सावन सोमवार पर उत्तराखंड शिवमय:हरिद्वार पहुंचे श्रद्धालुओं की संख्या 1 करोड़ के पार, केदारनाथ समेत प्रमुख शिवालयों में लंबी कतारें
सावन के सोमवार पर पूरा उत्तराखंड शिवभक्ति में डूबा नजर आया। सोमवार तड़के से केदारनाथ, टपकेश्वर, नीलकंठ, दक्षेश्वर, जागेश्वर समेत प्रदेश के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। दूसरी ओर कांवड़ यात्रा भी अपने चरम पर पहुंच गई है। हरिद्वार पुलिस के मुताबिक यात्रा शुरू होने के बाद से सोमवार दोपहर 12 बजे तक करीब 1 करोड़ कांवड़िए हरिद्वार पहुंच चुके हैं। केदारनाथ धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ रही। टपकेश्वर महादेव मंदिर में दर्शन के लिए करीब 500 मीटर से एक किलोमीटर तक लंबी कतार लगी। हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालु सुबह तीन बजे से जलाभिषेक के लिए लाइन में लग गए थे। ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव, उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ, अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम, बागेश्वर के बागनाथ मंदिर, रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ और काशीपुर के मोटेश्वर महादेव मंदिर में भी सुबह से श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। मंदिरों में विशेष रुद्राभिषेक, महाआरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, बेलपत्र और धतूरा अर्पित कर पूजा-अर्चना की। पर्वतीय जिलों में तीसरा, तराई में पहला सावन सोमवार उत्तराखंड के पर्वतीय जिलों में सोमवार को सावन का तीसरा सोमवार मनाया जा रहा है, जबकि तराई क्षेत्र में पहला सोमवार है। इसकी वजह प्रदेश में प्रचलित दो पंचांग परंपराएं हैं। पर्वतीय क्षेत्रों में पूर्णिमांत और तराई में अमांत पंचांग के अनुसार सावन की गणना होती है। हालांकि दोनों क्षेत्रों में शिवभक्ति का उत्साह समान रहा। कांवड़ यात्रा अपने चरम पर हरिद्वार में कांवड़ यात्रा के चौथे दिन भारी भीड़ रही। मेला कंट्रोल रूम के अनुसार रविवार को 31.50 लाख श्रद्धालु गंगाजल लेकर अपने गंतव्य के लिए रवाना हुए। यात्रा शुरू होने के बाद से अब तक करीब 80 लाख श्रद्धालु गंगाजल लेकर विभिन्न राज्यों के लिए निकल चुके हैं। वहीं हरिद्वार के एसपी सिटी अभय सिंह ने दैनिक भास्कर को बताया कि यात्रा के दौरान हरिद्वार पहुंचने वाले कांवड़ियों की संख्या 1 करोड़ तक पहुंच गई है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। हरकी पैड़ी से कांवड़ मार्ग तक 'बोल बम' के जयघोष सोमवार सुबह हरकी पैड़ी, गंगा घाटों और कांवड़ मार्गों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के जयघोष से पूरा माहौल शिवमय बना रहा। शहरभर में सेवा शिविर, भंडारे और चिकित्सा शिविरों के जरिए श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। तस्वीरें देखिए- प्रमुख शिव मंदिरों में सुबह से जलाभिषेक सावन के सोमवार पर हरिद्वार के दक्षेश्वर महादेव, बिल्केश्वर महादेव और कोटीश्वर महादेव, ऋषिकेश के नीलकंठ महादेव, देहरादून के टपकेश्वर महादेव, उत्तरकाशी के काशी विश्वनाथ मंदिर, रुद्रप्रयाग के तुंगनाथ, अल्मोड़ा के जागेश्वर धाम, बागेश्वर के बागनाथ मंदिर और केदारनाथ धाम में तड़के से ही श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लगी रहीं। मंदिरों में विशेष रुद्राभिषेक, महाआरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। हरिद्वार और ऋषिकेश में बड़ी संख्या में कांवड़िए गंगाजल भरने के बाद सीधे नीलकंठ महादेव समेत विभिन्न शिवालयों की ओर रवाना हुए। वहीं चारधाम यात्रा के बीच केदारनाथ धाम में भी दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही लगातार जारी रही। हरिद्वार पूरी तरह शिवमय, कांवड़ मार्गों पर भगवा सैलाब धर्मनगरी हरिद्वार इन दिनों पूरी तरह शिवभक्ति के रंग में रंगी हुई है। हर की पैड़ी से लेकर प्रमुख गंगा घाटों और राष्ट्रीय राजमार्गों तक भगवा वस्त्रधारी कांवड़ियों का सैलाब दिखाई दे रहा है। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे श्रद्धालु गंगाजल लेकर भगवान शिव का जलाभिषेक करने के लिए अपने-अपने गंतव्य की ओर बढ़ रहे हैं। शहरभर में सेवा शिविरों, भंडारों और चिकित्सा शिविरों के माध्यम से श्रद्धालुओं की सेवा की जा रही है। शिव मंदिरों में सावन के सोमवार से जुड़े अपडेट्स के लिए ब्लॉग से गुजर जाइए…
आज से RBI MPC की 3- दिन की मीटिंग:रेपो रेट में बदलाव की संभावना कम; 5 अगस्त को फैसलोें का ऐलान
RBI की मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी की तीन दिन की मीटिंग आज सोमवार 3 अगस्त से शुरू हो गई है। माना जा रहा है कि केंद्रीय बैंक रेपो रेट को बिना किसी बदलाव के स्थिर रख सकता है। महंगाई के रुख और वैश्विक अनिश्चितताओं को देखते हुए यह फैसला लिया जा सकता है। RBI की पिछली मीटिंग जून में हुई थी रिजर्व बैंक ने नए वित्त वर्ष की दूसरी मीटिंग जून में की थी। इसमें रेपो रेट को 5.25% पर बरकरार रखा था। हालांकि 2027 में महंगाई के अनुमान को 4.6% से बढ़ाकर 5.1% कर दिया था। इस वित्तीय वर्ष में कुल 6 बैठकें होनी हैं, ये इस वित्त वर्ष की तीसरी मीटिंग है। पहली बैठक अप्रैल में हुई थी। RBI ब्याज दर बदलाव में जल्दबाजी नहीं करेगा विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के सख्त रुख के बावजूद RBI अभी ब्याज दरों में कोई बदलाव करने की जल्दबाजी नहीं करेगा। केंद्रीय बैंक का पूरा ध्यान घरेलू महंगाई, लिक्विडिटी और आर्थिक विकास पर रहने की उम्मीद है। दिसंबर में हो सकती है बढ़ोतरी इक्विरस सिक्योरिटीज के रिसर्च हेड मौलिक पटेल ने भी दरों में बदलाव न होने की उम्मीद जताई है। उन्होंने कहा कि पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी और मौसम की मार के कारण थोक और खुदरा महंगाई में तेजी देखी जा रही है। इन दबावों के चलते पूरे साल के लिए सीपीआई (CPI) 4.9 फीसदी रहने का अनुमान है। पटेल ने कहा कि वैश्विक स्तर पर सख्त होती मौद्रिक नीतियों को देखते हुए RBI भविष्य के फैसलों में सावधानी बरतेगा। इक्विरस सिक्योरिटीज को उम्मीद है कि दिसंबर की पॉलिसी समीक्षा में RBI 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी कर सकता है। रिजर्व बैंक रेपो रेट बढ़ाता और घटाता क्यों है? रेपो रेट महंगाई से लड़ने का टूल है। जब महंगाई ज्यादा होती है, तो सेंट्रल बैंक इसे बढ़ाकर इकोनॉमी में मनी फ्लो कम करने की कोशिश करता है। पॉलिसी रेट ज्यादा होगी तो बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज महंगा होगा। बदले में बैंक ग्राहकों के लिए लोन महंगा कर देते हैं। इससे इकोनॉमी में मनी फ्लो कम होता है। मनी फ्लो कम होने पर डिमांड घटती है और महंगाई कम हो जाती है। जब इकोनॉमी बुरे दौर से गुजरती है, तो रिकवरी के लिए मनी फ्लो बढ़ाने की जरूरत पड़ती है। ऐसे में सेंट्रल बैंक पॉलिसी रेट कम कर देता है। इससे बैंकों को सेंट्रल बैंक से मिलने वाला कर्ज सस्ता हो जाता है और ग्राहकों को भी सस्ती दर पर लोन मिलता है।
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