Paras Jain निधन: मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री एवं भाजपा नेता का इंदौर में निधन
उज्जैन, तीन अगस्त भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता एवं मध्यप्रदेश के पूर्व मंत्री पारस चंद्र जैन का सोमवार को इंदौर के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया। वह 77 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी।
सूत्रों ने बताया कि फेफड़ों में पानी भरने की शिकायत के बाद जैन को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। पार्टी सूत्रों ने बताया कि जैन 2005 से राज्य में भाजपा सरकार के तीन कार्यकाल के दौरान मंत्री रहे। उनके पास स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, ऊर्जा, वन, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति तथा उपभोक्ता संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी रही।
वह वर्ष 2018 तक मंत्री रहे। कुश्ती के प्रति अपने लगाव के कारण ‘पारस पहलवान’ के नाम से लोकप्रिय जैन छह बार उज्जैन उत्तर विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए थे। उन्होंने 1990, 1993, 2003, 2008, 2013 और 2018 में इस सीट का प्रतिनिधित्व किया।
छह बार विधायक और कई बार मंत्री रहने के बावजूद वह अक्सर उज्जैन की सड़कों पर स्कूटर से घूमते हुए मित्रों से मिलते थे तथा उनके साथ चाय-नाश्ता करते थे। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। सूत्रों के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार सोमवार को उज्जैन में किया जाएगा।
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जैन के निधन पर शोक व्यक्त किया। यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘भाजपा के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री एवं उज्जैन उत्तर के पूर्व विधायक श्रद्धेय पारस चंद्र जैन के निधन का समाचार सुनकर मन दुखी है। उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘बाबा महाकाल से प्रार्थना है कि दिवंगत को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें एवं शोकाकुल परिजनों को यह असीम दुख सहन करने की शक्ति दें।
Lucknow में Ram Mandir चढ़ावा प्रकरण और NEET पेपर लीक को लेकर सपा का प्रदर्शन
लखनऊ, तीन अगस्त उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र की शुरुआत से पहले सोमवार को मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (सपा) के विधायकों और विधान परिषद सदस्यों ने विधान भवन परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी समेत कई मुद्दों को लेकर प्रदर्शन किया। विधान भवन परिसर में चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने बड़ी संख्या में सपा सदस्यों ने तख्तियां, बैनर और पोस्टर लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सपा सदस्यों ने अयोध्या के राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी, पिछले दस वर्षों में प्रदेश में 26 हजार से अधिक सरकारी विद्यालय बंद किए जाने, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) का प्रश्नपत्र लीक होने, कानून-व्यवस्था की कथित बदहाली तथा अन्य जनसरोकारों से जुड़े मुद्दे उठाए।
कुछ सदस्यों ने विरोध के प्रतीकात्मक रूप से अपने सिर पर ‘चंदा पेटिका’ लिखे दानपात्र भी रखे थे। सपा विधायक रागिनी सोनकर ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की ‘‘डबल इंजन’’ सरकार ने प्रदेश को ऐसा तोहफा दिया है कि 2026 तक 26 हजार सरकारी विद्यालय बंद हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि इसके कारण 18 हजार बेटियों ने पढ़ाई छोड़ दी है।
सोनकर ने कहा कि भाजपा सरकार केवल जुमलेबाजी करती है और लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ कर रही है। सपा विधायक अतुल प्रधान ने आरोप लगाया कि भाजपा और उससे जुड़े लोगों ने अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी जैसा ‘‘पाप’’ किया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच के लिए गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) ने अपनी रिपोर्ट सौंप दी है, लेकिन उस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
सिर पर दानपात्र रखे प्रधान ने कहा, ‘‘आज हम यहां चंदा चोरों के खिलाफ अभियान लेकर आए हैं।’’ इस दौरान कुछ सपा सदस्यों ने ‘‘चंदा चोरों, गद्दी छोड़ो’’ के नारे भी लगाए। सपा सदस्य कमाल अख्तर ने कहा कि प्रदेश में बेरोजगारी चरम पर है, प्रश्नपत्र लीक हो रहे हैं, नौजवान सड़कों पर हैं, उनके साथ अत्याचार और अन्याय हो रहा है, किसानों को खाद नहीं मिल रही, पूरे उत्तर प्रदेश में बाढ़ से हालात गंभीर हैं और स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार जनता और विपक्ष के सवालों का जवाब देने से बच रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम इन सभी मुद्दों को सदन में उठाना चाहते हैं, लेकिन सरकार ने सत्र की अवधि कम करके चर्चा से बचने का प्रयास किया है।’’ उत्तर प्रदेश विधानमंडल का मानसून सत्र तीन अगस्त से छह अगस्त तक चलेगा। राज्य विधानसभा के आगामी चुनाव से पहले इसे संभवतः विधानमंडल का अंतिम सत्र माना जा रहा है। इस दौरान राज्य सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का पहला अनुपूरक बजट चार अगस्त को विधानमंडल के दोनों सदनों में प्रस्तुत करेगी।
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