दीवाली पर आसमान छूने लगेंगे दाम! प्रदूषण से बचने का सही मौका, बेहद सस्ते मिल रहे ये टॉप एयर प्यूरीफायर
दीवाली के प्रदूषण और बढ़ने वाले दामों से पहले एयर प्यूरीफायर खरीदना समझदारी होगी, क्योंकि इस समय ये टॉप ब्रांड्स के डिवाइस भारी डिस्काउंट और कम कीमत पर उपलब्ध हैं।
भेड़ाघाट में बनेगा विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल पार्क व म्यूजियम, केंद्र सरकार ने परियोजना को दी मंजूरी, पर्यटन-रोजगार को मिलेगा नया विस्तार
भोपाल/जबलपुर। मध्य प्रदेश को एक और बड़ी सौगात मिली है। जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट में देश का पहला विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल म्यूजियम बनाया जाएगा। केंद्र सरकार ने इस परियोजना के लिए 87 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। परियोजना स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से लगभग 12 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी। परियोजना की मंजूरी से जबलपुर के पर्यटन विकास को नई गति मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार तथा व्यापार के अवसर बढ़ेंगे।
दरअसल, लोक निर्माण मंत्री राकेश सिंह ने 18 जनवरी 2024 को मंत्रालय में जियो पार्क की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और डिजाइन का प्रस्तुतिकरण देखा था। परियोजना के प्रत्येक निर्माण को प्राकृतिक परिवेश के अनुरूप रखने, संग्रहालय को आकर्षक और शिक्षाप्रद बनाने तथा लम्हेटा फॉर्मेशन, रानी दुर्गावती और जबलपुर की भू-संस्कृति को इसमें प्रमुखता से शामिल करने के निर्देश दिए थे। पर्यटन, नेचर स्टे और स्थानीय समुदाय की भागीदारी पर भी जोर दिया गया था। इसके बाद प्रस्ताव को केंद्र सरकार को भेजा गया और अब इसे (करीब ढाई वर्ष बाद) स्वीकृति मिली है।
मंत्री सिंह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय पर्यटन मंत्री गजेंद्र शेखावत का आभार जताया। उन्होंने कहा कि भेड़ाघाट जबलपुर के साथ पूरे मध्यप्रदेश की पहचान है। यहां की संगमरमर की चट्टानें, धुआंधार जलप्रपात और नर्मदा नदी देश-दुनिया के पर्यटकों को आकर्षित करती हैं। जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम इस पहचान को नया विस्तार देगा। जबलपुर की प्राकृतिक और ऐतिहासिक विरासत को आधुनिक पर्यटन सुविधाओं के साथ दुनिया के सामने प्रस्तुत किया जाए। इस परियोजना की स्वीकृति उसी दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। जबलपुर के नागरिकों, भेड़ाघाट के निवासियों और पूरे क्षेत्रवासियों को इस उपलब्धि के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।”
परियोजना पर एक नजर
- परियोजना स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से लगभग 12 हेक्टेयर क्षेत्र में विकसित की जाएगी।
- परियोजना में लगभग 5,745 वर्गमीटर निर्मित क्षेत्र प्रस्तावित है, जबकि 90 प्रतिशत या उससे अधिक क्षेत्र को हरित रखने का लक्ष्य है। इस परियोजना की क्रियान्वयन एजेंसी मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड होगी।
- परियोजना को 18 माह में, सितंबर 2026 से फरवरी 2028 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परियोजना के लिए पर्यटन विभाग के स्वामित्व में लगभग 12 हेक्टेयर भूमि उपलब्ध है।
- परियोजना के अंतर्गत विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल म्यूजियम एवं इंटरप्रिटेशन सेंटर, 6 विषयगत गैलरियां, 130 से अधिक प्रदर्श, 3डी मॉडलिंग, इंटरैक्टिव टच टेबल, डिजिटल पैनल, इमर्सिव थिएटर, टाइटेनोसॉर स्क्वायर, डायनासोर पार्क, फॉसिल गार्डन, जियोलॉजिकल मेज, रॉक गार्डन, ट्री-टॉप वॉकवे, ग्लास फ्लोर, नेचर वॉक और व्यूइंग डेक विकसित किए जाएंगे।
- परिसर में रेस्टोरेंट, फूड कोर्ट, म्यूजियम शॉप, स्थानीय उत्पादों के लिए रिटेल क्षेत्र, ग्लैम्पिंग टेंट आधारित इको-रिसॉर्ट, पार्किंग और टिकटिंग सहित आधुनिक पर्यटक सुविधाएं भी रहेंगी।
इन बातों पर भी रहेगा फोकस
- प्राकृतिक भू-दृश्य और मौजूदा वृक्षों को सुरक्षित रखते हुए संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इससे यहां आने वाले पर्यटक प्रकृति के साथ जुड़ाव महसूस कर सकेंगे।
- संग्रहालय में बच्चों, विद्यार्थियों और भू-विज्ञान के शोधार्थियों के लिए अलग-अलग अनुभव आधारित सामग्री उपलब्ध होगी।
- लमेटा फॉर्मेशन इस क्षेत्र की विशिष्ट भू-वैज्ञानिक पहचान है। इसी क्षेत्र में भारत का पहला डायनासोर जीवाश्म टाइटेनोसॉरस इंडिकस मिला था।
- संग्रहालय में पृथ्वी की उत्पत्ति से लेकर मध्यप्रदेश और नर्मदा घाटी के करोड़ों वर्ष पुराने भू-वैज्ञानिक इतिहास को सरल, रोचक और वैज्ञानिक तरीके से प्रस्तुत किया जाएगा।
- मध्यप्रदेश के 13 भौगोलिक क्षेत्रों की भू-सांस्कृतिक विशेषताओं को भी आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रदर्शित किया जाएगा।
- भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट के लिए प्राकृतिक श्रेणी में यूनेस्को विश्व धरोहर की संभावित सूची के लिये नामांकन डोजियर प्रस्तुत किए जाने और भविष्य में यूनेस्को ग्लोबल जियोपार्क की संभावनाओं का भी परियोजना प्रस्ताव में उल्लेख है।
- स्थानीय उत्पादों, हस्तशिल्प, खान-पान और पर्यटन सेवाओं में स्थानीय समुदाय की भागीदारी सुनिश्चित करने पर विशेष फोकस होगा।
क्या फायदा मिलेगा
- परियोजना विकसित होने पर पर्यटकों की संख्या में काफी बढ़ोत्तरी होगी। इस जियोलॉजिकल पार्क के बनने से जबलपुर अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन नेटवर्क से बेहतर रूप से जुड़ेगा।
- परियोजना प्रस्ताव के अनुसार वर्ष 2025 में लगभग 10.68 लाख पर्यटक भेड़ाघाट पहुंचे थे।
- होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन, स्थानीय हस्तशिल्प, गाइड सेवा और अन्य पर्यटन गतिविधियों को सीधा लाभ मिलेगा।
- भेड़ाघाट पहले से मार्बल रॉक्स, धुआंधार जलप्रपात, नर्मदा नदी और चौसठ योगिनी मंदिर के कारण देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल है।
- जियो पार्क के निर्माण से प्राकृतिक पर्यटन के साथ ज्ञान, विज्ञान, शिक्षा और अनुभव आधारित पर्यटन भी जुड़ जाएगा।
जबलपुर के विश्व प्रसिद्ध भेड़ाघाट-लम्हेटाघाट में देश का पहला विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल म्यूजियम तथा पर्यटक सुविधाएं विकसित करने की 87 करोड़ रूपये की परियोजना को केंद्र सरकार ने मंजूरी दे दी है।
यह परियोजना स्वदेश दर्शन 2.0 योजना के तहत मध्यप्रदेश पर्यटन बोर्ड के माध्यम से लगभग 12… pic.twitter.com/wUpwaTBpve
— Jansampark MP (@JansamparkMP) September 26, 2026
भेड़ाघाट में बनेगा विश्वस्तरीय जियोलॉजिकल पार्क और म्यूजियम
केंद्र सरकार ने ₹87 करोड़ की परियोजना को दी मंजूरी
मंत्री श्री राकेश सिंह के प्रयासों से अंततः मिली जियोलॉजिकल पार्क को स्वीकृति pic.twitter.com/dqHjzl8rkB
— Collector Jabalpur (@jabalpurdm) September 26, 2026
होम
जॉब
पॉलिटिक्स
बिजनेस
ऑटोमोबाइल
गैजेट
लाइफस्टाइल
फोटो गैलरी
Others 
Hindustan
Mp Breaking News








