Responsive Scrollable Menu

यूट्यूबर ने सोशल मीडिया पर जमकर दिखाए गहने और कैश, चोरों ने 944 ग्राम सोना उड़ाया

तमिलनाडु की एक महिला यूट्यूबर को सोशल मीडिया पर गहने और कैश की शो बाजी करना महंगा पड़ गया। पुलिस के मुताबिक ऐसा संदेह है कि चोरों ने सोशल मीडिया पर देखकर ही घटना को अंजाम दिया हो। यूट्यूबर के घर से करीब 944 ग्राम सोने की चोरी हुई है।

Continue reading on the app

Pitru Paksha 2026: प्रतिपदा श्राद्ध आज, जानें कुतुप, रौहिण और अपराह्न मुहूर्त का सही समय

पितृ पक्ष में पितरों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करते हुए श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान किया जाता है। 2026 में 26 सितंबर को पूर्णिमा श्राद्ध के बाद 27 सितंबर से प्रतिपदा श्राद्ध के साथ मुख्य श्राद्ध तिथियों का क्रम शुरू हो गया है। श्राद्ध कर्म के लिए दिन के कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को खास माना जाता है। आइए जानते हैं इन तीनों समय का सही मुहूर्त और प्रतिपदा श्राद्ध से जुड़े जरूरी नियम।

27 सितंबर को प्रतिपदा श्राद्ध
पंचांग के अनुसार, साल 2026 में 26 सितंबर, शनिवार को पूर्णिमा श्राद्ध संपन्न हुआ। इसके अगले दिन यानी 27 सितंबर 2026, रविवार को प्रतिपदा श्राद्ध किया जा रहा है। प्रतिपदा श्राद्ध को पड़वा श्राद्ध भी कहा जाता है।

श्राद्ध कर्म के लिए इस दिन कुतुप, रौहिण और अपराह्न काल को महत्वपूर्ण माना जाता है। धार्मिक परंपरा के अनुसार इन्हीं समयावधियों में श्राद्ध से जुड़े प्रमुख कर्म किए जा सकते हैं।

कुतुप मुहूर्त का समय
27 सितंबर को कुतुप मुहूर्त सुबह 11:48 बजे से दोपहर 12:36 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 48 मिनट है। इस दौरान श्राद्ध से जुड़े मुख्य कर्म करना शुभ माना जाता है।

रौहिण मुहूर्त कब रहेगा?
कुतुप मुहूर्त के बाद रौहिण मुहूर्त शुरू होगा। यह दोपहर 12:36 बजे से 1:24 बजे तक रहेगा। इसकी अवधि भी 48 मिनट की होगी। पितृपक्ष के पार्वण श्राद्ध में रौहिण मुहूर्त को भी महत्वपूर्ण माना गया है।

अपराह्न काल का समय
इसके बाद अपराह्न काल दोपहर 1:24 बजे से 3:48 बजे तक रहेगा। इसकी कुल अवधि 2 घंटे 24 मिनट है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार कुतुप और रौहिण मुहूर्त के अलावा अपराह्न काल में भी श्राद्ध कर्म किया जा सकता है।

कुतुप मुहूर्त क्यों माना जाता है खास?
कुतुप मुहूर्त को पितृ कर्म के लिए विशेष समय माना जाता है। इस दौरान श्राद्ध से जुड़े मुख्य कर्म किए जा सकते हैं। आम तौर पर यह दोपहर के आसपास शुरू होने वाला करीब 48 मिनट का समय होता है।

रौहिण मुहूर्त का महत्व
कुतुप मुहूर्त के बाद रौहिण मुहूर्त आता है। पितृपक्ष के पार्वण श्राद्ध में कुतुप और रौहिण जैसे मुहूर्तों को महत्वपूर्ण माना गया है। इसके बाद अपराह्न काल में भी श्राद्ध कर्म पूरा किया जा सकता है।

अपराह्न काल में भी कर सकते हैं श्राद्ध
अपराह्न यानी दोपहर के बाद का समय भी श्राद्ध कर्म के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है। पंचांग के अनुसार पितृपक्ष के पार्वण श्राद्ध में कुतुप और रौहिण मुहूर्त के साथ अपराह्न काल की समाप्ति तक श्राद्ध कर्म पूरा करने की परंपरा बताई गई है। श्राद्ध कर्म के आखिर में तर्पण किया जाता है।

प्रतिपदा श्राद्ध किसके लिए किया जाता है?
प्रतिपदा श्राद्ध उन परिवार के दिवंगत सदस्यों के लिए किया जाता है, जिनकी मृत्यु प्रतिपदा तिथि को हुई हो। यह नियम शुक्ल और कृष्ण दोनों पक्षों की प्रतिपदा तिथि पर लागू माना जाता है।
 

Continue reading on the app

  Sports

भारत एशियन गेम्स महिला हॉकी के सेमीफाइनल में, 30 सितंबर को होगा साउथ कोरिया से सामना

Indian Women's hockey Team enter Semi Final: भारतीय महिला हॉकी टीम का एशियन गेम्स में शानदार प्रदर्शन जारी है. पूल बी के अपने आखिरी मुकाबले में भारत ने सिंगापुर को 7-0 से करारी शिकस्त दी. इस धमाकेदार जीत के साथ टीम इंडिया ने पूल स्टेज में लगातार पांचवीं जीत दर्ज करते हुए शीर्ष स्थान हासिल किया. अजेय रहते हुए सेमीफाइनल में पहुंची भारतीय टीम का मुकाबला अब 30 सितंबर को दक्षिण कोरिया से होगा. Sun, 27 Sep 2026 17:46:47 +0530

  Videos
See all

जयपुर के विकास पर क्या बोली Jaipur की जनता ? Public Opinion | Development | BJP | Janmanch | #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-27T12:34:57+00:00

Breaking News Live | Parvesh Verma Slap News : थप्पड़ कांड बुरे फंसे..प्रवेश वर्मा | Thappad Kand #tmktech #vivo #v29pro
2026-09-27T12:43:11+00:00
Editor Choice
See all
Photo Gallery
See all
World News
See all
Top publishers