पीएम मोदी के लिए लिखे लता मंगेशकर के उस खत की कहानी, जिसमें भेजी थी मंगल-मूर्ति
नई दिल्ली, 27 सितंबर (आईएएनएस)। “नाम गुम जाएगा, चेहरा ये बदल जाएगा। मेरी आवाज ही पहचान है, गर याद रहें।” यह कहानी है, हिंदुस्तान की सबसे मशहूर आवाज रहीं लता मंगेशकर की, जिन्हें हर किसी ने प्यार से ‘लता दीदी’ बुलाया। ‘स्वर साम्राज्ञी’ और ‘भारत की कोकिला’ जैसे विशेषण लता मंगेशकर के लिए गढ़े गए। संगीत उनके खून में बसा था। उनके गाने न सिर्फ भारत में, बल्कि पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत कई अन्य देशों में भी सुने और पसंद किए जाते थे। उनके गाए कई सदाबहार गीत आज भी हर पीढ़ी की जुबान पर रहते हैं।
सीएम फडणवीस के हाथों 29 सितंबर को ‘पंडित दीनदयाल उपाध्याय विश्वविक्रमी रोजगार महाकुंभ’ का उद्घाटन
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