एसबीआई का कुल कारोबार 2030 तक 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान : CS Setty
(कुमार दीपांकर)
नयी दिल्ली, 27 सितंबर भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के चेयरमैन सी. एस. शेट्टी ने कहा है कि बैंक की वृद्धि यात्रा का मूल मंत्र ‘डिजिटल फर्स्ट, कस्टमर फर्स्ट, नेशन ऑलवेज’ है। उन्होंने कहा कि एसबीआई का लक्ष्य डिजिटल प्रौद्योगिकी के विस्तार के साथ ग्राहकों के हितों की रक्षा करना और देश की अर्थव्यवस्था में अपनी भूमिका को और मजबूत करना है। शेट्टी ने पीटीआई-के साथ साक्षात्कार में कहा कि पिछले दो साल के दौरान बैंक ने पूंजी आधार मजबूत करने, वित्तीय क्षेत्र में अपनी भूमिका गहरी करने और डिजिटल तथा ग्राहक-केंद्रित बैंकिंग व्यवस्था विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने अपने कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों में पूंजी जुटाने, एसबीआई म्यूचुअल फंड की सूचीबद्धता और यस बैंक से जुड़े मामले में बैंक की रणनीतिक भूमिका को गिनाया। हालांकि, उनके अनुसार बैंक में हो रहे कई महत्वपूर्ण बदलाव ऐसे हैं, जिनके परिणाम आने वाले वर्षों में अधिक स्पष्ट दिखाई देंगे। शेट्टी ने कहा कि एसबीआई के लिए डिजिटल बदलाव केवल प्रौद्योगिकी अपनाने तक सीमित नहीं है। डिजिटल बैंकिंग के साथ ग्राहकों की सुरक्षा, वित्तीय साक्षरता और डिजिटल जागरूकता पर भी समान रूप से ध्यान देना जरूरी है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग को केवल लेन-देन तक सीमित रखने के बजाय ग्राहकों के साथ दीर्घकालिक संबंध बनाने और उन्हें बेहतर आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एसबीआई पिछले सात दशक से देश की वास्तविक अर्थव्यवस्था को समर्थन देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता आया है और आगे भी इस यात्रा को जारी रखना चाहता है। बैंक अपनी पारंपरिक संबंध-आधारित बैंकिंग व्यवस्था को डिजिटल नवोन्मेषण के साथ जोड़कर आगे बढ़ेगा। शेट्टी ने कहा कि एसबीआई का कुल कारोबार 2030 तक दोगुना होकर 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। हालांकि बैंक ने अपनी ‘प्लैटिनम जुबली’ के लिए कोई औपचारिक कारोबार लक्ष्य तय नहीं किया है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वृद्धि दर को देखते हुए 2030 तक बैंक का कुल कारोबार करीब 170-180 लाख करोड़ रुपये हो सकता है और यह आंकड़ा 200 लाख करोड़ रुपये तक भी पहुंच सकता है। एसबीआई की स्थापना एक जुलाई, 1955 को संसद के कानून के तहत हुई थी। जून, 2026 के अंत तक बैंक का कुल कारोबार बढ़कर 110.01 लाख करोड़ रुपये रहा था।
27 सितंबर को हुआ था Raja Ram Mohan Roy का निधन, जानें आज का इतिहास
समाज सुधारक, विचारक और शिक्षाविद् राजा राम मोहन राय का निधन 27 सितंबर, 1833 को हुआ था। भारतीय पुनर्जागरण के अग्रदूत कहे जाने वाले राय ने आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और अंग्रेजी शिक्षा के प्रसार की वकालत की, साथ ही सती प्रथा और बाल विवाह जैसी कुरीतियों के खिलाफ भी व्यापक अभियान चलाया। देश-दुनिया के इतिहास में 27 सितंबर की तारीख पर दर्ज अन्य प्रमुख घटनाओं का सिलसिलेवार ब्योरा इस प्रकार है:- 1066 : नौरमैंडी के ड्यूक विलियम ने अपनी सेना को इंग्लैंड के दक्षिण पूर्वी तट की ओर उस अभियान के लिए रवाना किया, जिसे बाद में नोरमन फतह के तौर पर जाना गया।
1781 : हैदर अली और ब्रिटिश सेना के बीच सालनगढ़ की मशहूर लड़ाई लड़ी गई। 1833 : राम मोहन राय का इंग्लैंड के ब्रिस्टल में निधन। 1918 : ब्रिटिश सेना ने पहले विश्व युद्ध के दौरान वेस्टर्न फ्रंट पर अंतिम आक्रमण के तहत हिंडनबर्ग लाइन पर हमला किया।
1964 : अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जॉन एफ कैनेडी की हत्या की जांच करने वाले वारेन आयोग ने अपने निष्कर्ष सार्वजनिक किए। 1970 : जॉर्डन के शाह और फलस्तीन मुक्ति संगठन के नेता के बीच काहिरा में एक सम्मेलन के दौरान संघर्षविराम पर सहमति। 1988 : फर्राटा धावक बेन जानसन को प्रतिबंधित पदार्थ के सेवन के कारण सोल ओलंपिक खेलों से निकाला गया।
उनका 100 मीटर दौड़ में जीता गया स्वर्ण पदक वापस ले लिया गया। 1995 : कलकत्ता मेट्रो का टॉलीगंज और दमदम के बीच पूर्ण क्षमता से परिचालन शुरू। 1996 : मोहम्मद उमर के नेतृत्व में तालिबान ने काबुल पर कब्जा किया और अफगानिस्तान को इस्लामी राष्ट्र घोषित किया।
2008 : चीन के अंतरिक्ष यात्री झाई झीगांग ने पहली बार अंतरिक्ष में चहलकदमी की। 2023: इराक में ईसाई विवाह समारोह के दौरान आग लगने से कम से कम 100 लोगों की मौत तथा 150 से ज्यादा घायल। 2023: एशियाई खेलों में युवा निशानेबाज़ सिफत कौर सामरा ने महिला 50 मीटर राइफल थ्री पोजीशन में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीता।
2025: गाजा में इजराइली हमलों में 44 लोगों की मौत।
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