समरसता, भाईचारे और सभी वर्गों के परस्पर सम्मान की रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड को जाति और वर्ग के आधार पर बांटने की राजनीति नहीं होनी चाहिए. देवभूमि की सामाजिक एकता प्रदेश की सबसे बड़ी शक्ति है और इसे बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है.
‘जमीन से जुड़े आरोपों के प्रमाण सार्वजनिक करे विपक्ष’
जमीन से जुड़े कांग्रेस के आरोपों पर मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि विपक्ष के पास सरकार अथवा किसी सरकारी संस्था द्वारा नियमों के विरुद्ध जमीन बेचे जाने या दिए जाने का कोई प्रमाण है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि केवल आरोप दोहराने से कोई बात तथ्य नहीं बन जाती.
‘राजनीतिक असहमति अपनी जगह, भाषा और मर्यादा का ध्यान रखना जरूरी’
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की दिवंगत माता से जुड़े हालिया राजनीतिक विवाद, राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार श्री अजीत डोभाल को लेकर की गई टिप्पणी तथा देश के प्रथम CDS जनरल बिपिन रावत से जुड़े राजनीतिक बयानों का उल्लेख करते हुए कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन सार्वजनिक जीवन में भाषा और मर्यादा का ध्यान रखा जाना चाहिए.
‘संवैधानिक संस्थाओं को जिम्मेदार ठहराया जाता है’
मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस और राहुल गांधी को आगे भी हार का एहसास होता रहेगा. उन्होंने कहा कि नेता प्रतिपक्ष जैसे महत्वपूर्ण पद पर रहते हुए भी राहुल गांधी के बयानों में अपेक्षित गंभीरता दिखाई नहीं देती. मुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल की पहचान विकास से अधिक घोटालों और भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ी रही है. उन्होंने कहा कि सरकारें बदल गईं, लेकिन कांग्रेस के पुराने कारनामे आज भी लोगों की यादों में ताजा हैं. उन्होंने कहा कि अपनी हार का ठीकरा कभी EVM तो कभी संवैधानिक संस्थाओं पर फोड़ना कांग्रेस की आदत बन गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जनता का विश्वास खो चुकी कांग्रेस अब अपनी राजनीतिक असफलताओं के लिए नए बहाने तलाश रही है.
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
News Nation










