IND vs WI: कब, कहां और कैसे देखें भारत-वेस्टइंडीज का पहला वनडे? जानें ब्रॉडकास्ट और फ्री स्ट्रीमिंग समेत पूरी डिटेल्स
IND vs WI: भारत और वेस्टइंडीज के बीच 3 मैचों की वनडे सीरीज की शुरुआत 27 सितंबर से होने जा रही है. सीरीज का पहला मैच तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेला जाएगा. इस सीरीज में रोहित शर्मा और विराट कोहली खेलते नजर आएंगे, जिसका इंतजार फैंस को काफी वक्त से था. वहीं इस सीरीज के जरिए टीम इंडिया की अगले साल होने वाले वनडे वर्ल्ड कप की तैयारियां भी शुरू हो जाएंगी. तो चलिए जानते हैं कि भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज के मुकाबलों की लाइव ब्रॉडकास्ट और लाइव स्ट्रीमिंग कहां देख सकेंगे.
कब-कहां और कैसे देखें भारत-वेस्टइंडीज का वनडे मैच?
भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे मुकाबला 27 सितंबर को दोपहर 2:00 बजे से तिरुवनंतपुरम के ग्रीनफील्ड स्टेडियम में खेला जाएगा, जिसके लिए टॉस दोपहर 1:30 बजे होगा. अगर आप इस मैच को टीवी पर देखना चाहते हैं, तो इसका लाइव ब्रॉडकास्ट स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क के चैनलों पर अलग-अलग भाषाओं की कमेंट्री के साथ किया जाएगा. इसके अलावा, जिन दर्शकों के पास DD Free Dish का कनेक्शन है, वे डीडी स्पोर्ट्स चैनल पर बिना किसी एक्स्ट्रा चार्ज के इस मुकाबले को बिल्कुल फ्री में देख सकते हैं.
वहीं अगर आप मैच को अपने मोबाइल, लैपटॉप या टैबलेट पर देखना चाहते हैं, तो इसकी लाइव स्ट्रीमिंग जियोहॉटस्टार ऐप और उसकी वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी. डिजिटल प्लेटफॉर्म पर भी फैंस अपनी पसंदीदा भाषा में कमेंट्री चुनकर मैच का पूरा आनंद ले सकते हैं.
???????????????????????????? ???????? ???????????? ???????????????? ????????????????????! ????#TeamIndia is leaving no stone unturned as they gear up for the first ODI against #WestIndies. ????
— Star Sports (@StarSportsIndia) September 24, 2026
Watch #INDvWI, 1st ODI ???? SUN, 27th SEP, 1 PM pic.twitter.com/I6BRv9zBNX
वेस्टइंडीज के सामने शेर हो गई है टीम इंडिया
भारत और वेस्टइंडीज के बीच क्रिकेट का मुकाबला हमेशा से ही दर्शकों को रोमांचित करता आया है. एक दौर था जब वर्ल्ड क्रिकेट में कैरेबियाई टीम का एकतरफा दबदबा था, लेकिन वक्त के साथ भारतीय टीम ने अपनी ताकत बढ़ाई और आज वह दुनिया की सबसे मजबूत टीमों में शुमार है. वैसे तो वनडे क्रिकेट के पुराने आंकड़े दोनों टीमों के बीच बराबरी की टक्कर दिखाते हैं, पर हाल के सालों में टीम इंडिया का पलड़ा इतना भारी हो चुका है कि वेस्टइंडीज के लिए उसे मात देना एक बड़ी चुनौती बन गया है.
Game on in Thiruvananthapuram! Men in Blue kick off training ahead of IND vs WI 1st ODI at The Sports Hub, Greenfield International Stadium #INDvsWI #TeamIndia #ODI #Thiruvananthapuram @BCCI pic.twitter.com/Wt0DgwLdrf
— KCA (@KCAcricket) September 24, 2026
भारतीय सरजमीं पर कैसा है दोनों टीमों का हेड टू हेड रिकॉर्ड?
अगर दोनों टीमों के इतिहास पर नजर डालें, तो भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक कुल 142 वनडे मैच खेले जा चुके हैं, जिनमें भारतीय टीम का दबदबा देखने को मिला है. इन मुकाबलों में से टीम इंडिया ने 72 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि वेस्टइंडीज को 64 मैचों में ही जीत मिली है. इनके अलावा 2 मैच टाई रहे हैं और 4 मैचों का कोई परिणाम नहीं निकल सका. जब बात भारत के घरेलू मैदानों की आती है, तो यहां भी दोनों टीमों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिलता है. भारतीय पिचों पर अब तक कुल 61 वनडे मैच खेले गए हैं, जिनमें से भारत ने 32 मैचों में जीत हासिल की है, जबकि वेस्टइंडीज ने 28 मैचों में बाजी मारी है. वहीं एक मैच टाई रहा है.
Back in ODI mode ????
— BCCI (@BCCI) September 25, 2026
???? #TeamIndia putting in the work in Thiruvananthapuram ahead of #INDvWI ????♂️???? pic.twitter.com/sRuuoVdyxg
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UP Elections 2027: उत्तर प्रदेश के बस्ती में बहुकोणीय मुकाबला
बस्ती न केवल प्रदेश का एक प्रमुख सांस्कृतिक व कृषि-प्रधान केंद्र है, बल्कि चंदो ताल का प्राकृतिक सौंदर्य, छावनी का अमोढ़ा खास (1857 की क्रांति का अमर साक्षी) और मखौड़ा धाम (जहां महाराजा दशरथ ने पुत्रेष्टि यज्ञ किया था) इसकी विशिष्ट पहचान हैं. वाल्टरगंज की बंद पड़ी चीनी मिलों के पुनरुद्धार की मांग से लेकर कटरा के ऐतिहासिक बाज़ारों तक, और हर्रैया के ग्रामीण अंचलों से लेकर महादेवा व कप्तानगंज के कृषि बेल्ट तक, बस्ती की समझदार जनता का हर एक सियासी फैसला लखनऊ के सिंहासन के समीकरणों को सीधे प्रभावित करता है.
‘कुर्सी का काउंटडाउन’ की इस सीरीज में आज बात बस्ती जिले की...
बस्ती की राजनीति का मिज़ाज राज्य के अन्य जिलों की तुलना में बेहद संवेदनशील, विकास-आकांक्षी और चुनावी दृष्टि से अत्यंत निर्णायक माना जाता है. 5 विधानसभा सीटों (बस्ती सदर, हर्रैया, कप्तानगंज, महादेवा और रुधौली) वाला यह जिला सामाजिक, रणनीतिक और राजनीतिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण है. यहां चुनावी वैतरणी पार करने के लिए कुआनों और मनोरमा नदियों के तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ व कटान नियंत्रण, बंद पड़ी चीनी मिलों का मुद्दा व गन्ना किसानों के भुगतान की समस्या, बेहतर स्वास्थ्य तंत्र, शिक्षा-रोजगार के अवसर और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार बेहद निर्णायक सिद्ध होते हैं.
ऐतिहासिक रूप से बस्ती की राजनीति में भारतीय जनता पार्टी (BJP), समाजवादी पार्टी (SP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और कांग्रेस के बीच दिलचस्प व बहुकोणीय मुकाबला देखने को मिलता है. यहां का ब्राह्मण, कुर्मी, मौर्य, दलित व मुस्लिम सामाजिक समीकरण हर बार चुनावी नतीजों को प्रभावित करने में सबसे बड़ी भूमिका निभाता है. बस्ती की राजनीति में लंबे समय से कृषि मूल्य, रोजगार, स्थानीय विकास और सामाजिक समीकरण ही हार-जीत की दिशा तय करते आए हैं.
यहां के सियासी मैदान में मुख्य मुद्दे गन्ना किसानों की समस्याएं व समय पर भुगतान, कुआनों नदी का प्रदूषण व बाढ़ नियंत्रण, बंद पड़ी मिलों का पुनरुद्धार, पर्यटन स्थल के रूप में मखौड़ा धाम व वशिष्ठ आश्रम का विकास, और युवाओं के लिए स्थानीय रोजगार के साधनों के इर्द-गिर्द घूमते हैं. आखिर बस्ती जिले की विधानसभा सीटों का राजनीतिक इतिहास क्या कहता है? किन सीटों पर किस दल का पलड़ा भारी रहा है? और आगामी महामुकाबले में किसकी चुनावी रणनीति सटीक बैठेगी? आइये सिलसिलेवार ढंग से समझते हैं…
2011 की जनगणना के अनुसार, बस्ती जिले की कुल आबादी और साक्षरता दर
|
श्रेणी |
कुल (Total) |
पुरुष (Male) |
महिला (Female) |
|
जनसंख्या |
24,64,464 |
12,55,272 |
12,09,192 |
|
साक्षरता दर |
67.22% |
77.88% |
56.23% |
बस्ती जिले की धार्मिक आबादी
|
धर्म (Religion) |
जनसंख्या (Population) |
|---|---|
|
हिंदू (Hindu) |
20,82,976 |
|
मुस्लिम (Muslim) |
3,64,510 |
|
बौद्ध (Buddhist) |
9,850 |
|
ईसाई (Christian) |
3,493 |
|
सिख (Sikh) |
900 |
|
जैन (Jain) |
71 |
|
अन्य धर्म (Other Religions) |
86 |
2022 विधानसभा चुनाव परिणाम
|
विधानसभा सीट (Constituency) |
उम्मीदवार (Candidate) |
राजनीतिक पार्टी (Party) |
वोट (Votes) |
|---|---|---|---|
|
हर्रैया (307) |
अजय सिंह |
BJP |
88,200 |
|
|
त्रयंबक नाथ (तुलसीदास) |
SP |
69,871 |
|
|
राज किशोर सिंह |
BSP |
55,697 |
|
कप्तानगंज (308) |
काविंद्र चौधरी |
SP |
94,273 |
|
|
चंद्र प्रकाश शुक्ला |
BJP |
70,094 |
|
|
जहीर अहमद |
BSP |
40,381 |
|
रुधौली (309) |
राजेंद्र प्रसाद चौधरी |
SP |
86,360 |
|
|
संगीता देवी (संगीता प्रताप जैसवाल) |
BJP |
71,134 |
|
|
अशोक कुमार मिश्र |
BSP |
37,618 |
|
बस्ती सदर (310) |
महेंद्र नाथ यादव |
SP |
86,029 |
|
|
दयाराम चौधरी |
BJP |
84,250 |
|
|
आलोक रंजन वर्मा |
BSP |
36,429 |
|
महादेवा - SC (311) |
दूधराम |
SBSP |
83,350 |
|
|
रवि कुमार सोनकर |
BJP |
77,855 |
|
|
लक्ष्मी चंद्र खरवार |
BSP |
40,207 |
जानें इन सीटों के बारे में
हर्रैया (307): इस सामान्य सीट पर भारतीय जनता पार्टी के अजय सिंह ने सपा के त्रयंबक नाथ को हराकर अपनी जीत बरकरार रखी. यह जिला बस्ती की एकमात्र ऐसी सीट रही जहाँ 2022 में भाजपा अपना किला बचाने में कामयाब रही.
कप्तानगंज (308): यहाँ समाजवादी पार्टी के काविंद्र चौधरी ने मौजूदा भाजपा विधायक चंद्र प्रकाश शुक्ला को 24,000 से अधिक वोटों के अंतर से शिकस्त दी. इस बड़ी जीत के साथ सपा ने भाजपा से यह सीट सफलतापूर्वक छीन ली.
रुधौली (309): इस विधानसभा सीट पर सपा के राजेंद्र प्रसाद चौधरी ने भाजपा की संगीता देवी को करीब 15,226 वोटों से मात दी. आम आदमी पार्टी के पुष्करादित्य सिंह ने भी यहाँ 24,000 से अधिक वोट लेकर मुकाबले को दिलचस्प बनाया था.
बस्ती सदर (310): जिले की इस मुख्य सीट पर बेहद कड़ा और रोमांचक मुकाबला देखा गया, जहाँ सपा के महेंद्र नाथ यादव ने भाजपा के दयाराम चौधरी को मात्र 1,779 वोटों के मामूली अंतर से हराया. इस कांटे की टक्कर में जीत दर्ज कर सपा ने यहाँ अपना परचम लहराया.
महादेवा - SC (311): इस सुरक्षित (अनुसूचित जाति) सीट पर सपा गठबंधन की सहयोगी पार्टी सुभासपा के दूधराम ने भाजपा के रवि कुमार सोनकर को हराकर जीत हासिल की. त्रिकोणीय मुकाबले में बसपा के लक्ष्मी चंद्र खरवार 40,000 से अधिक वोट पाकर तीसरे स्थान पर रहे.
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