Aaj Ka Panchang 27 September 2026: आज से शुरू हुआ पितृपक्ष, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पंचांग
Aaj Ka Panchang 27 September 2026: ज्योतिषाचार्य डॉक्टर अरविंद त्रिपाठी के अनुसार, आज 27 सितंबर 2026 से पितृ पक्ष 2026 का प्रारंभ हो रहा है. रविवार के दिन आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की उत्तराभाद्रपद तिथि है. आज सूर्योदय सुबह 6 बजकर 11 मिनट पर होगा और सूर्यास्त शाम 6 बजकर 15 मिनट पर होगा. आज चंद्रमा मीन राशि में संचार करेंगे और बालव तथा कौलव करण रहेगा. आज दिशा शूल पश्चिम दिशा में रहेगा. चलिए अब पढ़ते हैं आज का पंचांग 27 सितंबर 2026.
पढ़ें आज का पंचांग 27 सितंबर 2026 (Today's Panchang 27 September 2026)
आज की तिथि, वार और नक्षत्र
- तारीख- 27 सितंबर 2026
- दिन- रविवार
- तिथि- प्रतिपदा
- नक्षत्र- उत्तराभाद्रपद
- सूर्योदय- सुबह 6:11 बजे
- सूर्यास्त- शाम 6:15 बजे
- करण- बालव, कौलव
- चंद्रमा- मीन राशि
- शुभ मुहूर्त- 11:48 से दोपहर 12:36 तक
- राहुकाल- 4:42 से शाम 6:12 तक
- दिशा शूल- पश्चिम
- दिशा शूल उपाय- दलिया या घी खाकर घर से निकलें
आज का महामंत्र
ऊं सर्वेभ्यः पितृभ्यो नमः।
स्वधा नमः। स्वधा नमः। स्वधा नमः॥
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चंद्र गोचर
चंद्रमा का गोचर मीन राशि में होगा.
संवत
विक्रम संवत- 2083, रौद्र
शक संवत- 1948, पराभव
चंद्रमास
सूर्योदय- आज सुबह 06:11 पर हुआ है
सूर्यास्त- आज शाम 06 बजकर 15 मिनट पर होगा
चंद्रोदय- 27 सितंबर शाम 06:35 बजे पर होगा
चंद्र अस्त- 28 सितंबर को सुबह 07:38 मिनट पर होगा
आज का शुभ समय
ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04:44 मिनट से सुबह 05:32 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11:48 मिनट से दोपहर 12:36 मिनट तक
अमृत काल- सुबह 06:25 बजे से सुबह 07:59 मिनट तक
आज का अशुभ समय
राहुकाल- शाम 04 बजकर 42 मिनट से शाम 06 बजकर 12 मिनट तक
यम गण्डक- दोपहर 12:17 मिनट से दोपहर 01:47 मिनट तक
गुलिक काल- दोपहर 03:16 मिनट से शाम 04:45 बजे तक
आज का दुर्मुहूर्त -शाम 04:39 मिनट से शाम 05:27 मिनट तक
आज के व्रत
प्रतिपदा श्राद्ध
पितृपक्ष के उपाय
प्रतिदिन या अपने पितरों की तिथि पर स्नान के बाद काले तिल, कुश और जल से दक्षिण दिशा की ओर मुख करके तर्पण करें. तर्पण करते समय पितरों का स्मरण करें.
जिस तिथि पर पूर्वज का देहावसान हुआ हो, उसी तिथि पर श्राद्ध करें. यदि तिथि ज्ञात न हो तो सर्वपितृ अमावस्या के दिन श्राद्ध करना श्रेष्ठ माना गया है
ब्राह्मण, साधु, गौशाला, अनाथालय या किसी जरूरतमंद व्यक्ति को भोजन कराएं. अपनी सामर्थ्य के अनुसार अन्न, वस्त्र और दक्षिणा का दान करें.
सनातन परंपरा में पितृपक्ष के दौरान जीवों को अन्न देना करुणा और पितृ-स्मरण का प्रतीक माना गया है. कौए, गाय, कुत्ते और चींटियों को भोजन दें
पितृपक्ष में भगवान विष्णु की पूजा करें और "ॐ नमो भगवते वासुदेवाय" मंत्र का जप करें. विष्णु सहस्रनाम या भगवद्गीता के 15वें अध्याय का पाठ भी शुभ माना जाता है.
काले तिल का दान करें और तिल मिले जल से तर्पण करें.शास्त्रों में तिल को पितृकार्य में अत्यंत पवित्र माना गया है. पीपल के वृक्ष में जल अर्पित करें और श्रद्धापूर्वक प्रणाम करें. कई परंपराओं में इसे पितृ-स्मरण से जोड़ा जाता है. शास्त्रों के अनुसार जीवित माता-पिता और परिवार के बुजुर्गों का सम्मान और सेवा करना सबसे बड़ा पितृ-पूजन माना गया है.
आपका दिन मंगलमय हो...
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आज का पंचांग 27 सितंबर 2026: तिथि, शुभ मुहूर्त, राहुकाल, चौघड़िया, सूर्योदय-सूर्यास्त
आज की तिथि क्या है?: आज आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि है, जो रात 8 बजकर 59 मिनट तक रहेगी। इसके बाद द्वितीया तिथि शुरू हो जाएगी। यहां जानें ज्योतिषाचार्य डॉक्टर मनीष गौतम जी महाराज से आज के दिन का पंचांग, सूर्य, चंद्रमा की स्थिति और शुभ-अशुभ समय।
- वार: रविवार
- नक्षत्र: उत्तराभाद्रपद- दोपहर 11:08 बजे तक
- योग: वृद्धि योग
- करण: बव, इसके बाद बालव
शुभ मुहूर्त
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:05 बजे से 12:53 बजे तक
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:53 बजे से 5:40 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:30 बजे से 3:18 बजे तक
राहुकाल
- राहुकाल: शाम 4:42 बजे से 6:12 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 12:05 बजे से 1:35 बजे तक
- गुलिक: दोपहर 3:05 बजे से 4:35 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 4:53 बजे से 5:40 बजे तक
सूर्योदय-सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 6:11 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:12 बजे
आज के व्रत
पितृपक्ष प्रतिपदा श्राद्ध
आज का पर्व
पितृपक्ष 2026- प्रतिपदा श्राद्ध
आज का धार्मिक महत्व
आश्विन कृष्ण पक्ष की प्रतिपदा तिथि पर उन पितरों का श्राद्ध किया जाता है जिनका निधन किसी भी माह के कृष्ण या शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को हुआ हो। इस दिन पितरों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण, पिंडदान और दान करने की परंपरा है। मान्यता के अनुसार, जिन नाना-नानी का कोई पुत्र न हो, उनके निधन के बाद नाती भी इस तिथि पर उनका श्राद्ध कर सकता है। पितृपक्ष में श्रद्धापूर्वक किए गए कर्मों को पितरों के प्रति कृतज्ञता और स्मरण का माध्यम माना जाता है।
आज राहुकाल कब है?: 27 सितंबर 2026 को राहुकाल शाम 4:42 बजे से 6:12 बजे तक है।
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