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लहर-लहर:क्या सुख सिर्फ रोमांच और ‘वाह!’ का पल है, या इनसे कहीं आगे का एहसास?

सुख क्या है? दुख क्या है? अंग्रेजी में दो शब्द हैं- थ्रिल और जॉय। सवाल यह है कि ये थ्रिल और जॉय क्या सुख हैं? या ज़िंदगी में जो-जो चीजें हमें चाहिए थीं, उनका मिल जाना सुख है? हमारी कुछ बुनियादी जरूरतें हैं- रोटी, सिर पर छत और तन ढकने के लिए कपड़े। इनके बिना इंसान रह नहीं सकता। ये हम सबको चाहिए, लेकिन अगर कोई कहे कि ‘मैं सांस लेता हूं और इसमें मुझे बहुत सुख मिलता है’, तो इसे सुख नहीं कह सकते। सांस लेना तो जीने की शर्त है। यह होना ही चाहिए। इसे सुख-दुख की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। तो फिर सुख-दुख क्या है? सुख-दुख बाहर से नहीं आता। वह हमारे भीतर होता है। मुझे तब दुख होता है, जब कोई मुझे निराश करता है, क्योंकि मुझे उससे उम्मीद थी। मुझे दुख तब होता है, जब कोई ऐसी बात कहता है, जिससे मुझे लगता है कि उसने मुझे नीचा दिखाया। मुझे दुख तब होता है, जब कोई मुझे धोखा दे देता है। इन सभी मामलों में मेरे दुख का फैसला कौन कर रहा है? दरअसल, दूसरे लोग तय कर रहे हैं कि मुझे कब दुखी होना है। मेरी भावनाएं उनके व्यवहार से बंधी हुई हैं। यह ठीक नहीं है। किसी दूसरे व्यक्ति के व्यवहार को अपनी खुशी और अपने दुख की चाबी दे देना सही नहीं हो सकता। मैं यह भी मानता हूं कि जो लोग दूसरों को चोट पहुंचाते हैं या उनके साथ गलत व्यवहार करते हैं, कई बार उनकी अपनी समझ ठीक तरह से काम नहीं कर रही होती। अगर उनकी सोच साफ होती, अगर वे सामने वाले की भावनाओं को समझ पाते, लेकिन अगर उन्होंने बुरा किया है, तो यह उनकी कमजोरी है, उनकी कमी है। आप भी इंसान हैं, मैं भी इंसान हूं। हो सकता है, कभी गुस्सा आ जाए। ऐसी घड़ी में अपने आपको समझाइए कि जो व्यक्ति दूसरों को चोट पहुंचा रहा है, उसकी समझ विकसित नहीं है। उसे यह समझ नहीं आई है कि जीना कैसे चाहिए। अब सवाल है- सुख क्या है? मैं समझता हूं कि मैं एक गाड़ी खरीद लूंगा। बहुत बड़ी गाड़ी खरीद लूंगा, तो मुझे सुख मिल जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं है। आराम और सुख में फर्क है। हो सकता है, सुख के लिए आराम जरूरी हो, लेकिन आराम ही सुख नहीं है। सुख इंसान के भीतर है। इसी तरह चैन और सुख में भी फर्क है। जिसे हम अक्सर सुख के नाम पर ढूंढ रहे होते हैं, असल में वह चैन होता है, लेकिन हम उसे सुख कह देते हैं। चैन ही शायद उस सुख के सबसे करीब है, जिसे हम वास्तव में खोज रहे हैं। और वह चैन किसी हंगामे में नहीं मिलता। जो भी चीज इस रूप में आए कि आप कह उठें- ‘वाह! बड़ा मजा आया!’ तो यह मजा खत्म होने वाला है। इसका एक समय है। यह खत्म होगा और आप फिर अपनी सामान्य स्थिति में लौट आएंगे। मगर वह सामान्य स्थिति क्या है? वह जगह क्या है, जहां आप वापस लौटते हैं? वह शांत है। सुख एक शांत दरिया है। अगर वह आपके भीतर है, तो वह पूरे वक्त रहता है- चुपचाप, खामोशी से। सुख का मतलब यह नहीं कि ज़िंदगी में हर समय कोई खुशी की घटना होती रहे। सुख शायद उस स्थिति का नाम है, जहां दुख नहीं है। गाड़ियां खरीदना, बड़ी-बड़ी पार्टियां करना, अलग-अलग जगह घूमना- ये सब आपको थोड़ी देर के लिए थ्रिल दे सकते हैं, आनंद दे सकते हैं, लेकिन वह अनुभव खत्म हो जाएगा और आप फिर अपनी उसी सामान्य स्थिति में लौट आएंगे। इसलिए सवाल यह नहीं है कि बाहर से मुझे कितना सुख मिल रहा है। सवाल यह है कि जब बाहर का सारा शोर खत्म हो जाता है, तब मेरे भीतर क्या बचता है? अगर वहां कोई दुख नहीं है, कोई बेचैनी नहीं है, कोई ऐसी बाहरी चीज नहीं है जो मेरी भावनाओं की चाबी अपने हाथ में रखती हो- तो शायद वहीं सुख है। दुख का इलाज यह नहीं कि दुनिया मेरे हिसाब से व्यवहार करने लगे। दुख का सिर्फ यही इलाज है कि कोई बाहर वाला आपको दुख न दे सके। (संपादन और समन्वय- अरविंद मण्डलोई)

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जबलपुर: बरगी बांध का जलस्तर क्षमता से ऊपर, 17 गेट खोलकर की जा रही पानी की निकासी, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

मध्यप्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश का दौर जारी है। लगातार हो रही बारिश के चलते कई जगहों पर नदी-नाले उफान पर हैं। पुलों के ऊपर से पानी बहने के कारण कुछ गांवों का संपर्क शहरों और आसपास के इलाकों से टूट गया है। वहीं, तेज बारिश के चलते नर्मदा नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है जिससे नदी किनारे बसे क्षेत्रों में चिंता बढ़ गई है।

बता दें कि तेज बारिश के चलते बरगी बांध में लगातार पानी बढ़ रहा है। बांध पूरी तरह भर चुका है। इसी को देखते हुए आज एक बार फिर बरगी बांध के चार गेट खोले गए हैं। अब बांध के कुल 17 गेट खुले हैं और इनसे पानी छोड़ा जा रहा है।

बांध का जलस्तर तय क्षमता से ऊपर पहुंचा

सभी गेटों से औसतन 2.36 मीटर की ऊंचाई से करीब 6136 क्यूमेक पानी नर्मदा नदी में छोड़ा जा रहा है। बांध प्रबंधन के मुताबिक बांध का जलस्तर रविवार सुबह 423.06 मीटर दर्ज किया गया था जबकि बांध की निर्धारित पानी की क्षमता 422.76 मीटर है। माना जा रहा है कि अगर इसी रफ्तार से बांध में पानी आता रहा तो आने वाले समय में 21 गेट खोले जा सकते हैं।

घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील

बांध में लगातार पानी आने के चलते नर्मदा नदी के घाटों पर भी अलर्ट कर दिया गया है। नर्मदा के घाट पर 8 से 10 मीटर तक पानी का जलस्तर भी बढ़ गया है। ऐसे में बरगी बांध प्रबंधन और जिला प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए सभी लोगों से घाटों से दूरी बनाए रखने की अपील की है।

 

जबलपुर से वंदना झा की रिपोर्ट

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  Sports

भारत एशियन गेम्स महिला हॉकी के सेमीफाइनल में, 30 सितंबर को होगा साउथ कोरिया से सामना

Indian Women's hockey Team enter Semi Final: भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन जारी है. पूल बी के अपने आखिरी मुकाबले में भारत ने सिंगापुर को 7-0 से करारी शिकस्त दी. इस धमाकेदार जीत के साथ टीम इंडिया ने पूल स्टेज में लगातार पांचवीं जीत दर्ज करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया. अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम का मुकाबला अब 30 सितंबर को दक्षिण कोरिया से होगा. Sun, 27 Sep 2026 17:46:47 +0530

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