झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के खिलाफ शुरू हुआ आंदोलन अब एक बड़े जन-आंदोलन का रूप ले चुका है। सोमवार को अभ्यर्थियों का यह विरोध प्रदर्शन छठे दिन में प्रवेश कर गया। रांची का जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम अब दिल्ली के ऐतिहासिक जंतर-मंतर की तर्ज पर आंदोलित नजर आ रहा है, जहाँ सैकड़ों छात्र तिरंगा लहराते हुए राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं। इस प्रदर्शन को 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) का भी समर्थन मिल चुका है।
CJP का खुला समर्थन, सोशल मीडिया पर उठाई आवाज
देश भर में छात्रों के मुद्दों पर मुखर रहने वाली CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर लिखा, "मैंने झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठा रहे अभ्यर्थियों से बात की है। CJP पूरी मजबूती के साथ झारखंड के सभी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी जायज मांगों का समर्थन करती है।"
सोनम वांगचुक की तर्ज पर छात्र नेता का अनशन
बापू वाटिका से शुरू हुआ यह आंदोलन अब विशाल रूप ले चुका है। जिस तरह शिक्षा प्रणाली में सुधारों को लेकर सोनम वांगचुक ने 26 दिनों तक भूख हड़ताल की थी, उसी तर्ज पर छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठ गए हैं। वे इस आंदोलन का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं और उनकी स्पष्ट मांग है कि कथित गड़बड़ियों के कारण 14वीं JPSC परीक्षा को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए।
प्रदर्शनकारी का कहना है: सरकार को जगाने के लिए हम जाग रहे हैं
छात्रों के गुस्से और चल रही भूख हड़ताल के अलावा, जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में आकर्षक नारे गूंज रहे थे, जो दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुने गए नारों की याद दिलाते थे।
इंडिया टुडे के संवाददाता सत्यजीत कुमार ने इसे खुद देखा। जब वे प्रदर्शनकारियों में से एक के पास पहुँचे और पूछा कि भारी बारिश और बिजली कड़कने जैसे खराब मौसम के बावजूद वे कैसे डटे हुए हैं, तो प्रदर्शनकारी ने कहा, "बारिश के मौसम में झारखंड के आसमान पर भले ही मॉनसून के बादल छाए हों, लेकिन भ्रष्टाचार के काले बादलों ने राज्य के छात्रों के भविष्य पर साया डाल दिया है। हमारा आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक ये बादल छंट नहीं जाते।"
कई प्रदर्शनकारियों ने इंडिया टुडे को बताया कि जब तक सरकार की अंतरात्मा नहीं जाग जाती, तब तक वे सोएंगे नहीं। उन्होंने इंडिया टुडे से कहा, "अब हम सरकार को जगाने के लिए खुद जाग रहे हैं।"
Continue reading on the app
नयी दिल्ली, तीन अगस्त कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कई अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर सोमवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया तथा गृह मंत्री अमित शाह से जवाब देने की मांग की। विपक्षी सांसद संसद भवन के मकर द्वार के निकट एकत्र हुए और अमित शाह जवाब दो के नारे लगाए। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाद्रा, समाजवादी पार्टी के नेता धर्मेंद्र यादव और कई अन्य नेता इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता रामगोपाल यादव ने कहा, राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी से लोगों की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए। विपक्षी दलों का कहना है कि राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी के मामले और छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर सरकार को संसद के भीतर और बाहर अपना पक्ष स्पष्ट करना चाहिए।
उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह से छात्रों के मुद्दे पर जवाब देने की मांग की।
Continue reading on the app