"INDI गठबंधन हारे हुए और निराश लोगों का गठबंधन है', CEC विवाद के बीच हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर निशाना साधा
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा ने रविवार को राहुल गांधी से भारत के चुनाव आयोग (ECI) के कामकाज को लेकर "लोगों के मन में भ्रम पैदा करने" के लिए माफी मांगने को कहा. उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को इस बात पर "आत्म-मंथन" करना होगा कि कांग्रेस को बार-बार लोगों ने क्यों नकारा है. सरमा ने मीडिया से बातचीत में कहा, "2014 में, आप (कांग्रेस) चुनाव हार गए थे. उस समय मनमोहन सिंह की ओर से नियुक्त चुनाव आयोग काम कर रहा था.
राहुल गांधी को आत्म-मंथन करना चाहिए कि लोग कांग्रेस पार्टी को बार-बार क्यों नकार रहे हैं. वे आत्म-मंथन नहीं करते. वे उस राज्य में नहीं जाते जहां वे हारे हैं. वे अपनी हार की वजह का विश्लेषण नहीं करते. जब भी वे चुनाव हारते हैं, तो वे EVM पर दोष मढ़ने लगते हैं." INDIA गठबंधन की आगामी बैठक पर टिप्पणी करते हुए, सरमा ने कहा कि यह केवल "हारे हुए और निराश लोगों" का गठबंधन है और यह गठबंधन केवल "लोकतंत्र को कमजोर" करने का प्रयास करता है.
निराश लोगों का गठबंधन
उन्होंने कहा, "INDI गठबंधन हारे हुए और निराश लोगों का गठबंधन है. उनका एकमात्र मकसद देश के लोकतंत्र को कमजोर करना है. ऐसे में उनकी बैठक का भारत की जनता पर किसी तरह का असर नहीं होने वाला है." उन्होंने राहुल गांधी से "लोगों के मन में भ्रम पैदा करने" के लिए माफी मांगने को कहा. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग के यह स्पष्ट करने के बाद कि पूरी SIR प्रक्रिया आयोग का सर्वसम्मत निर्णय थी, मामला साफ हो गया है. सरमा ने कहा,"अब राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए भारत की जनता से माफी मांगने के वक्त आ गया है.
मन में भ्रम पैदा करने का प्रयास किया
आपने बार-बार चुनाव आयोग पर यह दावा करते हुए हमला किया कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने एकतरफा निर्णय लिए हैं. लेकिन कल, पूरे आयोग ने एक साथ यह ऐलान किया कि सभी फैसले सर्वसम्मति से लिए गए थे." उन्होंने कहा, "तो फिर आपने लोगों के मन में भ्रम पैदा करने का प्रयास किया है. आपने EC पर हमला क्यों किया? राहुल गांधी एक के बाद एक संस्था पर हमला कर रहे हैं. ज्ञानेश कुमार से पहले, वह 90 चुनाव हार चुके थे."
आपको बता दें कि चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने SIR प्रक्रिया से जुड़े फैसलों और प्रक्रियाओं पर कई बार आपत्ति जताई थी. कांग्रेस, CPI, CPI(M), तृणमूल कांग्रेस और शिवसेना (UBT) सहित विपक्षी दलों ने CEC के इस्तीफे की मांग की है. कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी चुनाव आयोग से जुड़ी एक रिपोर्ट का हवाला देते हुए कुमार पर "चुनाव में मैच-फिक्सिंग" का आरोप लगाया था.
गुजरात से दौड़ी देश की पहली LNG ट्रेन, अमित शाह ने साबरमती से दिखाई हरी झंडी
गुजरात के साबरमती रेलवे स्टेशन से रविवार को देश की पहली LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस) से चलने वाली ट्रेन को हरी झंडी दिखाई गई. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने इस ट्रेन को रवाना किया. इस मौके पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल समेत कई जनप्रतिनिधि और रेलवे अधिकारी मौजूद रहे. इसके साथ ही साबरमती में 1,542 करोड़ रुपये से अधिक के कई रेलवे प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन, शिलान्यास और शुभारंभ किया गया.
डीजल और LNG दोनों से चलेगी ट्रेन
देश में पहली बार रेलवे ने ट्रेन के ड्राइविंग पावर कार (DPC) में LNG आधारित डुअल-फ्यूल तकनीक का इस्तेमाल किया है. साबरमती इंटीग्रेटेड कोचिंग डिपो में दो 1,400 हॉर्सपावर की ड्राइविंग पावर कारों को डीजल-LNG डुअल-फ्यूल सिस्टम में बदला गया है. इस तकनीक के तहत LNG करीब 40 प्रतिशत तक डीजल की जगह ले सकती है. इससे ईंधन की लागत और डीजल की खपत कम करने के साथ कार्बन डाइऑक्साइड, नाइट्रोजन ऑक्साइड और पार्टिकुलेट मैटर जैसे उत्सर्जन को कम करने में मदद मिलने की उम्मीद है.
रेलवे के मुताबिक, इस ट्रेन की दोनों परिवर्तित पावर कारों का 2,000 किलोमीटर से ज्यादा फील्ड ट्रायल भी पूरा किया जा चुका है. ट्रेन पूरी तरह LNG पर निर्भर नहीं होगी, बल्कि जरूरत और ईंधन की उपलब्धता के अनुसार LNG और डीजल दोनों का इस्तेमाल कर सकेगी.
404 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर Kavach
कार्यक्रम में अहमदाबाद डिवीजन के 404 किलोमीटर रेल नेटवर्क पर Kavach ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के लिए आधारशिला भी रखी गई. करीब 411 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना में अहमदाबाद-पलनपुर के 157 किलोमीटर और अहमदाबाद-सामाखियाली के 247 किलोमीटर रेलखंड शामिल हैं. यह सिस्टम ट्रेनों की सुरक्षा बढ़ाने और ओवरस्पीडिंग व टक्कर जैसी घटनाओं के जोखिम को कम करने में मदद करेगा.
इसके अलावा साबरमती-कालोल-भांडू मोतीदौ और साबरमती-साणंद-जखवाड़ा रेलखंडों पर 122.57 किलोमीटर में ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग सिस्टम शुरू किया गया है. करीब 118.83 करोड़ रुपये की लागत वाली यह व्यवस्था ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने और रेल मार्ग की क्षमता बढ़ाने में मदद करेगी.
WAG-12 शेड और रेलवे लाइन डबलिंग
साबरमती में करीब 700 करोड़ रुपये की लागत से WAG-12 इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड भी तैयार किया गया है. इसमें करीब 300 हाई-पावर WAG-12 इलेक्ट्रिक इंजनों के रखरखाव की सुविधा होगी.
वहीं 313.27 करोड़ रुपये की साबरमती-सारखेज रेलवे लाइन डबलिंग परियोजना के तहत 21 किलोमीटर रेल लाइन को डबल किया जाएगा. परियोजना को मार्च 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है. इससे रेल यातायात की क्षमता बढ़ाने और साबरमती-सारखेज-धोलेरा क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद मिलने की उम्मीद है. इन परियोजनाओं के जरिए गुजरात में रेलवे सुरक्षा, यात्री सुविधाओं, माल ढुलाई क्षमता और वैकल्पिक ईंधन आधारित परिवहन को मजबूत करने पर जोर दिया गया है.
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