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इमाम-उल-हक के फोन की फॉरेंसिक जांच पूरी, रिजवान ने क्यों नहीं सौंपा मोबाइल?

पाकिस्तान क्रिकेट के रिजवान और इमाम-उल-हक की जांच में नया अपडेट. इमाम के फोन की जांच पूरी, रिजवान का सहयोग न करना चर्चा में. जानें पूरा मामला.

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EC में क्यों मचा घमासान? दोनों चुनाव आयुक्तों की कैबिनेट सचिव को भेजी चिट्ठी का बड़ा सच आया सामने

ECI Controversy: चुनाव आयोग के भीतर चल रही अंदरूनी खींचतान और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर को लेकर मचे घमासान के बीच एक बेहद अहम जानकारी सामने आई है. दोनों चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधु और विवेक जोशी द्वारा कैबिनेट सचिव को भेजी गई क्लासिफाइड चिट्ठी को लेकर जो अटकलें लगाई जा रही थीं, उन पर से अब पर्दा उठ गया है. सामने आई नई जानकारी के मुताबिक यह पूरी कवायद आयोग के किसी बड़े नीतिगत फैसले या मुख्य चुनाव आयुक्त से मतभेद के चलते नहीं हुई थी, बल्कि आयोग में प्रतिनियुक्ति पर तैनात एक वरिष्ठ सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर के कामकाज और अधिकारों में किए गए फेरबदल से जुड़ी हुई थी.

चिट्ठी का असल सच और विवाद की जड़

दरअसल उनतीस जुलाई को कैबिनेट सचिव टीवी सोमनाथन को यह चिट्ठी लिखी गई थी. सियासी गलियारों में यह चर्चा बहुत तेजी से फैल गई थी कि दोनों आयुक्तों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार द्वारा किए गए कामकाज के एकतरफा बंटवारे के खिलाफ अपनी आवाज उठाई है. ऐसा कहा जा रहा था कि इस बदलाव के जरिए आईटी डिवीजन पर उनके प्रशासनिक नियंत्रण और देखरेख को जानबूझकर सीमित करने का प्रयास हुआ था. हालांकि सच्चाई इससे काफी अलग बताई जा रही है.

स्थापित नियमों के जानकारों का कहना है कि अगर यह शिकायत सीधे मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ दर्ज करानी होती, तो प्रोटोकॉल के मुताबिक यह पत्र सीधे देश के राष्ट्रपति को भेजा जाता. चूंकि यह मामला प्रतिनियुक्ति पर आए एक अधिकारी की कार्यशैली और जिम्मेदारियों के पुनर्गठन से जुड़ा था, इसलिए इसे कैबिनेट सचिव के सामने रखा गया. इसके साथ ही आयोग ने यह भी साफ कर दिया कि संबंधित अधिकारी द्वारा जारी किए गए काम के नए आदेश को दोनों आयुक्तों के कहने के बाद तुरंत प्रभाव से रोक दिया गया था और उसे कभी धरातल पर उतरने ही नहीं दिया गया.

डिजिटल सुरक्षा और एक्सपर्ट कमेटी का गठन

चुनाव आयोग के एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म ECINet को लेकर पिछले कुछ समय से डेटा सुरक्षा और सेंट्रलाइजेशन के सवाल उठाए जा रहे थे. आयोग ने इन सभी चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए एक बड़ा कदम उठाया है. आयोग ने सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमिश्नर की अगुवाई में एक विशेष समीक्षा समिति का गठन किया है, जिसमें आईआईटी या ट्रिपल आईटी के स्वतंत्र तकनीकी विशेषज्ञ शामिल किए जाएंगे.

यह विशेष तकनीकी समिति पोर्टल की कार्यप्रणाली की गहन पड़ताल करेगी. इसका मुख्य मकसद यह पक्का करना है कि पोर्टल पर मौजूद अधिकार और एक्सेस कंट्रोल पूरी तरह से चुनाव से जुड़े कानूनों और तय दिशा-निर्देशों के अनुरूप ही काम करें. चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि बूथ लेवल ऑफिसर, ईआरओ और राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों के पास उनकी जिम्मेदारी के अनुसार ही सुरक्षित तरीके से आईडी और पासवर्ड आधारित एक्सेस मौजूद है. इसके अलावा यह कड़ा नियम भी तय किया गया है कि भविष्य में आईटी मॉड्यूल में किसी भी नए बदलाव को लागू करने से पहले अधिकारियों की समिति में विचार-विमर्श करना अनिवार्य होगा.

राजनीतिक खींचतान और आयोग का रुख

इस पूरे घटनाक्रम के सामने आते ही देश का सियासी तापमान काफी चढ़ गया है. विपक्षी दलों का गठबंधन इस पूरे मामले को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर हमलावर हो गया है. विपक्ष मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और पूरे मामले में देश की सबसे बड़ी अदालत के दखल की मांग कर रहा है. विपक्षी दल इस मुद्दे पर तीस सितंबर को राजधानी में एक बड़ी बैठक करने जा रहे हैं, जिसमें कानूनी नोटिस का प्रारूप तैयार करने की योजना बनाई जा रही है.

दूसरी तरफ केंद्र की सत्ता में बैठी भारतीय जनता पार्टी ने खुद को चुनाव आयोग के इस आंतरिक प्रशासनिक विवाद से पूरी तरह अलग कर लिया है. इस पूरे हंगामे के बीच चुनाव आयोग ने भरोसा जताया है कि किसी भी लोकतांत्रिक संस्था में अलग-अलग विचारों पर बातचीत और मंथन होना एक बेहद स्वस्थ और स्वाभाविक प्रक्रिया है. आयोग ने दो टूक शब्दों में यह बात दोहराई है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण सहित आयोग के सभी अंतिम फैसले पूरी तरह से एकजुट होकर और सर्वसम्मति से ही लिए जाते हैं.

यह भी पढ़ें: "INDI गठबंधन हारे हुए और निराश लोगों का गठबंधन है', CEC विवाद के बीच हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा

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  Sports

333 रन बनाकर हारा ऑस्ट्रेलिया, भारी पड़े दक्षिण अफ्रीका के दो शतकवीर, जीत का सिलसिला बरकरार

David Miller Temba Bavuma Centuries: टेम्बा बावुमा (103) और डेविड मिलर (142) के शानदार शतकों के दम पर दक्षिण अफ्रीका ने दूसरे वनडे में ऑस्ट्रेलिया को 32 रन से हराकर सीरीज पर कब्जा जमाया. पिंक डे पर खेली गई मिलर की आक्रामक पारी के बाद केशव महाराज, ब्योर्न फोर्टुइन और एडन मार्करम की त्रिमूर्ति स्पिन आक्रमण ने ऑस्ट्रेलिया की मजबूत शुरुआत को ध्वस्त कर दिया. मिचेल मार्श (84) और ट्रैविस हेड (84) के अर्धशतकों के बावजूद ऑस्ट्रेलियाई टीम 333 रनों पर सिमट गई. Sun, 27 Sep 2026 23:21:35 +0530

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