Bank Account में रजिस्टर्ड Mobile Number घर बैठे बदलें, Net Banking से ऐसे करें अपडेट
आज के समय में बैंकिंग सुविधा में हमारे डेली लाइफ को बेहतरीन बना दिया है। असल में बैंक अकाउंट से सही मोबाइल नंबर लिंक होना काफी जरुरी होता है। बैंकिंग से संबंधित OTP, ट्रांजैक्शन अलर्ट, UPI वेरिफिकेशन और कई जरुरी अपडेट रजिस्टर्ड नंबर पर ही मिलते हैं।
अगर आपका पुराना मोबाइल नंबर बंद हो गया है या फिर खो गया है या आपने नया नंबर खरीद लिया है, तो बैंक रिकॉर्ड में नया नंबर अपडेट कराना काफी जरुरी है।
लेकिन इस काम के लिए अब आपको बैंक जाने की कोई जरुरत नहीं है। कई बैंक ग्राहकों को इसके लिए ऑनलाइन सुविधा ऑफर करते हैं लेकिन बैंक के नियम और उपलब्ध ऑप्शन अलग-अलग हो सकते हैं। चलिए आपको बताते हैं कि यदि नंबर अपडेट नहीं है, तो क्या दिक्कत होगी।
नंबर अपडेट नहीं है तो क्या होगा?
यदि आप बैंक में गलत या पुराना नंबर लिंक है, तो इस वजह से आपको अकाउंट में होने वाले लेन-देन का अलर्ट नहीं मिलेगा। कुछ बैकिंग सर्विस में तो OTP की बिल्कुल जरुरत नहीं होती है, ऐसे में पुराना नंबर बंद होने पर दिक्कत हो सकती है। यह बिल्कुल जरुरी है कि नंबर चेंज करने के बाद बैंक रिकॉर्ड में नया नंबर अपेडट करना काफी जरुरी है।
बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कैसे बदलें?
- सबसे पहले आप बैंक की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं और Net Banking में लॉगइन करें।
- अब Profile, Personal Details या Contact Information जैसे सेक्शन में जाएं।
- यहां मोबाइल नंबर बदलने का ऑप्शन दिखाई दे सकता है।
- इधर नया नंबर दर्ज करने के बाद बैंक द्वारा मांगा गया वेरिफिकेशन पूरा करें।
- वहीं, कुछ बैंक्स पुराने नंबर, OTP, डेबिट कार्ड या अन्य डिटेल्स के जरिए वेरिफाई करते हैं।
Mobile Banking App से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कैसे बदलें?
वैसे आज के समय में बैंक ने अपने मोबाइल एप में भी ग्राहक की प्रोफाइल और कॉन्ट्रैक्ट डिटेल चेंज करने की सुविधा देते हैं। एप में लॉगइन करने के बाद Profile, Settings या Personal Details सेक्शन चेक करें। यदि मोबाइल नंबर अपडेट का ऑप्शन मौजूद है, तो नया नबंर एंटर कर सकते हैं और फिर बैंक के बताए गए इंस्ट्रक्शन के मुताबिक वेरिफिकेशन को पूरा किया जा सकता है।
RJD Protests in Ranchi: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर निर्वाचन आयोग के अंदर मतभेद की सामने आई खबर को लेकर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के कार्यकर्ताओं ने यहां विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान राजद कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार का पुतला फूंका और उनके इस्तीफे की मांग की। शनिवार को रांची के अल्बर्ट एक्का चौक पर विरोध प्रदर्शन के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं ने आयोग पर चुनावों में भाजपा को अनुचित लाभ पहुंचाने का आरोप लगाया।
राजद के प्रदेश उपाध्यक्ष श्याम दास सिंह ने आरोप लगाया, “बिहार, बंगाल और अन्य राज्यों में जन भावनाएं भाजपा के खिलाफ थीं। लेकिन सीईसी ज्ञानेश कुमार ने चुनावों को प्रभावित करने और भाजपा की जीत सुनिश्चित करने के लिए मतदाता सूचियों में हेरफेर कराया।” उन्होंने कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। यह घटनाक्रम इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर के बाद सामने आया, जिसमें दावा किया गया था कि निर्वाचन आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार उन फैसलों और आदेशों पर आधिकारिक तौर पर आपत्ति जताई थी, जो उनकी जानकारी के बिना जारी किए गए थे, जबकि एसआईआर का राष्ट्रीय स्तर पर क्रियान्वयन पूर्ण आयोग की देखरेख में हो रहा था।
राजद नेता सिंह ने आरोप लगाया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान बिहार में करीब 65 लाख और बंगाल में करीब 27 लाख लोगों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए। राजद की उपाध्यक्ष अनीता यादव ने आरोप लगाया, राजनीतिक दलों की ओर से ईवीएम की विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठाए जाने के बावजूद कुमार पूरी तरह उदासीन रहे। उन्होंने न केवल एसआईआर प्रक्रिया और ईवीएम के साथ छेड़छाड़ की, बल्कि मतदान हो जाने के बाद वोट प्रतिशत में बदलाव की साजिश भी रची।
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