Pitru Paksha Shraddha Food: पितृ पक्ष में पितरों को क्या खिलाएं? श्राद्ध के भोजन से जुड़ी मान्यताएं
Pitru Paksha Shraddha Food: पितृ पक्ष में पितरों को क्या खिलाना चाहिए? जानें श्राद्ध में चावल, तिल, जौ, उड़द, दूध, घी और फल का महत्व. साथ ही पढ़ें महाभारत के अनुशासन पर्व, मनुस्मृति और गरुड़ पुराण में पितृ भोजन से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्य और मान्यताएं.
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REI Expo 2026 से जैव ऊर्जा क्षेत्र में ₹2,800 करोड़ से ज्यादा के निवेश की उम्मीद: IBA
भारत के जैव ऊर्जा क्षेत्र में निवेश को नई गति मिलने की उम्मीद है। इंडियन बायोगैस एसोसिएशन (आईबीए) ने कहा है कि अगले महीने आयोजित होने वाले रिन्यूएबल एनर्जी इंडिया एक्सपो (आरईआई) 2026 से जैव ऊर्जा क्षेत्र में ₹2,800 करोड़ से अधिक के नए निवेश का रास्ता खुल सकता है। इस बार एक्सपो में जैव ऊर्जा या बायोगैस को भारत के हरित विकास के प्रमुख माध्यम के रूप में विशेष महत्व दिया जा रहा है।
आरईआई-2026 का आयोजन 22 से 24 अक्टूबर तक ग्रेटर नोएडा स्थित इंडिया एक्सपो मार्ट एंड सेंटर में होगा। आईबीए के मुताबिक, एक्सपो से अपेक्षित ₹2,800 करोड़ का निवेश ₹23,731 करोड़ के गोबरधन (गैल्वानाइजिंग ऑर्गेनिक बायो-एग्रो रिसोर्सेज धन) राष्ट्रीय चक्रीय जैव ऊर्जा योजना के कुल परिव्यय का करीब 12 प्रतिशत है। केंद्र सरकार ने अगस्त, 2026 में गोबरधन योजना को मंजूरी दी थी, जो एक सितंबर 2026 से प्रभावी हो गई है।
वर्ष 2035-36 तक लागू रहने वाली इस योजना का उद्देश्य देश में कंप्रेस्ड बायोगैस (सीबीजी) के उत्पादन को करीब दस गुना बढ़ाना, बड़े पैमाने पर निजी निवेश जुटाना और देश में संसाधनों के महत्तम उपयोग वाली जैव अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देना है। आईबीए के अनुसार, आरईआई-2026 में निवेशकों, परियोजना डेवलपर, प्रौद्योगिकी प्रदाताओं और नीति-निर्माताओं को एक मंच पर लाकर नीतिगत पहल को बड़े पैमाने की परियोजनाओं में बदलने में मदद मिल सकती है। एक्सपो में इस बार जैव ऊर्जा मंडप अबतक का सबसे बड़ा होगा, जिसमें 2025 की तुलना में 35 प्रतिशत अधिक प्रदर्शक भाग लेंगे।
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