आज से पितृपक्ष शुरू, पितरों के पिंडदान के लिए क्यों प्रसिद्ध है नारायणी शिला? भगवान के कमलासन से क्या है संबंध
Pitru Paksha 2026 Today: आज से पितृपक्ष की शुरुआत हो चुकी है और इन दिनों पितरों के प्रति श्रद्धा प्रकट करने के लिए श्राद्ध कर्म, पिंडदान, तर्पण आदि कार्य किए जाते हैं. साथ ही पितृपक्ष के दौरान हरिद्वार स्थित नारायणी शिला पर पिंडदान और श्राद्ध कर्म का विशेष महत्व है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, यह स्थान भगवान विष्णु के हृदय (कमल रूपी स्थान/कमलासन) का प्रतीक माना जाता है. आइए जानते हैं इस स्थान के बारे में खास बातें...
सुल्तानपुर का मठिया धाम मंदिर, जिसका दो हिस्सा जमीन में एक हिस्से पर होता है दर्शन, अनोखी बनावट और प्राचीनता के लिए है खास महत्व
सुल्तानपुर के निजाम पट्टी गांव में मौजूद मठिया धाम अपनी धार्मिक मान्यता के साथ-साथ अनोखी बनावट के लिए भी खास है. बाहर से देखने पर यह मंदिर सामान्य नजर आ सकता है, लेकिन जैसे ही आप इसकी संरचना को करीब से देखते हैं. इसकी कहानी अलग दिखाई देती है. स्थानीय लोगों के मुताबिक मंदिर का दो हिस्सा समय के साथ जमीन के अंदर चला गया. आज मंदिर का जो हिस्सा दिखाई देता है, उसमें जाने के लिए श्रद्धालुओं को एक संकरी जगह से झुककर अंदर जाना पड़ता है.
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