CBSE ने 10वीं, 12वीं के सैंपल पेपर जारी किए:आंसर शीट की मार्किंग स्कीम भी जारी की, मई में OSM रिजल्ट को लेकर विवाद हुआ था
सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन यानी CBSE ने एकेडमिक सेशन 2026-27 की बोर्ड परीक्षाओं के लिए क्लास 10 और 12 के सैंपल क्वेश्चन पेपर (SQP) और मार्किंग स्कीम जारी कर दी है। स्टूडेंट्स सैंपल पेपर और तय मार्किंग स्कीम CBSE की ऑफिशियल एकेडमिक वेबसाइट cbseacademic.nic.in पर जाकर देख सकते हैं। क्वेश्चन पेपर फॉर्मेट, सेक्शन स्ट्रक्चर भी जारी CBSE ने दोनों क्लास के लिए सब्जेक्ट के हिसाब से SQP यानी सब्जेक्ट वाइस क्वेश्चन पेपर भी जारी किए हैं। CBSE बोर्ड परीक्षा 2027 में शामिल होने वाले छात्र इनका इस्तेमाल एक डिटेल्ड रेफरेंस के तौर पर कर सकते हैं। क्वेश्चन पेपर फॉर्मेट और मार्किंग स्कीम भी जारी साथ ही,वे क्वेश्चन पेपर का फॉर्मेट, सवालों के प्रकार, सेक्शन के हिसाब से स्ट्रक्चर और बोर्ड परीक्षा में संभावित मार्क्स का क्लासिफिकेशन भी समझ सकते हैंबोर्ड की ओर से जारी मार्किंग स्कीम यह बताती हैं कि आने वाली CBSE क्लास 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा 2027 में आंसर्स कैसे चैक किए जाएंगे और मार्क्स कैसे दिए जाएंगे। CBSE बोर्ड अक्टूबर 2026 तक दोनों क्लास के लिए डिटेल्ड टाइम-टेबल भी जारी कर देगा। CBSE 10वीं, 12वीं सैंपल पेपर 2027 ऐसे करें डाउनलोड CBSE क्लास 10वीं और 12वीं के स्टूडेंट्स नीचे दिए गए स्टेप्स को फॉलो करके ऑफिशियल वेबसाइट से सैंपल पेपर और मार्किंग स्कीम देख सकते हैं। पासिंग क्राइटेरिया के पुराने नियम ही लागू होंगे बोर्ड ने 21 सितंबर को जारी प्रेस नोट में असेसमेंट स्कीम या पासिंग क्राइटेरिया में कोई बदलाव नहीं किया गया है। पासिंग क्राइटेरिया के लिए वही नियम लागू रहेंगे जो 2025-26 सेशन में इस्तेमाल किए गए थे। परीक्षा में शामिल होने वाले स्टूडेंट्स को आने वाली CBSE बोर्ड परीक्षा 2027 की जानकारी के लिए बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट cbseacademic.nic.in को रेगुलर चेक कर सकते हैं। इस साल पहली बार CBSE ने OSM मे जरिए कॉपी चैक हुईं थीं 13 मई 2026 को CBSE ने 12वीं बोर्ड परीक्षा के नतीजे घोषित किए थे। इसमें 98 लाख आंसर कॉपी डिजिटली एवैल्यूट की गई थीं। रिजल्ट के बाद कई छात्रों ने आरोप लगाया कि उनकी कॉपियों में कुछ आंसर जांचे ही नहीं गए हैं और कुछ आंसर पूरे चैक नहीं किए गए हैं। इसे पूरे विवाद के बाद CBSE चेयरमैन और सचिव बदले गए ऑन स्क्रीन मार्किंग (OSM) विवाद के बीच CBSE के चेयरमैन राहुल सिंह और सचिव हिमांशु गुप्ता का ट्रांसफर कर दिया। इसके अलावा OSM सर्विस के टेंडर और खरीद प्रक्रिया की जांच के लिए एक सदस्यीय कमेटी गठित की गई थी। इनकी जगह सरकार ने सीनियर IAS ऑफिसर लोखंडे प्रशांत सीताराम को नया चेयरमैन और वरुण भारद्वाज को सचिव नियुक्त किया था। ---------------------- ये खबर भी पढ़ें.. JEE मेन्स सेशन-1 22 जनवरी को होगा:सैनिक स्कूल एंट्रेस एग्जाम 31 को, NTA ने 2027 का एग्जाम कैलेंडर जारी किया नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने 2026-27 का एग्जाम कैलेंडर जारी किया है। कैलेंडर के मुताबिक दिसंबर 2026 से मार्च 2027 तक का कैलेंडर जारी किया है। पूरी खबर पढ़ें..
IIT स्टूडेंट सुसाइड के बाद डीन से हटाए गए दुल्ला:JEE एडवांस्ड, UCEED एग्जाम्स कंडक्ट कराते हैं, एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड से सम्मानित; जानें प्रोफाइल
IIT बॉम्बे के छात्र साहिल वाकोडे की मौत के बाद इस संस्थान के जिस प्रोफेसर की सबसे ज्यादा चर्चा है, वह सूर्यनारायण दूल्ला हैं। प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला IIT बॉम्बे के ऊर्जा विज्ञान और इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर हैं। वे एक दशक से भी ज्यादा समय से इस संस्थान से जुड़े हुए हैं। उनकी छात्र प्रशासन से जुड़ी गतिविधियों में भी सक्रिय भूमिका रही है। वे JEE एडवांस्ड, UCEED और CEED जैसी परीक्षाओं के आयोजन में भी अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाने के लिए जाने जाते हैं। IIT बॉम्बे से पहले बेंगलुरु में की जॉब प्रोफेसर दूल्ला ने IIT बॉम्बे में नौकरी करने से पहले बेंगलुरु में पावर रिसर्च एंड डेवलपमेंट कंसल्टेंट्स में काम किया। इसके बाद उन्होंने हैदराबाद में 'मशीन 2 मशीन' के साथ काम किया। बाद में उन्हें IIT बॉम्बे में बतौर प्रोफेसर नौकरी मिली। कई प्रतिष्ठित सम्मानों से सम्मानित प्रोफेसर सूर्यनारायण दुल्ला को 2021 में प्रो. एस.पी. सुखात्मे एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड, 2017 में IIT बॉम्बे एक्सीलेंस इन टीचिंग अवार्ड सहित अन्य सम्मानों से नवाजा जा चुका है। IIT बॉम्बे फैकल्टी फोरम के अनुसार, प्रोफेसर दुल्ला संस्थान के फैकल्टी सदस्य बने हुए हैं। उन्हें केवल डीन के पद से अस्थायी रूप से हटाया गया है। सुसाइड केस से कैसे जुड़ा प्रोफेसर का नाम मिड सेमेस्टर एग्जाम के दौरान छात्र साहिल वाकोड़े को मोबाइल फोन में AI का इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया था। उस पर आरोप था कि वो चैट जीपीटी से नकल करके एग्जाम दे रहा था। इस दौरान कोर्स इंस्ट्रक्टर और इनविजिलेटर प्रोफेसर सूर्यनारायण दूल्ला ने साहिल को पकड़ा। इसकी जानकारी संस्थान के बाकी अधिकारियों को भी दी। इसके बाद छात्र ने सुसाइड कर लिया। सुसाइड के लिए उकसाने का आरोप इन आरोपों के आधार पर पुलिस ने प्रोफेसर दुल्ला पर आत्महत्या के लिए उकसाने और एससी, एसटी एक्ट से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। छात्र के परिवार ने मानसिक उत्पीड़न और जातिगत भेदभाव के आरोप लगाए हैं। फैकल्टी ने किया सस्पेंशन का विरोध फिलहाल पुलिस आरोपों की जांच में जुटी हुई है। हालांकि, IIT बॉम्बे के फैकल्टी फोरम ने उनके सस्पेंशन का विरोध किया है। उनका कहना है कि प्रोफेसर ने वही किया जो एक इनविजिलेटर का काम होता है। कई संस्थानों ने उनके समर्थन में रैली भी निकाली है। -------------------------- ये खबर भी पढ़ें… IIT बॉम्बे में 7 महीनों में तीसरा स्टूडेंट सुसाइड: 5 सालों में 67 IIT स्टूडेंट्स ने की आत्महत्या, सबसे ज्यादा IIT खड़गपुर में मुंबई के IIT बॉम्बे में 18 सितंबर 2026 की शाम सेकेंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे ने हॉस्टल के कमरे में फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। साहिल महाराष्ट्र के यवतमाल का रहने वाला था। वह एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था। पूरी खबर यहां पढ़ें
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