Cars24 अगले साल अप्रैल तक IPO के लिए DRHP दाखिल करने की तैयारी में
पुरानी या सेकंड हैंड कार की ऑनलाइन बिक्री करने वाले मंच कार्स24 भारत में आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) लाने की तैयारी में है। कंपनी के मुख्य वित्त अधिकारी (सीएफओ) शिवांशु मक्कड़ के मुताबिक, सिंगापुर से भारत में कंपनी का पुनः पंजीकरण यानी ‘रिवर्स फ्लिप’ पूरा होने के बाद वह अगले साल अप्रैल तक आईपीओ के लिए दस्तावेजों का मसौदा (डीआरएचपी) दाखिल करने के पात्र हो सकती है। कार्स24 की स्थापना वर्ष 2015 में सिंगापुर में हुई थी।
अब कंपनी अपना मुख्य कॉरपोरेट ढांचा सिंगापुर से भारत ला रही है। इसी प्रक्रिया को ‘रिवर्स फ्लिप’ कहा जाता है। मक्कड़ ने पीटीआई-के साथ साक्षात्कार में कहा कि कार्स24 को सिंगापुर से रिवर्स फ्लिप के लिए मंजूरी मिल चुकी है और अब भारत में आवश्यक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
इस पूरी प्रक्रिया में करीब छह से नौ महीने लग सकते हैं। यानी यह प्रक्रिया अगले साल अप्रैल तक पूरी हो सकती है। इसके बाद कंपनी भारत में आईपीओ के लिए दस्तावेज दाखिल करेगी।
उन्होंने कहा कि दस्तावेज दाखिल होने के बाद भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) की मंजूरी, आईपीओ की कीमत तय करने और बुक-बिल्डिंग जैसी प्रक्रियाओं में करीब तीन से चार महीने और लग सकते हैं। हालांकि, यह एक अनुमानित समयसीमा है और वास्तविक प्रक्रिया में बदलाव संभव है। कार्स24 का आखिरी वित्तपोषण दौर 2022 में हुआ था, जिसमें कंपनी का मूल्यांकन 3.3 अरब डॉलर आंका गया था।
इसके बाद कंपनी ने कोई नया बाहरी निवेश नहीं जुटाया है। मक्कड़ के मुताबिक, फिलहाल कंपनी के पास पर्याप्त पूंजी है और उसे रोजमर्रा के कारोबार के लिए नए कोष की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि आईपीओ का मुख्य उद्देश्य तत्काल नकदी जुटाना नहीं, बल्कि भारत में कारोबार के विस्तार और नए देशों में प्रवेश के लिए पर्याप्त पूंजी तैयार करना होगा।
कंपनी की योजना भारत के छोटे और नए शहरों तक पहुंच बढ़ाने की है। फिलहाल कार्स24 करीब 25 शहरों में खुदरा कारोबार कर रही है और भविष्य में इसे करीब 200 शहरों तक ले जाने तथा लगभग 50,000 कारों तक कारोबार बढ़ाने की योजना पर विचार कर रही है। मक्कड़ ने कहा कि कंपनी अभी किसी निश्चित आईपीओ मूल्यांकन को लक्ष्य बनाकर नहीं चल रही है।
उनके अनुसार, आईपीओ का एक उद्देश्य मौजूदा शेयरधारकों और कर्मचारियों को तरलता उपलब्ध कराना है। इसके अलावा, सूचीबद्धता कंपनी के कामकाज के संचालन पर भी ‘मुहर’ होती है। भारत के अलावा कार्स24 की नजर खाड़ी क्षेत्र और ऑस्ट्रेलिया में विस्तार पर भी है।
कंपनी के मुताबिक, संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) के पुरानी कार के बाजार में कंपनी की हिस्सेदारी करीब सात प्रतिशत है और वहां कारोबार लगभग 30 प्रतिशत की दर से बढ़ रहा है। ऑस्ट्रेलिया में कंपनी फिलहाल तीन शहरों में मौजूद है।
Mammootty Controversy: नेशनल अवॉर्ड जीतने के बाद हिंदू रीति-रिवाज से हुआ ममूटी का स्वागत, वीडियो पर छिड़ी बहस
Mammootty Tilak Controversy: मलयालम अभिनेता ममूटी को हाल ही में Bramayugam में उनके अभिनय के लिए नेशनल फिल्म अवॉर्ड समारोह में सम्मानित किया गया। गुजरात में आयोजित समारोह का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें एक महिला अभिनेता के माथे पर तिलक लगाकर उनका स्वागत करती नजर आ रही है। इस वीडियो पर जहां कई लोगों ने ममूटी को सम्मान मिलने पर बधाई दी, वहीं कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने उनके मुस्लिम होने का हवाला देते हुए तिलक लगाए जाने पर सवाल उठाए। अब फिल्ममेकर और अभिनेता हरिस्री यूसुफ ने ममूटी का बचाव किया है।
ममूटी को तिलक लगाए जाने का वीडियो वायरल
Statue of Unity के पेज से शेयर किए गए वीडियो में ममूटी सफेद शर्ट और क्रीम रंग की पैंट पहने नजर आ रहे हैं। अवॉर्ड समारोह में पहुंचने पर उनका गुलदस्ता देकर स्वागत किया जाता है। इसके बाद एक महिला उनके माथे पर तिलक लगाती है और गले में तिरंगे रंग का थॉर्थु (कंधे पर रखा जाने वाला कपड़ा) डालती है।
वीडियो में ममूटी इस दौरान मुस्कुराते हुए नजर आते हैं। उनके नेशनल फिल्म अवॉर्ड जीतने पर सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उन्हें बधाई दी, लेकिन कुछ यूजर्स ने उनके मुस्लिम होने और तिलक लगाए जाने को लेकर आलोचना की।
हरिस्री यूसुफ ने आलोचकों को दिया जवाब
ममूटी के वीडियो और उस पर हो रही आलोचना को लेकर हरिस्री यूसुफ ने इंस्टाग्राम पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि जहां ज्यादातर मलयाली अभिनेता की उपलब्धि का जश्न मना रहे हैं, वहीं कुछ लोग तिलक को लेकर आलोचना कर रहे हैं। यूसुफ ने एक कमेंट का जिक्र करते हुए उसे लिखने वाले व्यक्ति को ‘कुएं में रहने वाला मेंढक’ बताया। उन्होंने कहा कि भारत में एक ही ईश्वर की पूजा करने के कई तरीके हैं।
यूसुफ के मुताबिक, कोई क्रॉस बनाता है, कोई तिलक लगाता है या फिर झुककर प्रार्थना करता है, लेकिन ये सभी ईश्वर के प्रति आस्था और प्रेम को दर्शाते हैं। उन्होंने कहा कि तिलक किसी मेहमान के स्वागत की पारंपरिक परंपरा भी हो सकता है।
धर्म के नाम पर भेदभाव न करने की अपील
हरिस्री यूसुफ ने सोशल मीडिया पर धर्म के नाम पर दूसरों को निशाना बनाने की आलोचना की। उन्होंने कहा कि धर्म का इस्तेमाल लोगों के बीच विभाजन पैदा करने के लिए नहीं, बल्कि बेहतर इंसान बनने के लिए किया जाना चाहिए। उन्होंने आलोचना करने वाले व्यक्ति से कहा कि इस तरह की सोच सामुदायिक विभाजन को बढ़ावा दे सकती है। यूसुफ ने भारत को एक महान देश बताते हुए कहा कि लोगों को इस तरह का व्यवहार नहीं करना चाहिए।
फिल्ममेकर-एक्टर ने ममूटी के धर्म से अलग उनके सामाजिक योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अभिनेता लंबे समय से चैरिटी के कामों से जुड़े रहे हैं और स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़ी संस्थाओं को भी समर्थन देते रहे हैं।
ममूटी की आने वाली फिल्में
वर्कफ्रंट की बात करें तो ममूटी इस साल स्पाई एक्शन फिल्म Patriot में नजर आए हैं। इसके अलावा उन्होंने Chatha Pacha और Law and Order में कैमियो किया है।
आने वाले समय में उनके पास धनुष के साथ तमिल फिल्म Om - Chapter 1: Udhiram - The Blood Wood है। इसके अलावा वह मलयालम फिल्मों Padayaatra, Mela और Mattancherry Mafia में नजर आएंगे। उनकी एक अन्य अनटाइटल्ड फिल्म भी है, जिसकी शूटिंग जल्द शुरू होने की उम्मीद है।
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