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उज्जैन के माधव कॉलेज में गणेश विसर्जन पर विवाद, NSUI ने लड्डुओं का भोग लगाकर उतारी प्राचार्य की आरती

उज्जैन के माधव कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय में शुक्रवार को गणेश विसर्जन के दौरान एक बहुत ही अलग नजारा देखने को मिला। दरअसल यहां गणेश आरती और विसर्जन को लेकर कॉलेज प्रशासन और एनएसयूआई के बीच विवाद देखने को मिला।

इसके बाद एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने जो किया वह हैरान करने वाला था। यह सभी अपने हाथों में लड्डू की ट्रे लेकर प्राचार्य डॉक्टर कल्पना सिंह के केबिन में पहुंचे। यहां इन्होंने प्राचार्य को लड्डुओं का भोग लगाकर आरती उतार दी। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि गणेश प्रतिमा का विसर्जन एबीवीपी से कराया गया।

क्यों हुआ विवाद

इस मामले को लेकर अलग-अलग पहलू सामने आ रहे हैं। इनमें से एक यह है कि एनएसयूआई का कहना है कि कॉलेज परिसर में हर साल गणेश प्रतिमा स्थापित होती है। इस साल प्राचार्य ने यह कहा था कि किसी भी राजनीतिक संगठन की तरफ से आयोजन नहीं होगा। कॉलेज प्रशासन और विद्यार्थी इसमें शामिल होंगे। इसकी सहमति भी दे दी गई थी। शुक्रवार को जब अनंत चतुर्दशी पर महाआरती के लिए ढोल और डीजे की अनुमति मांगी गई। तब प्राचार्य ने अनुमति देने से मना कर दिया। इतना ही नहीं बाहरी नेताओं और संगठनों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई।

एबीवीपी से कराया विसर्जन

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं का कहना है कि एबीवीपी के पदाधिकारी को बुलाकर गणेश जी की आरती करवाई थी यह प्रतिमा विसर्जित करवा दी गई। इसकी जानकारी मिलने पर NSUI के कार्यकर्ताओं ने विरोध किया और प्राचार्य की प्रतीकात्मक आरती उतारी और उन्हें लड्डुओं का भोग लगाया।

वीडियो आया सामने

इस पूरे मामले का एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें एनएसयूआई के कार्यकर्ता प्राचार्य के कक्ष में प्रवेश लेकर दिखाई दे रहे हैं। पीछे से एक शख्स की आवाज आ रही है जो यह बोल रहा है कि माधव महाविद्यालय में गणेश जी का कार्यक्रम आयोजित किया गया था जिसमें एसटी एससी के विधार्थी पूजा करने वाले थे। लेकिन बाहर के लोगों से पूजा करवा दी गई और प्रतिमा भी चुरा कर ले गए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने एक-एक कर प्राचार्य की आरती उतारी।

जांच करेगी अनुशासन समिति

इस पूरे मामले में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर कल्पना सिंह का कहना है कि कॉलेज ने जिला प्रशासन द्वारा तय की गई गाइडलाइन का पालन किया है। किसी भी संगठन के पदाधिकारी ने कॉलेज में प्रवेश नहीं किया सभी छात्र थे। NSUI से जुड़े नेताओं और छात्रों ने हंगामा किया। अब अनुशासन समिति इस मामले की जांच करेगी। दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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‘मीटिंग में जाना है’ बोलकर निकल गए नेताजी! नीमच के रावण रुंडी में ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

मध्य प्रदेश के नीमच जिले के रावण रुंडी गांव से जनप्रतिनिधियों की संवेदनहीनता का एक हैरान करने वाला वीडियो सामने आया है। गांव में आयोजित एक भूमि पूजन कार्यक्रम के दौरान जब परेशान ग्रामीणों ने विधायक और नगर पालिका अध्यक्ष के सामने हाथ जोड़कर अपनी समस्याएं रखनी चाहीं, तो नेताओं ने उनकी बात सुनने के बजाय मीटिंग का हवाला देकर पल्ला झाड़ लिया। इस रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

कीचड़ से गुजरने को मजबूर स्कूली बच्चे

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की गलियों में चारों तरफ कीचड़ और गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिससे होकर छोटे-छोटे स्कूली बच्चों को हर रोज गुजरना पड़ता है। कार्यक्रम में पहुंचे विधायक दिलीप सिंह परिहार, नगर पालिका अध्यक्ष स्वाति चोपड़ा और स्थानीय पार्षद राकेश किलोरिया के सामने ग्रामीणों ने गिड़गिड़ाते हुए गांव की मुख्य गली और स्कूल तक पक्की सड़क बनवाने व सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने की गुहार लगाई थी।

‘ऐसी जनसेवा किस काम की?’ वायरल वीडियो में नेताओं से तीखे सवाल

सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इस वीडियो में ग्रामीण खुलकर अपनी भड़ास निकालते नजर आ रहे हैं। आक्रोशित लोगों का कहना है कि जब चुनाव जीतने के बाद भी जनता को बुनियादी सुविधाएं जैसे सड़क और सफाई नहीं मिल सकती, तो ऐसे जनप्रतिनिधि आखिर किस काम के हैं? जब भी कोई आयोजन होता है तो नेता सिर्फ फोटो खिंचवाने पहुंच जाते हैं, लेकिन जनता की तकलीफों से उन्हें कोई सरोकार नहीं रहता।

भूमि पूजन तो हो गया, लेकिन स्कूल तक पक्की सड़क कब बनेगी?

अब रावण रुंडी गांव के निवासी प्रशासन और नेताओं से सीधा सवाल पूछ रहे हैं कि भूमि पूजन का ढोंग तो हो गया, लेकिन हमारे बच्चों के स्कूल जाने का रास्ता कब सुधरेगा? ग्रामीणों ने साफ लहजे में कहा है कि अगर जल्द ही गांव की गलियों में सड़क निर्माण और सफाई का काम शुरू नहीं कराया गया, तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर क्षेत्र में नेताओं की खूब किरकिरी हो रही है।

कमलेश सारडा की रिपोर्ट

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वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन वनडे मैचों की सीरीज के पहले मुकाबले में टीम इंडिया ने 8 विकेट से धमाकेदार जीत हासिल की. भारतीय टीम के लिए विराट कोहली और कप्तान शुभमन गिल ने शतक लगाया. हालांकि, इस दमदार प्रदर्शन के बावजूद विराट और गिल की जगह कुलदीप यादव प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया. इस पर कुलदीप ने विराट और गिल का नाम लेते हुए झिझक जाहिर की. Mon, 28 Sep 2026 08:58:43 +0530

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