आलिया भट्ट-विक्की कौशल ने साथ में किया रैंप वॉक:मनीष मल्होत्रा के शो में बने शोस्टॉपर, देखें तस्वीरें
फैशन डिजाइनर मनीष मल्होत्रा के मिजवान शो में आलिया भट्ट और विक्की कौशल शोस्टॉपर बने। यह शो शनिवार को मुंबई में हुआ। मनीष मल्होत्रा ने अपना नया मिजवान कलेक्शन पेश किया। यह कलेक्शन मिजवान वेलफेयर सोसाइटी के साथ 15 साल के जुड़ाव को समर्पित है। कलेक्शन में चिकनकारी और धागे की कढ़ाई को आइवरी, गहरे हरे, कोरल और ओम्ब्रे रंगों में दिखाया गया। आलिया भट्ट ने रिया कपूर की स्टाइलिंग में पूरा कस्टम चिकनकारी कोचर लुक पहना था। वो आइवरी रंग की ब्राइडल ड्रेस में नजर आईं। उनके आउटफिट में शानदार साड़ी, ज्वेलरी और घूंघट शामिल था। आलिया का साड़ी का पल्लू कंधे पर ड्रेप किया गया था। इससे उनका स्टाइलिश मॉडर्न ब्लाउज और साड़ी की बारीक कारीगरी नजर आई। बैंडो स्टाइल ब्लाउज पर बारीक एप्लीक वर्क था। इसमें स्पेगेटी स्ट्रैप्स, स्क्वायर नेकलाइन, क्रॉप्ड हेम और फिटेड सिल्हूट था। रिया कपूर ने साड़ी के साथ मैचिंग पारदर्शी घूंघट स्टाइल किया। इसमें भी स्कैलप्ड बॉर्डर, चिकनकारी और सीक्विन का काम था। घूंघट की लंबाई फर्श तक थी। आलिया ने इसके साथ व्हाइट गोल्ड में डायमंड और मोती का बड़ा नेकलेस पहना। उन्होंने दोनों हाथों में डायमंड जड़े हाथफूल, स्टेटमेंट ईयररिंग्स और मांग टीका भी पहना। आलिया ने बीच की मांग के साथ स्लीक बन बनाया था। उनके मेकअप में ड्यूई बेस, ग्लॉसी पिंक लिप्स और स्मोकी आईज शामिल थीं। विक्की का आइवरी और मिडनाइट ब्लू लुक विक्की कौशल ने मनीष मल्होत्रा के मिजवान कलेक्शन का मिडनाइट ब्लू और आइवरी शेरवानी सेट पहना। उनके आउटफिट में व्हाइट कुर्ता, मैचिंग फ्लेयर्ड पैंट और बैंडगला जैकेट शामिल थी। उनके लुक का सबसे खास हिस्सा जैकेट था। इस पर बारीक चिकनकारी, सीक्विन का काम और फिटेड सिल्हूट था। स्प्लिट बैंडगला जैकेट में कॉलर्ड नेक, पैडेड शोल्डर्स और फुल-लेंथ स्लीव्स थीं। इसमें सिंगल बटन क्लोजर वाला ओपन फ्रंट और साइड स्लिट्स भी थे। उन्होंने सफेद जूती पहनी थी। बैक-स्वेप्ट हेयरस्टाइल और रफ दाढ़ी ने उनका लुक पूरा किया। आलिया, रणबीर, विक्की और भंसाली डिनर पर पहुंचे शनिवार की रात को आलिया भट्ट, रणबीर कपूर, विक्की कौशल और निर्देशक संजय लीला भंसाली मुंबई में डिनर के लिए एक साथ पहुंचे। रेस्टोरेंट के बाहर पैपराजी और फैंस की भारी भीड़ मौजूद थी। बाहर निकलते समय आलिया अपनी कार की ओर बढ़ीं, तभी रणबीर उनके करीब आए और कमर पर हाथ रखकर उन्हें भीड़ से सुरक्षित कार तक ले गए। रणबीर के इस प्रोटेक्टिव अंदाज पर आलिया मुस्कुराती और शर्माती नजर आईं। गौरतलब है कि आलिया, रणबीर और विक्की ‘लव एंड वॉर’ में साथ नजर आएंगे। संजय लीला भंसाली के निर्देशन में बन रही यह फिल्म लव ट्राएंगल और युद्ध की पृष्ठभूमि पर आधारित है। फिल्म 21 जनवरी 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म ‘लव एंड वॉर’ से तीनों मुख्य कलाकारों के फर्स्ट लुक इस हफ्ते जारी किए गए। सबसे पहले गुरुवार को रणबीर कपूर का पोस्टर सामने आया। इसमें वह मोटी मूंछों, गॉगल्स और खून के दाग वाली शर्ट में इंटेंस अंदाज में दिखे। शुक्रवार को आलिया भट्ट का फर्स्ट लुक जारी हुआ। वह 60-70 के दशक के रेट्रो और विंटेज अंदाज में नजर आईं। उनके लुक में ब्लिंग और क्लासिक स्टाइलिंग देखने को मिली। इसके बाद शनिवार को विक्की कौशल का पहला लुक सामने आया। पोस्टर में वह चेहरे पर चोट के निशान, मूंछों और गंभीर एक्सप्रेशन के साथ दिखे। उनके हाथ में लाइटर और मुंह में सिगरेट थी। पोस्टर का बैकग्राउंड डार्क ग्रीन टोन में रखा गया।
‘हनुमान अंश’ की पार्वती बोलीं- चाहती हूं, PM फिल्म देखें:आस्था को अंधविश्वास मानने से इनकार; बताया बुंदेली भाषा से कैसे मिला फिल्म में रोल
चर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ में माता पार्वती का किरदार निभाने वाली अभिनेत्री नेहा परांजपे रविवार को खंडवा पहुंचीं। मीडिया से बातचीत में उन्होंने फिल्म की कहानी, अपने किरदार के चयन, बुंदेली भाषा से जुड़े दिलचस्प किस्से, नीम करौली बाबा से प्रेरणा और फिल्म को लेकर अंधविश्वास जैसे सवालों पर खुलकर बात की। नेहा ने कहा कि फिल्म को दो साल के बच्चे से लेकर बड़े-बुजुर्ग तक पसंद कर रहे हैं। उनका कहना था कि जिस दौर में ओटीटी और फिल्मों में अश्लील एवं वल्गर कंटेंट को लेकर चर्चा होती है, उस समय परिवार के साथ देखी जा सकने वाली धार्मिक और भावनात्मक कहानी को दर्शकों का पसंद करना खास बात है। PM मोदी की प्रतिक्रिया का इंतजार ‘हनुमान अंश’ को मिल रहे प्यार पर अभिनेत्री नेहा परांजपे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि फिल्म की चर्चा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक पहुंचना टीम के लिए उत्साह की बात है। उनकी इच्छा है कि प्रधानमंत्री खुद यह फिल्म देखें और इसके गीत भी सुनें। नेहा ने कहा कि फिल्म को लेकर प्रधानमंत्री की प्रतिक्रिया पूरी टीम के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कहा कि फिल्म का उद्देश्य ऐसी कहानी दर्शकों तक पहुंचाना है, जिसे परिवार के लोग साथ बैठकर देख सकें और उससे जुड़ाव महसूस कर सकें। बुंदेली भाषा ने दिलाया ‘पार्वती’ का किरदार फिल्म में नेहा और उनके बेटे विहान के चयन का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। जबलपुर की रहने वाली नेहा ने बताया कि फिल्म में काम मिलने की शुरुआत एक एड शूट के दौरान हुई थी। इसी दौरान उनकी मुलाकात लखनऊ के फिल्म मेकर विशाल से हुई। बातचीत के दौरान नेहा ने उनसे बुंदेली भाषा में संवाद किया। यह छोटा-सा बुंदेली टेस्ट ही उनके लिए फिल्म तक पहुंचने का जरिया बन गया। नेहा ने बताया कि उस समय उन्हें खुद भी अंदाजा नहीं था कि सफर के दौरान हुई यह सामान्य बातचीत आगे चलकर उन्हें इतनी बड़ी फिल्म में भूमिका दिला देगी। उन्होंने बताया कि भाषा और स्थानीय संवाद शैली से उनकी पकड़ ने मेकर्स को प्रभावित किया और इसके बाद उन्हें फिल्म में काम करने का मौका मिला। नीम करौली बाबा के विचारों से प्रेरित कहानी फिल्म की कहानी और इसकी लोकप्रियता पर बात करते हुए नेहा ने कहा कि ‘हनुमान अंश’ किसी असाधारण या काल्पनिक चमत्कार को दिखाने के बजाय एक सामान्य इंसान की कहानी कहती है, जिसके पास दिव्य शक्तियां हैं, लेकिन उसके भीतर अहंकार नहीं है। अभिनेत्री के मुताबिक, फिल्म की कल्पना महान संत नीम करौली बाबा के विचारों और उनके आसपास रहने वाले लोगों के जीवन पर पड़े सकारात्मक प्रभाव से प्रेरित है। उन्होंने कहा कि फिल्म में सादगी, आस्था और मानवीय भावनाओं को प्रमुखता दी गई है। नेहा ने इसे आम आदमी से जुड़ी कहानी बताते हुए कहा कि फिल्म का किरदार अपनी शक्तियों का प्रदर्शन करने के बजाय उन्हें सहजता से स्वीकार करता है। यही बात कहानी को बाकी फिल्मों से अलग बनाती है। उन्होंने यह भी बताया कि वे अभी कैंची धाम नहीं गई, लेकिन अब जाएंगी। ‘अंधविश्वास नहीं, सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास है’ फिल्म के धार्मिक कंटेंट को लेकर अंधविश्वास फैलाने के सवाल पर नेहा ने कहा कि इसे अंधविश्वास के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था और अंधविश्वास के बीच अंतर होता है। अभिनेत्री ने कहा कि जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति राम या गणेश जी को उसी रूप में माने, लेकिन हर व्यक्ति के जीवन में किसी न किसी सर्वोच्च शक्ति पर विश्वास जरूर होता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब कोई व्यक्ति मुश्किल समय में होता है और मन से यह कहता है कि ‘सब अच्छा हो जाए’, तो वह भी उसी सर्वोच्च शक्ति पर भरोसे का एक रूप है। नेहा के मुताबिक फिल्म किसी पर किसी विशेष धार्मिक विश्वास को थोपने की कोशिश नहीं करती, बल्कि आस्था, विश्वास और सकारात्मक सोच को कहानी के माध्यम से सामने रखती है। परिवार के साथ देखे जाने वाले कंटेंट की चर्चा नेहा ने ओटीटी और मनोरंजन के मौजूदा दौर पर भी बात की। उन्होंने कहा कि आज दर्शकों के सामने कंटेंट के कई विकल्प हैं। ऐसे समय में एक ऐसी फिल्म को दर्शकों का प्यार मिलना, जिसमें धार्मिक भावनाओं के साथ पारिवारिक जुड़ाव और सादगी है, पूरी टीम के लिए उत्साह बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि ‘हनुमान अंश’ केवल धार्मिक कहानी के तौर पर नहीं, बल्कि एक ऐसे आम इंसान की कहानी के रूप में दर्शकों तक पहुंच रही है, जिसके पास असाधारण क्षमताएं होने के बावजूद वह सामान्य जीवन और मानवीय मूल्यों से जुड़ा रहता है।
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