Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष की ये 3 तिथियां हैं बेहद खास, जानें महाभरणी, मातृ नवमी और सर्वपितृ अमावस्या का महत्व
Pitru Paksha 2026: हिंदू धर्म में पितृ पक्ष को पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और कृतज्ञता व्यक्त करने का विशेष समय माना जाता है। इस दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों की आत्मिक शांति के लिए श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान-पुण्य करते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितृ पक्ष में किए गए इन कर्मों का विशेष महत्व होता है। आमतौर पर जिस तिथि को किसी पूर्वज का निधन हुआ हो, पितृ पक्ष में उसी तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है। हालांकि, इस दौरान तीन तिथियों को विशेष परिस्थितियों में काफी महत्वपूर्ण माना गया है।
महाभरणी श्राद्ध
पितृ पक्ष की खास तिथियों में महाभरणी श्राद्ध का विशेष महत्व माना जाता है। इसका संबंध भरणी नक्षत्र से होने के कारण इसे भरणी श्राद्ध या महाभरणी श्राद्ध कहा जाता है।
धार्मिक परंपराओं में मान्यता है कि परिवार में किसी व्यक्ति की असामयिक मृत्यु हुई हो या कुछ विशेष परिस्थितियां रही हों, तो उनके लिए भरणी श्राद्ध का महत्व बढ़ जाता है। कई परिवारों में मृत्यु के एक वर्ष पूरा होने के बाद भी इस श्राद्ध को करने की परंपरा बताई जाती है।
मातृ नवमी
पितृ पक्ष की नवमी तिथि को मातृ नवमी या मातृ श्राद्ध के नाम से जाना जाता है। यह तिथि दिवंगत महिला पूर्वजों को समर्पित मानी जाती है। इस दिन परिवार की दिवंगत मां, दादी, नानी या अन्य महिला पूर्वजों के लिए श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है। जिन महिला पूर्वजों की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं होती, उनके लिए भी कुछ धार्मिक परंपराओं में मातृ नवमी के दिन श्राद्ध करने का उल्लेख मिलता है।
2026 में मातृ नवमी 4 अक्टूबर, रविवार को होगी।
सर्वपितृ अमावस्या
पितृ पक्ष की अंतिम तिथि सर्वपितृ अमावस्या कहलाती है। इसे महालय अमावस्या भी कहा जाता है। पितृ पक्ष में इसका विशेष महत्व माना जाता है। अगर किसी पूर्वज की मृत्यु की तिथि ज्ञात नहीं है या किसी कारण से निर्धारित तिथि पर श्राद्ध नहीं हो पाया है, तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध और तर्पण करने की परंपरा है। इस दिन ज्ञात-अज्ञात सभी पितरों को श्रद्धापूर्वक याद किया जाता है। 2026 में सर्वपितृ अमावस्या 10 अक्टूबर, शनिवार को होगी।
क्या सिर्फ इन्हीं 3 तिथियों पर करना चाहिए श्राद्ध?
ऐसा नहीं है। पितृ पक्ष की प्रत्येक तिथि का अपना धार्मिक महत्व माना जाता है। सामान्य रूप से किसी पूर्वज की मृत्यु जिस तिथि को हुई हो, उसी तिथि पर उनका श्राद्ध करने की परंपरा है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी पूर्वज का निधन द्वितीया तिथि को हुआ था, तो पितृ पक्ष की द्वितीया तिथि पर उनका श्राद्ध किया जाता है। वहीं महाभरणी श्राद्ध, मातृ नवमी और सर्वपितृ अमावस्या को विशेष इसलिए माना जाता है क्योंकि इनसे अलग-अलग परिस्थितियां और धार्मिक परंपराएं जुड़ी हुई हैं।
धार्मिक तिथियां और स्थानीय पंचांग की गणना अलग-अलग हो सकती है, इसलिए श्राद्ध की सटीक तिथि और मुहूर्त के लिए अपने क्षेत्र के पंचांग की पुष्टि करना उचित रहेगा।
LPU Phagwara: सोशल मीडिया पर दुष्कर्म की अफवाह के बाद छात्रों का उग्र प्रदर्शन
पंजाब के फगवाड़ा में स्थित एक निजी विश्वविद्यालय के छात्रों ने एक छात्रा से कथित दुष्कर्म की अपुष्ट खबर सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शनिवार देर रात बड़े पैमाने पर प्रदर्शन किया और परिसर में तोड़फोड़ की। कपूरथला के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव तूरा ने कहा कि पुलिस को इस तरह के किसी अपराध की जानकारी नहीं है। सोशल मीडिया पर प्रसारित वीडियो में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) के छात्र खिड़कियों के शीशे एवं गमले तोड़ते और कुछ वस्तुओं में आग लगाते दिखाई दे रहे हैं।
छात्रों ने जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग को भी बाधित कर दिया। तूरा ने कहा कि पुलिस को सूचना मिली थी कि देर रात करीब पौने दो बजे छात्र एलपीयू परिसर में एकत्र हुए और उन्होंने एक सड़क बाधित कर दी। तूरा ने एक छात्रा से कथित दुष्कर्म की सोशल मीडिया पर प्रसारित अपुष्ट खबर के बारे में पूछे जाने पर पत्रकारों से कहा, ‘‘जब हम यहां पहुंचे तो पता चला कि कुछ अफवाहें फैली थीं।
इन अफवाहों के कारण छात्र यहां एकत्र हुए।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हमने छात्रों से बात की। उन्हें एलपीयू प्रशासन से कुछ शिकायतें हैं। हमने उनकी बात सुनी है और उनका समाधान कराने की कोशिश कर रहे हैं।
स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।’’ तूरा ने कहा कि संपत्ति को हुए नुकसान का आकलन किया जा रहा है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। एसएसपी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि छात्रों का कहना है कि उनकी शिकायतों का उचित समाधान नहीं किया जाता। विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है।
पुलिस ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है। यह घटना पटियाला के चितकारा विश्वविद्यालय में छात्रों के प्रदर्शन के एक दिन बाद हुई है। वहां भी परिसर में दो छात्राओं के कथित तौर पर आत्महत्या करने की अपुष्ट खबरों को लेकर छात्रों ने एक पुलिस वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया था।
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